Friday, June 28, 2013

संसदीय गरिमा को उन्होंने है बढ़ाया - विधानसभा अध्यक्ष श्री ईश्वरदास रोहाणी के जन्म-दिन 30 जून पर विशेष



मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री ईश्वरदास रोहाणी जीवन के 67 बसंत देखने के बाद 30 जून को 68 वे वर्ष में प्रवेश कर रहे है।  मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर से जुड़े श्री रोहाणी ने विधानसभा अध्यक्ष के रूप में अपने संसदीय ज्ञान वाकपटुता, हाजिरजवाबी और विद्वता से संसदीय गरिमा में व्रद्धि की है। उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश विधानसभा की गिनती ऐसी विधानसभाओं में होने लगी है, जहा  आम सहमति से कार्य संपादित होते है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधानसभा में तनाव के क्षण आते ही रहते हे और अनेक ऐसे मुद्दे होते है जिन पर बहुत गरमा-गरमी हो जाती है। ऐसे नाजुक क्षण में सदन का संचालन बिना तनाव लिये और बिना तनाव दिये करना बहुत कुशलता की बात है। श्री रोहाणी ने अपने इस गुण का बखूबी परिचय दिया है सभी राजनीतिक दलों के विधायक श्री रोहाणी की कार्यकुशलता और सहजता के कायल है। सार्वजनिक जीवन के लगभग 4 दशक पूरा करने वाले श्री ईश्वरादास रोहाणी के मन में हमेशा आम आदमी की पीड़ा रही है। विधानसभा की कार्यवाही के संचालन के दौरान अनेक मौको पर इसकी झलक देखने को हमे मिलती है। वे आम आदमी से जुडे़ मुद्दों  को उठाने वाले विधायकों को सहयोग करने में कोई कोताही नहीं बरतते है। अनेक बार ऐसे मौके आते है जब वे इसके लिये संसदीय नियमों को भी दरकिनार करने में नहीं हिचकते।


 श्री रोहाणी का सार्वजनिक जीवन ऐसी है कि वे युवाओं के लिये प्रेरणा-स्त्रोत बने हुए है। 30 जून 1946 को अविभाजित भारत के प्रमुख नगर कराची में जन्में श्री ईश्वरदास रोहाणी का गहरा नाता संस्कारधानी जबलपुर से रहा है। श्री रोहाणी के परिजन ने देश के विभाजन की पीड़ा को भोगा है। हालांकि श्री रोहाणी के परिजन जब भारत आये, उनकी उम्र मात्र एक वर्ष थी उन्होनें अपने परिवार की पीड़ा को अपने पिताजी और बुजुर्गो से सुना इसी पीड़ा ने उनके मन में सार्वजनिक जीवन में आने की प्रेरणा दी। श्री रोहाणी युवा अवस्था तक आते-आते भारतीय जनसंघ एवं राष्ट्रीय स्वंसेवक संघ  से जुड़ गये। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरूआत में जबलपुर की पानी, सड़क, बिजली जैसी मूलभूत समस्याओं को सार्वजनिक मंचों पर निर्भीकता से उठाया। वे पार्षद से लेकर विधायक और फिर संवौधानिक विधानसभा अध्यक्ष के पद तक पहुचें उन्होनें राजनीति में आम आदमी के दर्द को हर-स्तर पर देखा और समझा। इन्हीं सब परिस्थियों ने उन्हें कुशल वक्ता  भी बनाया। आज विधानसभा में श्री ईश्वरदास रोहाणी की वाक-पटुता और हाजिर-जवाबी के सभी कायल हैं। 

उनके राजनीतिक जीवन की चर्चा करें तो वे जबलपुर क्षेत्र से 1993 में पहली बार विधायक बने। इसके बाद 1998 में विधानसभा के लिये दोबारा चुने गये। 11 फरवरी 1999 को मध्यप्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष चुनें गये। श्री रोहाणी वर्ष 2003 में जब तीसरी बार भारी बहुमत से जीतकर विधानसभा पहुचे तो उनके विधायी ज्ञान को देखते हुए उन्हें 16 दिसम्बर 2003 विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए चुना गया। श्री रोहाणी के वर्ष 2008 में चैथी बार विधानसभा में जीतकर आये और उन्हें 7 जनवरी 2009 को विधानसभा अध्यक्ष पद के लिये दोबारा चुना गया। श्री रोहाणी की विधानसभा संचालन की अपनी ही एक अलग कार्यशैली है। वे उन विधायकों का विशेष ध्यान रखते है। जो निर्वाचन होकर पहली बार विधानसभा पहुचते है। अनेक मौकों पर वे नियमों से हटकर इन विधायको को प्रोत्साहित करते है और सार्वजनिक मुद्दो को उठाने के लिये मौका देते है। उनके मन में महिला विधायकों के प्रति भी विशेष सम्मान है, जिसे देखने का मौका विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मिलता हैं। वे हमेशा सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष के बीच संतुलन बनाये रखने का कार्य कुशलतापूर्वक करते है।। वे हमेशा संसदीय प्रणाली की मर्यादा को तरजीह देते है। देश की अनेक विधानसभा ऐसी है जहा पर अनेक बार कुर्सिया, माइक एवं अन्य सामग्री उठाकर फेंकने के दृश्य देखने को मिलते है। इससे न केवल विधायकों की छवि खराब होती है, बल्कि देश की संसदीय प्रणाली को भी ठेस पहुचती है। उन्होंने विधायको को अनेक बार संसदीय प्रणाली की मर्यादा में रहकर अपनी बात कहने की समझाइश दी हैं इसका असर विधायको के आचरण में देखने को मिला है। वे गंभीर मुद्दों पर बहसे के दौरान सदन में अपने विनोदी स्वभाव से सदन के महौल को सहज और सरल बनाये रखते है। 

विधानसभा अध्यक्ष श्री ईश्वरदास रोहाणी के मन में संसदीय प्रणाली एवं उसके मान्य नियमों में गहरी आस्था है। वे इसके बारे में ज्यादा से ज्यादा ज्ञानार्जन के हिमायती भी है। उन्होंने आने के देशों में जाकर संसदीय कार्य-प्रणाली को समझा है। श्री रोहाणी ने 1998 में भारतीय संसदीय संघ के तत्वाधान में आयोजित युनाईटेड किंगडम, फ्रांस, बेल्जियम, जर्मनी, नीदरलैंड स्विटजरलैण्ड, आस्ट्रिया और इटली देश का दौरा कर वहा  की संसदीय प्रणाली को समझा। वे वर्ष 2007 में इस्लामाबाद में आयोजित तीसरे राष्ट्रकुल संसदीय संघ एशिया क्षेत्र के सम्मेलन में भी शामिल हुए। श्री रोहाणी ने वर्ष 2008 में मलेशिया की राजधानी क्वालालंपुर में संसदीय सम्मेलन के दौरान अपने विचारों को रखा, जिसकी सराहना भी हुई। एक विशेष उपलब्धि भी उनके कार्यकाल की रही, जिसमे उन्होंने भोपाल में 74 वें पीठासीन अधिकारी का सम्मेलन भोपाल विधानसभा में किया। इस सम्मेलन में लोक अध्यक्ष श्रीमती मीरा कुमार भी शामिल हुई और उन्होनें इस आयोजन की सार्वजनिक मंच से प्रशंसा भी की।  

Tuesday, June 11, 2013

ईमानदारी से होगा मनरेगा सामाजिक अंकेक्षण ? कटनी जनपद ग्राम पंचायतों में हुए है सिर्फ़ कागजों में कार्य, जमकर भ्रष्टाचार

कटनी - जिले में महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजागर गारंटी योजना के तहत कराये गए ज्यादतर कार्य कागजों में ही सम्पन हुए है, वृक्षारोपण, नालाबंधान, बाड़ नियंत्रण रिटर्निंग एव वेस्ट वियर

निर्माण, सड़क निर्माण आदि जैसे कई कार्यक्रम सिर्फ़ कागजों में ही पुरे किए गए जबकि वास्तविकता इससे कोसों दूर है, ज्यादा नही सिर्फ़ जिला मुख्यालय के आस पास की ग्राम पंचायतों पर ही ऐसे कार्यों का ईमानदारी से भौतिक सत्यापन किया जाए तो सब साफ़ साफ़ हो जायेगा.  कई कार्यों में मज़दूरी से ज्यादा सामग्री के नाम पर भुगतान किया गया है जो की योजना की मूल भावना के खिलाफ है. प्रबल सृष्टि के पास ऐसे कई कार्यों का लेखा जोखा मौजूद है जो कार्य वास्तविकता में हुए ही नही है, इस बात से इनकार नही किया जा सकता कि स्थानीय पदो पर पदस्थ अधिकारियों ने भ्रष्टाचार की इस गंगा में अपने हाथ साफ़ नही किए हो . क्या जिला पंचायत के कार्यपालन अधिकारी इस सबसे अंजान है या वे अंजान ही बना रहने चाहते है ? अब सामाजिक अंकेक्षण से कुछ आस जगी है कि कागजों में हुए कार्यों की पोल खुलेगी लेकिन इसपर नजर रखना भी बहुत जरूरी हो जाता है कि कही ऐसा ना हो कि अंकेक्षण के  नाम पर कुछ लोग अपना उल्लू न सीधा करने लगे                  


मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल के सामाजिक अंकेक्षण के संचालक अभय पाण्डेय ने जिले की जनपद पंचायत कटनी अंतर्गत महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी स्कीम-मध्यप्रदेश (मनरेगा) के तहत किये जा रहे कार्यो की समीक्षा की है, मनरेगा अंतर्गत किये गये कार्यो की समीक्षा के लिए जनपद पंचायत कटनी के बी0आर0सी0भवन में 08 जून को बैठक आयोजित की गई थी इस बैठक में संचालक ने ग्रामो में सामाजिक अंकेक्षण कराने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी, उन्होने सामाजिक अंकेक्षण के संबंध में जानकारी देते हुए बताया की सामाजिक अंकेक्षण से तथ्यों का पता चलता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए ग्राम पंचायतो में समपरीक्षा समितियों का गठन किया जावें तथा ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम सभा का आयोजन करते हुए सामाजिक अंकेक्षण कराया जावें । सामाजिक अंकेक्षण के दौरान सरपंच,सचिव तथा उपंयत्री अनिवार्य रुप से उपस्थित रहें तथा ग्राम सभाओं का समय भी ऐसा रखा जावें जिससे अधिक से अधिक संख्या में ग्रामीण जन मौजूद रहें। उन्होंने समीक्षा के दौरान कहा कि ग्राम पंचायतों में रिकार्ड संधारण किया जावें तथा सामाजिक अंकेक्षण में ग्रामीणों को ग्राम में किये गये कार्यो की जानकारी तथा रिकार्ड का अवलोकन कराया जावें। समीक्षा बैठक में सामाजिक अंकेक्षण के संचालक  अभय पाण्डेय ने ई-मस्टर रोल , एफ0टी0ओ0, किये जाने , वित्तीय वर्ष 2012-13 के लंबित भुगतान , वार्षिक कार्य योजनानुसार कार्यो की तकनीकी एंव प्रशासकीय स्वीकृति तथा मनरेगा साफ्ट में अपलोड कराये जाने की समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिये गये। 
बैठक में जनपद पंचायत कटनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी , के0के0पाण्डेय, मनरेगा के अतिरिक्त कार्यक्रम  अधिकारी अनुराग सिंह,सहायक यंत्री,आर एम खान उपंयत्री , डी0एस0बघेल , ओम प्रकाश गुप्ता , नीलेश शुक्ला , मनीष हल्दकार,  मुकेश चक्रवर्ती , अतीक खान , आर आर खान सहायक मानचित्रकार , श्रीमति सीमा सिंह बघेल , सहायक ग्रेड-2 अशोक ठाकुर , डाटा एन्ट्री आपरेटर  विवेक तिवारी, मुकेश नामदेव , जीपी पाण्डेय, सचिव दयाशंकर गर्ग एंव अन्य , सरपंच ,रोजगार सहायक उपस्थित रहे।

Saturday, June 08, 2013

पुलिस की पुलिस पर कार्यवाही - गैरजिम्मेदार सस्पेंड

कटनी - ऐसा ध्यान में नही आता कि इससे पूर्व लापरवाह पुलिस आरक्षको पर लगातार कार्यवाही हुई हो लेकिन वर्तमान में ऐसा कटनी जिले में हो रहा है. थाने पहुचे फरियादियो की अगर सुनवाई नही होती तो इसकी शिकायत मिलने पर पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर तत्काल संबंधित अधिकारी पर कार्यवाही करते है साथ ही दर्ज किए गए मामलों में संबंधित जाँच अधिकारी की सुस्ती भी पुलिस अधीक्षक बिलकुल बर्दाशत नही कर रहे है. जिस तरह से लापरवाह पुलिस आरक्षको पर सख्ती बरती जा रही है इससे धीरे धीरे समूचे जिले के थानों की कार्यप्रणाली पर उचित असर पड़ेगा जिससे फायदा आम जन को ही होगा. इस बार भी गैर जिम्मेदाराना  आरक्षको पर कार्यवाही हुई है             

गांजा तस्कर से मारपीट कर एक लाख रूपये लेने पर आरक्षक निलंबित 
 बड़वारा निवासी  पुसउराम  द्वारा दिनांक 30.05.13 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उपस्थित होकर आवेदन दिया कि लगभग 7-8 दिन पहले उसके पुत्र करिया उर्फ महादेव पटेल को दो पुलिस वाले और दो प्रायवेट कपड़े पहने व्यक्तियों ने गांजा सहित रूपौंद स्टेशन में पकड़ा तथा उसे अपने साथ मोटर साइकिल से हिरवारा गाताखेड़ा रोड पर ले जाकर मारपीट की गई तथा उससे एक लाख रूपये की मांग की गई। करिया पटेल को छुड़वाने के लिये पुलिस वालों को श्यामलाल यादव ग्राम केवलारी के साथ जाकर सुबह पाँच बजे एक लाख रूपये दिये तब पुलिस वालों ने आवेदक के पुत्र को छोड़ा, साक्षी श्यामलाल ने चार अनावेदकों में से आरक्षक 222 सतीश तिवारी द्वारा रूपयों की मांग करने की पुष्टि की, शिकायत पत्र की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सांघी द्वारा की गई जिनके जांच निष्कर्ष पर प्रथम दृष्टया आरक्षक 222 सतीश तिवारी द्वारा अपने अन्य 3 साथियों के साथ अवैधानिक रूप से आवेदक के पुत्र के साथ मारपीट कर एक लाख रूपये लेने की पुष्टि होना पाया गया। आरक्षक 222 सतीश तिवारी थाना कोतवाली को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केन्द्र कटनी में संबद्ध किया गया है।

लोकसेवक से अभद्र व्यवहार करने पर आरक्षक निलंबित
दिनांक 05.06.13 को आवेदक बी.के.द्विवेदी मध्यप्रदेश उप क्षेत्रीय विद्युत वितरण केन्द्र शहर संभाग कटनी के द्वारा एक लिखित आवेदन पत्र थाना प्रभारी माधवनगर को दिया गया कि  पुलिस लाईन झिंझरी स्थित आवासीय कालोनी के मीटरों में अनियमितता की शिकायत पर पुलिस लाईन स्थित आरक्षक कृष्ण कुमार शुक्ला का मीटर चैक करने पर अनियमितता पाई गई जिसका पंचनामा बनाया गया, उसी समय आरक्षक कृष्ण कुमार शुक्ला आये और उन्होंने कहा कि अन्य क्वार्टर चैक न कर मेरा क्वार्टर क्यों चैक कर रहे हो, इसी बात को लेकर कृष्ण कुमार शुक्ला ने गाली गलौच कर विवाद किया तथा अपमानित किया।
नगर पुलिस अधीक्षक कटनी एवं थाना प्रभारी माधवनगर से इस संबंध में प्रतिवेदन प्राप्त किया गया, जिसमें उन्होंने आरक्षक कृष्ण कुमार शुक्ला का आचरण एवं व्यवहार एक लोकसेवक के अनुरूप न होना तथा इससे पुलिस की छवि धूमिल होना पाया गया।
इस प्रकार एक लोकसेवक से गाली गलौज कर विवाद करने, उसे अपमानित करने तथा पुलिस की छवि धूमिल करने पर आरक्षक क्रमांक 66 कृष्ण शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

कटनी जिले में अन्नपूर्णा योजना शुरू, गरीब वर्ग को होगा फायदा

कटनी / कोई गरीब भूखा न रहे इसे लेकर मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई महत्वपूर्ण अन्नपूर्णा योजना का लाभ अब कटनी की गरीब जनता भी प्राप्त कर सकेगी, प्रदेश शासन की इस महत्वकांक्षी योजना के तहत 7 जून को जिले के प्रभारी मंत्री व किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री डा रामकृष्ण कुसमरिया ने अन्नपूर्णा योजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ मंडी प्रागण में किया। गरीबो के जीवन को उन्नत करने तथा उन्हे भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रभारी मंत्री ने कृषि उत्पादन उन्नत तकनीक के साथ प्रसंस्करण

पर बल देते हुये कहा कि कृषको को कृषि उत्पादन का  तभी सही मूल्य मिलेगा। उन्होने जानकारी देते हुये बताया कि पीले राशन कार्ड वालों को हर माह  30 किलो गेंहूँ  और 5 किलो चांवल तथा नीले राशन कार्ड वाले को 18 किलो गेंहूँ, 1 किलो नमक दिया जायेगा।  जिसमें गेंहूँ 1 रूपया किलो चांवल 2 रूपया किला व नमक 1 रूपया किलो के भाव से दिया जायेगा। इस योजना के शुभांरभ प्रतिकात्मक रूप से लगभग 20 हितग्राहियो को लाभ देकर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष डा. मनमोहन उपाध्याय ने किया। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियो को निर्देशित किया कि गरीबो को सही ढ़ग से राशन समय पर उपलब्ध कराये तथा जिनके राशन कार्ड नही बने है उन्हे नियमानुसार तत्काल बनवाये कोई भी अधिकारी इस दिशा में गड़बड़ी करता है तो उनके विरूद्ध सक्त अनुसशात्मक कार्यवाही की जाये। इस योजना की उपयोगिता के साथ ही आगे उन्होने प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओ की जानकारी दी । इसके साथ ही उन्नत कृषि को बढ़ावा देन के लिए प्रभारी मंत्री ने कुछ कृषको को मक्का बीज का वितरण किया साथ ही नवनिर्मित कृषक विश्राम भवन को कृषको को लोकार्पित किया इसके पूर्व गल्ला व्यापारी तथा पल्लेदार समिति द्वारा प्रभारी मंत्री का स्वागत किया गया। अन्नपूर्णा योजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ के अवसर पर बीजेपी जिला अध्यक्ष विजय शुक्ला, सांसद प्रतिनिधि मिटठूलाल जैन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि तथा प्रशासनिक अधिकारी थे। जिनमें कलेक्टर ए.के.सिंह, एस.पी. राजेश हिंगणकर, जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी  जेडयू शेख तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


Wednesday, June 05, 2013

सुचारु बिजली व्यवस्था के लिए कलेक्टर ने दिए निर्देश

कटनी/ इसी महीने की 22 तारीख से जिले में 24 घंटे बिजली मिलने लगेगी इसके लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है . कलेक्टर  ए के सिंह ने 4 जून को  फीडर सेप्रेशन की प्रगति का जायजा लिया और  जिले के प्रत्येक क्षेत्र में जहां जहां फीडर सेप्रेशन कार्य हुआ है इसकी  जानकारी हासिल की तथा बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश भी दिए कि सभी विद्युत उपभोक्ताओं को नियमित विद्युत प्रदाय की जाए, टूटे खंबे, झूलते तार, घरों से सटे हुए तार, अनुपयुक्त जगह लगे विद्युत खंबों को शीघ्र ठीक करने के साथ-साथ पावर सब स्टेशन स्थापित करने के लिए भी निर्देशित किया और 22 जून के पहले तक जिले में अबाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके इसके लिए शीघ्र ही प्रभावी कदम उठाने को कहते हुए मंगल नगर में झूलती तार को तत्काल ठीक करने को निर्देशित किया । इसी तारतम्य में केबल कनेक्शन तथा ओव्हर ब्रिज के आसपास लाइनों की सु्दृढ़ीकरण करने पर जोर दिया । फीडर नं. 5 घंटा घर तथा फीडर नं. 7 हास्पिटल में विद्युत खंबों को भी शीघ्र शिफ्ट करने को कहा गया  । बैठक में अधीक्षण यंत्री  सहित समस्त विद्युत अधिकारी उपस्थित थे।