Friday, July 26, 2013

मध्य प्रदेश में तीसरी बार शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में बनेगी सरकार

( प्रबल सृष्टि )  काँग्रेस चाहे लाख कोशिशें कर ले फिर भी वह मध्य प्रदेश में सरकार नही बना पायेगी, मेरा यह दावा पक्षपात से भरा नही बल्कि आम जनता की राय के अनुसार है. पिछले दो माह के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों के क़रीब एक सैकड़ा से अधिक लोगो से जब मैंने प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी ? इस बारे में बात की तो यह बात  उभर कर सामने आई कि आमतौर पर सरकार तब बदली जाती है जब लोग व्यवस्था से तंग हो, लेकिन प्रदेश में ऐसी किसी भी स्थिति से लोग इंकार करते है. आम लोग बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को पूर्ववर्ती सरकारों से बेहतर बताते है, मोटे तौर पर जनता प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से प्रभावित भी दिखती है, हां प्रशासनिक अधिकारियों की लालफीताशाही पर जनता जरूर कुछ खफा भी नजर आती है, जिसपर लगाम कसना उन्हें मुख्यमंत्री से अपेक्षित भी है.

मध्य प्रदेश की बागडोर मुख्यमंत्री के रुप में जब से शिवराज सिंह चौहान ने सम्भाली तब से प्रदेश प्रगति की राह् पर लगातार चल रहा है, इससे पहले का क्या जिक्र करना ? यह सभी जानते है कि प्रदेश की हालत तब क्या थी और अब क्या है. सामाजिक सरोकारों  को महत्व देते हुए जो कार्य प्रदेश में जारी है उन्हें अब राष्ट्रीय स्तर पर भी महसूस किया जाने लगा है. खेती को लाभ का धंधा बनाने इन्होंने कोई कसर नही छोड़ी, जिसका नतीजा यह हुआ कि देश के राष्ट्रपति ने प्रदेश को कृषि कर्मण पुरस्कार प्रदान किया. मुख्यमंत्री ने इसका श्रेय प्रदेश के किसानों को दिया, उल्लेखनीय यह भी है कि प्रदेश की कृषि विकास दर 18 प्रतिशत से ज्यादा है और यह अन्य प्रदेशों की तुलना में कही ज्यादा है.

मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जहां किसानों को कृषि कार्य के लिए शून्य प्रतिशत की ब्याज दर पर कर्ज़ मिल रहा है, कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय यह भी है कि इन नौ वर्षो में सिंचाई के रकवे में तीन गुना वृद्धि हो गई है जो की इस दिशा में उठाये गए कारगर  कदमों का ही परिणाम है. जैविक खेती में तो प्रदेश को देश का सर्वाधिक कृषि क्षेत्र होने का गौरव प्राप्त है और इससे अभी और असीम  संभावनाएँ है, हरित्‌ क्रांति के पूर्व तो देश में जैविक खेती ही होती थी. यह वो तथ्य है जिनसे किसान बेहद खुश है वे तो अब खेती के परंपरागत तरीकों  को महत्व देने लगे है .

मै वैसे खेती किसानी के बारे में ज्यादा कुछ तो नही जानता पर ग्रामीण किसानों के चेहरे पर खुशी तो महसूस कर ही सकता हूँ, हम लोग शहर में रहते है खेतों से वास्ता ज्यादा भी नही पड़ता लेकिन प्रदेश का मुख्यमंत्री अगर खेती किसानी को समझता है और प्रदेश के भविष्य को सँवारने के लिए वर्तमान में वह लगातार कारगर कदम उठाता जाता है तो गाँव शहर की तस्वीर निस्संदेह और भी खूबसूरत, खुश्हाल और स्वस्थ जीवन से भरपूर होती जायेगी, प्रदेश के सभी गाँव और शहरों की तस्वीर इन 9 वर्षो में बदल गई है अब लोगो का ऐसा विश्वास हो चला है कि प्रदेश सबसे मज़बूत राज्य बन जायेगा.

ऐसा नही है कि सब इतना आसान है इसमे भी कुछ भ्रष्ट और लापरवाह जन अपनी मनमर्जी जरूर करते है जिसका प्रभाव भी कुछ जरूर पड़ता है लेकिन लोगो को मुख्यमंत्री से इसे लेकर उम्मीद है कि ऐसे लोगो को तीसरी पारी में ठिकाने लगा देंगे और इसमे उन्हें कोई दिक्कत भी नही होनो चाहिए, इस बात को पुनः में दोहरा देता हूँ कि प्रदेश में तीसरी बार शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा की सरकार  बनने जा रही है और यही सच है और सच को बदला  नही जा सकता है, सच को तो स्वीकारना पड़ेगा.      

Monday, July 08, 2013

जिले में महामारी न फैले, स्वास्थ्य विभाग ने उठाये है कदम, जनता भी रहे जागरूक

कटनी -  पिछले साल बारिश के मौसम में जिले में कुछ जगहों पर महामारी फैली थी, इसको ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिला और विकास खण्ड स्तर पर महामारी नियंत्रण केन्द्र की स्थापना कर स्वास्थ्य से जुड़ी अप्रिय स्थितियों से निपटते कमर कस  ली है. बारिश के मौसम में ध्यान देने वाली बात यह भी रहती है कि जलप्रदूषण एवं वातावरण में नमी बढ़ जाने से अनेक प्रकार की संक्रामक बीमारियाँ फैलने की संभावना बढ़ जाती है, ज्यादातर बीमारियाँ जागरूकता के अभाव से फैलती है, अगर इस दिशा में समय रहते कुछ बातों पर ध्यान भर दिया जाए तो इसे रोका जा सकता है .जिले के स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी के तहत बीमारियों के प्रसार को रोकने एवं महामारी से निपटने के लिये सभी अधीनस्थ स्वास्थ्य संस्थाओं में चिकित्सा  व्यवस्था एवं आपदा नियंत्रण संबंधी तैयारी कर दी गई है। 
जिला मुख्यालय एवं सभी विकासखण्डो में 24 घंटे संचालित होने वाला कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है जिसमें नियमित रूप से कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई हैं, जनता से अपील है कि किसी भी प्रकार की महामारी फैलते ही इसकी सूचना अपने विकासखण्ड के महामारी नियंत्रण कक्ष में तत्काल देवें. विकासखण्ड महामारी नियंत्रण कक्ष का फोन नं. इस प्रकार है- कन्हवारा 07622269275, बड़वारा 9479900257, बहोरीबंद 9479898340, विजयराघवगढ़ 9479897095, रीठी 9630065961, उमरियापान 9302503456,8965562920, कटनी मुख्यालय 07622-231102 है. 
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा यह भी जानकारी दी गई है, कि सभी डिपोहोल्डर्स के पास आवश्यक दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में महामारी की रोकथाम हेतु उचित प्रसार-प्रसार की समाग्री, ग्रामीणों को स्वास्थ्य शिक्षा, साथ ही संभावित अस्थाई राहत शिविरों हेतु मेडिकल टीमों का गठन का चिकित्सा व्यवस्था एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम की पर्याप्त व्यवस्था की गई. मलेरिया एवं अन्य मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम हेतु दवाईयों का छिड़काव किया जाना साथ ही आवश्यक जीवनरक्षक दवाईयों की पर्याप्त मात्रा में सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्ध सुनिश्चित की गई है. नोडल आफीसर को परिस्थिति की गंभीरता से सजग रहने एवं प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा हेतु अस्थाई चिकित्सालय खालेने की व्यवस्था हेतु निर्देश दिए गए है .
जिला चिकित्सालय में 50 अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था की गई है, मैदानी कार्यकर्ता से लेकर चिकित्सकों की उपस्थिति एवं उनके कार्यक्षेत्र सुनिश्चित कर आवश्यकतानुसार पर्यवेक्षकों की संख्या बढ़ाने हेतु निर्देशित किया गया है. वर्षा ऋतु में मार्ग अवरूद्ध  होने की संभावना वाले ग्रामों मे कम से कम तीन माह के लिये दवाईयों की उपलब्धता तथा जिला एवं  विकासखण्ड स्तर पर विभिन्न काम्बेट टीम को किसी भी परिस्थिति में अलर्ट रहने हेतु निर्देशित कर मच्छरों की उत्पत्ति को रोकने के लिये रूके हुए पानी के निष्कासन एवं गड्ढ़ों में एकत्रित पानी में आशा कार्यकर्ताओं को उन स्थानों पर  तेल डालने हेतु निर्देशित किया गया है। पेय जल के स्त्रोत जैसे कुआ हैण्डपंप की शुद्धिकरण के लिए हेतु आशाओ के पास पर्याप्त मात्रा मे दवाईयों उपलब्ध कराई गई है तथा पेयजल स्त्रोंतो के आस-पास सफाई कराने बजट उपलब्ध कराया गया है। 

पुनर्वास भूमि समस्या निर्णायक सुलझाने, मुख्यमंत्री जी सिर्फ़ आप से है एकमात्र आशा

कटनी ( मध्य प्रदेश ) अखंड भारत देश के विभाजन की त्रासदी का दर्द आज भी सिंधी समाज को भुगतना पड़ रहा है, यह दर्द क्या है इसे सिर्फ़ वही अच्छी तरह से समझ सकते है जिन्होंने उस दौर को भीषण परिस्थितियों के बावजूद गुज़ारा है, विभाजन के कठिन हालात में अपना घर-मकान, खेती - व्यवसाय सब कुछ छोड़ कर पश्चिमी पाकिस्तान से विस्थापित परिवारों को भारत देश के अलग अलग शहरों में पुनर्वास नीति के तहत बसाया गया था. म प्र के कटनी जिले (तब जबलपुर जिला ) में तत्कालीन केन्द्र सरकार ने 399 एकड़ भूमि विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए दी थी, जिसके पट्टे 1976, 1979, 1983 आदि के वर्षो में दिए भी गए लेकिन बाद में यह संपूर्ण प्रक्रिया ही ठंडे बस्ते में दल दी गई, जिसकी वजह से आज भी तरह तरह की समस्याओं का सामना हजारों परिवारों को करना पड़ता है. 

म्र प्र के यशस्वी और दूसरों के दर्द को समझने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से " प्रबल सृष्टि " व्यापक जनहित में यह जनअपेक्षा करता है कि आप इस और ठोस और निर्णायक कार्यवाही करते हुए, वर्षो से लंबित समस्या का समाधान अब अवश्य करेंगे . पूर्व की काँग्रेस सरकारें इस समस्या को सुलझाने में नाकाम रही है या इसे साफ़ तौर पर कहे तो लंबित पुनर्वास समस्या सुलझाने में कभी गंभीरता बरती ही नही गई है. 

मुख्यमंत्री जी आप पर समाज का विश्वास स्थापित है, विस्थापन के बाद इस भूमि पर लोगो ने अपना अपना घर - संसार बसाया है, व्यवसाय - उद्योग आदि स्थापित कर ख़ुद और दूसरे हजारों जनों को रोजगार भी दिया है, भूमि से सबका भावनात्मक सम्बन्ध जुड़ा हुआ है, अब हजारों परिवारों की एकमात्र आशा की किरण सिर्फ़ आप ही है, आपमें पूरे प्रदेश की जनता को खुशहाल रखने की क्षमता है, कटनी के माधव नगर में बसे हजारों सिंधी परिवार आप  से ही यह अपेक्षा रखते है कि आप उन्हें भूमि के सम्बन्ध में कोई स्थाई हक दे जिससे वे इस और बेफिक्र होकर प्रदेश के विकास में अपना सहयोग अपने तरीके से दे सके