Thursday, December 18, 2014

पंचायत चुनावों की प्रक्रिया का एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न


कटनी/  जिला पंचायत सभागार में आज प्रातः 11 बजे से त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के तहत आर.ओ/ए.आर.ओ का एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विकास सिंह नरवाल ने इस अवसर पर उपस्थित सभी आर.ओ/ए.आर.ओ को प्रशिक्षण प्रदान करते हुये कहा कि वे राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशो का पालन करें। निर्वाचन की प्रत्येक प्रक्रिया को भलि भांति समझे और उप पर त्वरित अमल करें। मतदान दलो के प्रशिक्षण के दौरान भी आवश्यक व्यवस्थायें करायें।
        सिंगल विन्डोज सिस्टम एवं कन्टोªल रूम व्यवस्था अदेय प्रमाण पत्र तैयार करने हेतु विकास खण्ड मुख्यालय में स्थापित करे । नाम निर्देशन कार्यवाही की तैयारी सूचना पटल , फ्लेक्स, प्रचार प्रसार , एआरओ की बैठक व्यवस्था एवं नियुक्ति व स्टाप उपलब्ध कराते हुये टी.टी से संबंधित व्यवस्था करायेंगे।
        यूआरएल में आरओ डायरी का अपडेशन करें। प्रपत्र 25 , 26 एवं 29 क्रमशः एमसीसी , कम्पलेन्ट , प्रतिबंधात्मक कार्यवाही प्रतिदिन भरी जावे। बल्नरेबिल्टी एवं क्रिटिकल मेपिंग की जानकारी प्रपत्र 1 व 2 में तत्काल देवें जिससे यूआरएल में फीडिंग करायी जा सके। मतदान दलो के प्रशिक्षण के दौरान सभी तरह की आवश्यक व्यवस्थाये सुनिश्चित करायेंगे । मतदान केन्द्रो की अपडेटेड जानकारी मतदाता संख्यावार उपलब्ध करावें । एवं आरओ/एआरओ यह सुनिश्चित करें कि प्रतिदिन उपजिला निर्वाचन कार्यालय में सम्पर्क कर उनका कर्मचारी आवश्यक सूचनायें डाक एवं निर्देश प्राप्त करें।
        आरओ/एआरओ को एडीएम  दिनेश श्रीवास्तव , जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ केडीत्रिपाठी , उपजिला निर्वाचन अधिकारी  जितेन्द्र सिंह एवं मास्टर ट्रेनर्स द्वारा भी प्रशिक्षण तैयार किया गया । अवसर पर सभी अनुविभाग के अनुविभागीय अधिकारीगण , सभी तहसीलदार एवं अन्य सभी संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

ISRO ने लॉन्च किया GSLV मार्क 3, अब इंसान को अंतरिक्ष में भेजना होगा आसान

भारत अब तक के अपने सबसे वजनी और अगली पीढ़ी के रॉकेट 'भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान' (जीएसएलवी-मार्क3) का गुरुवार 18 दिसंबर को परीक्षण हुआ. इस लॉन्च के साथ ही इंसान को अंतरिक्ष भेजना आसान हो जाएगा. यह यान अपने साथ क्रू मॉड्यूल भी लेकर जाएगा, लेकिन यह मानव रहित होगा.
वहीं, इसके लॉन्च के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैज्ञानिकों को बधाई दी.
श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक एम. वाई. एस प्रसाद ने बताया, 'रॉकेट के परीक्षण की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. परीक्षण से संबंधित सभी काम पूरे किए जा चुके हैं. रॉकेट का परीक्षण गुरुवार सुबह 9.30 बजे हुआ.' प्रसाद ने बताया कि 630 टन वजनी इस रॉकेट को तरल एवं ठोस ईंधन से ऊर्जा दी गई. उन्होंने बताया कि रॉकेट लांच की उल्टी गिनती के दौरान रॉकेट के तरल ईंधन इंजन में ईंधन भरा गया और निष्क्रिय क्रायोजेनिक इंजन को तरल नाइट्रोजन से भरा गया. प्रसाद ने इससे पहले बताया कि रॉकेट की इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली को बुधवार देर रात एक बजे चालू गया. इस प्रायोगिक अभियान में 155 करोड़ रुपये की लागत आई है. परीक्षण में रॉकेट के साथ उपग्रह नहीं भेजा गया, क्योंकि वास्तविक क्रायोनिक इंजन इस समय निर्माणाधीन है. लगभग चार टन वजनी उपग्रह को अंतरिक्ष में ले जाने के लिए तैयार किए गए रॉकेट को ऊर्जा आपूर्ति करने वाला वास्तविक क्रायोजेनिक इंजन इस समय निर्माणाधीन है और इसके दो सालों में तैयार हो जाने की उम्मीद है.
रॉकेट के साथ भेजे गए क्रू मॉड्यूल का परीक्षण इसके पुन:प्रवेश उड़ान और पैराशूट प्रणाली के सत्यापन के लिए किया गया. परीक्षण अभियान के तहत अंतरिक्ष में 126 किलोमीटर ऊंचाई तक पहुंचने के बाद रॉकेट क्रू माड्यूल कैप्सूल को अलग कर देगा और इसके 20 मिनट बाद क्रू माड्यूल कैप्सूल पोर्ट ब्लेयर से 600 किलोमीटर एवं अंतरिक्ष केंद्र से 1,600 किलोमीटर दूर बंगाल की खाड़ी में गिरेगा, जहां से भारतीय तट रक्षक या भारतीय नौसेना के जहाज उसे तट तक लाएंगे.
चार टन वजनी क्रू मॉड्यूल का आकार किसी विशाल कप केक के जैसा है, जो ऊपर से काले और बीच से भूरे रंग का है. भारत अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के एक अधिकारी ने बताया कि यह किसी छोटे शयनकक्ष के आकार का होगा, जिसमें दो या तीन लोगों की जगह होगी. प्रसाद ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से क्रू माड्यूल को लाने के बाद इसे पहले एन्नोर बंदरगाह पर लाया जाएगा और वहां से इसे श्रीहरिकोटा पहुंचाया जाएगा. श्रीहरिकोटा से क्रू मॉड्यूल को तरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) लाया जाएगा.

Wednesday, December 17, 2014

भारत पर भी हो सकता है आतंकी हमला, आईएस कर सकता है मदद : राजनाथ सिंह

नई दिल्ली: सिडनी और पाकिस्तान में हुए हमले के बाद गृहमंत्रालय ने सभी राज्यों को सतर्क किया है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पत्रकारों को बताया है कि भारत में जिस तरह आईएस अपनी जड़ें फैला रहा है, यह चिंताजनक बात है और उसके समर्थक यानी प्रभावित युवा भी आतंकी हमला कर सकते हैं।

गृहमंत्रालय ने इसे लेकर सभी राज्यों में अलर्ट जारी किया है और सभी राज्यों को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के आने तक यानी जनवरी के अंत तक सतर्क रहने को कहा गया है।

गृहमंत्रालय ने राज्यों को सिमी के पांच भागे हुए समर्थकों के लिए आगाह किया है कि ये लोग लश्कर और इंडियन मुजाहिदीन की मदद से आतंकी हमले को अंजाम दे सकते हैं इसलिए सभी राज्यों को मिलकर एक्शनेबल इंटेलिजेंस पर काम करने की जरूरत है।

राज्यों को कड़े शब्दों में कहा गया है कि जहां-जहां भीड़भाड़ रहती है, वहां अपनी ज्यादा मौजूदगी दिखाएं। संवेदनशील जगहों पर क्वीक रिएक्शन टीम तैनात करें और अपना असला भी रूटीन में चेक करवाते रहें।

मॉक ड्रील्स भी करवाएं ताकि शहरों में अलग-अलग एजेंसियों में तालमेल बढ़े और किसी तरह की ढिलाई न दिखाई दे। दिल्ली को महफूज बनाना हमारी जिम्मेदारी है। दिल्ली के पुलिस कमिश्नर भीम सेन बस्सी का कहना है कि बहरहाल खतरा काफी रियल है इसलिए न सिर्फ पुलिस को बल्कि आम नागरिकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि पुलिस हर समय हर जगह मौजूद नहीं हो सकती।

Sunday, December 14, 2014

बीट व्यवस्था के बाद भी नहीं दिखती पुलिस, गली गली में घूम रहे असामाजिक तत्व

कटनी - जिले में पुलिस बीट व्यवस्था लागू तो कर दी गई है पर जमीनी स्तर पर यह कहीं नजर नहीं आती, बीट प्रभारियों के फ़ोन नंबर तक किसी स्थान पर नजर नहीं आते और न ही आम जनों से संपर्क संवाद स्थापित करने कोई पहल हुई है, नतीजतन असामाजिक तत्व निष्फिक्र  होकर अपनी अवैध गतिवििधियो को अंजाम देते रहते है, ज्यादा नहीं मैं सिर्फ अपने आस पास हो रही कुछ ऐसी गतिविधियों पर प्रकाश डाल रहा हूँ जिससे शांतिप्रिय नागरिक अक्सर परेशान होते है और पुलिस व्यवस्था को लेकर सवाल भी खड़ा करते है क्योंकि शाम ढ़लने के बाद असामाजिक लोग शराब की बोतल और डिस्पोजल गिलास लेकर सड़क से लगी गलियों में बैठकर शराब खोरी करते है जिससे वहाँ से आने जाने वाली महिलायें - बच्चे आदि सहम से जाते है, कुछ खुले आम गांजा पीते रहते है और नशे की हालत में गन्दी गन्दी गालियां बकते है, आम नागरिक यह देख झगडे झंझट के डर से मन मसोस कर रह जाते है, इसी तरह कुछ लोग मोबाइल पर बात करने के बनाने टहलते हुए लोगो के घरों में ताक झाँक भी करते रहते है और कोई उन्हें कुछ बोले तो कहते है कि तुम्हारे घर में घुस तो नहीं आएं है ? कहने को भले ही यह कोई बड़े गंभीर अपराध न हो पर ऐसी बाते ही आम तौर पर शांति प्रिय नागरिको के मन में क़ानून व्यवस्था का चेहरा निर्मित करती है और ऐसी गतिविधियाँ ही बाद में होने वाले किसी बड़े अपराध का कारण भी बन जाती है इसलिए पुलिस प्रशासन को चाहिए कि ऐसे असामाजिक तत्वों के प्रति सख्ती दिखाए और आम जन से सीधा संपर्क स्थापित करे जिससे ऐसी गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देने में नागरिक हिचकिचाये नहीं अन्यथा जैसा नजर आ रहा है वैसा माहौल तो कतई भी अच्छा नहीं कहा जा सकता बल्कि अपराधों की पृष्ठभूमि ही निर्मित करता है.