Thursday, September 27, 2012

अवैध उत्खनन पर अब पुलिस कर रही कार्यवाही - 1992 से चल रही थी अवैध खदान, मामला किया उजागर

अवैध खनन क्या होता है और इससे क्या क्या नुकसान होता है आमतौर पर इससे आम जनता बेखबर ही रहती है शहरो गाँव के बीच से होकर गुजरने वाले छोटे बड़े वाहन में लदा  हुआ खनिज कहा आ जा रहा है इस बात पर भी आम जनता का ध्यान नहीं रहता क्योकि आम जनता इस बात पर ही विश्वास रखती है की इसपर नजर और कार्यवाही करने  के लिए  खनिज विभाग है . कटनी जिला विगत  कई वर्षो से वैध अवैध खनन  के  मामलो में राष्ट्रीय स्तर  पर सुर्खियाँ बटोरता रहा है लेकिन  जिम्मेदार खनिज विभाग द्वारा कोई कार्यवाही न होने की सूरत में  करोड़ों  रुपये के राजस्व  की चपत मध्य प्रदेश शासन को लग चुकी है इसी के चलते  अब कटनी जिले में अवैध उत्खनन को लेकर पुलिस ने अपनी कमर कस ली है , मात्र कुछ ही दिनों में हुई कार्यवाही से  पुलिस को  बड़ी कामयाबी भी मिलती दिख रही है. 1 पोकलेन मशीन ,1 जे सी बी मशीन ,4 डम्फर , 6 ट्रेक्टर सहित बड़ी मात्रा में बोक्साईट  जप्त करने के  साथ  साथ पुलिस ने एक ऐसा बड़ा मामला उजागर कर दिया है जिसके उजागर होने से पूरा खनिज विभाग ही कई  सवालो के घेरे में आ गया है .पुलिस द्वारा लगातार की जा रही कार्यवाही से कई चौकाने वाले तथ्य भी सामने आये है कि खनिज सम्पदा से शासन को प्राप्त होने वाले  राजस्व में सुनियोजित तरीके से सेंधमारी की जा रही है . नाम मात्रा के लिए खदान आवंटित कराकर उससे लगी शासकीय व वन भूमि पर बड़े स्तर पर खुदाई कर खनिजो का परिवहन किया जाता है , खुदाई करने वाली जगहों पर बड़े बड़े गड्ढे हो जाते है जिससे आये दिन दुर्घटनाये होती रहती है . पुलिस द्वारा कराये गए सर्वे से तमाम ऐसे तथ्य उभर कर सामने आये है जिससे यह साबित होता है कि  एक तरफ तो शासन को करोडो  रुपये का नुकसान हो रहा है वही दूसरी तरफ इनके द्वारा किये गए गड्ढों  और अवैध परिवहन की धमाचौकड़ी  का शिकार बेकसूर नागरिक होते  है   .खनिज विभाग की निष्क्रियता के चलते ही अवैध उत्खनन करने वालो के हौंसले बुलंद हुए है जिसे अब पुलिस विभाग ने गंभीरता से लिया है अब इस पर  तत्पर कार्यवाही का दौर  शुरू है 

कटनी - राधा देवी शर्मा नामक महिला की बोक्साईट  खदान का  वर्ष 1992 से नवीनीकरण  नहीं हुआ है  और न ही इस खदान को एन ओ सी प्राप्त  है   लेकिन  खदान से उत्खनन लगातार जारी था बाकायदा परिवहन होने वाले वाहनों का पिटपास खनिज विभाग से जारी होता रहा और शासन को राजस्व की चपत लगती रही .पुलिस अधीक्षक राजेश हिन्गंकर को  26 सितम्बर को इसकी जानकारी मिलने पर उनके निर्देशानुसार  माधव नगर टी आई अखिल वर्मा ने माधव नगर थाने के पीछे संचालित होने वाली खदान में पहुंचकर  उत्खनन में लगी     1 पोकलेन मशीन , 3 हाइवा डम्फर MP 21 H 1187 ,MP  21  H 0687 , MP 21 H 1887 सहित 4 व्यक्तियों को अपनी गिरफ्त में लेकर 45 टन अवैध बोक्साईट जप्त कर लिया है  और अवैध उत्खनन करने वाले जे पी विश्वकर्मा के विरूद्ध भारतीय दंड विधान की धरा 379 व 4 / 21 खनिज अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर दिया है , गौरतलब है कि  राधा देवी शर्मा नामक महिला  को माधव नगर थाने के पीछे स्थित खदान का आवंटन 1972 से लेकर 1992 तक ही हुआ था जबकि इसपर उत्खनन विश्वकर्मा बन्धु ही करते आ रहे है , इस बड़ी कार्यवाही को अंजाम देने में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सांघी , सी एस पी धनंजय शाह तथा माधव नगर थाना प्रभारी अखिल वर्मा की भूमिका रही है 


जिले  में अवैध उत्खनन के विरूद्ध पुलिस की कार्यवाही 
बिना अनुमति  खदान से खनिज निकाले जाने वाले इस मामले से पहले  बहोरीबंद पुलिस ने  अवैध मुरुम के मामले में 6 जनों को गिरफ्तार  कर 6 ट्रेक्टर जप्त किये है जिसमे 4 ट्रेक्टर तो बिना नंबर के थे ,यहाँ पर पुलिस ने धारा 379 , 511 व 4 / 21 खनिज अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था . स्लीमनाबाद पुलिस ने ग्राम भूला में  1 जे सी बी मशीन ,अवैध बोक्साईट तथा ग्राम अमोच में 1 डम्फर MP -17 G 0963 , 55 टन बोक्साईट सहित 4  लोगो को पकड़ा है जिनसे  पर्दे के पीछे से इनका संचालन करने वालो का पता करने में पुलिस जुटी हुई है .  



जनता भी अब आ रही आगे 
जिले भर में पुलिस की प्रभावी कार्यवाही के चलते अब आम जनता भी पुलिस को सूचनाये देने में आगे आ रही है .27 सितम्बर को माधव नगर थाने ,में आयोजित प्रेस वार्ता में जनता के इस कदम से  पुलिस अधीक्षक राजेश हिन्गंकर खासे उत्साहित नजर आये उन्होंने इस बात का पुनः विश्वास दिलाया है कि कानून सर्वोपरि है और जो  भी कानून के दायरे से बाहर जाकर काम करेगा , उसपर कार्यवाही अवश्य होगी 

तालाब गहरीकरण सौन्दरीयकरण के नाम 20 लाख का घोटाला भ्रष्ट ठेकेदार , इंजीनियर पर कार्यवाही नहीं

नगर निगम कटनी द्वारा  विकास कार्यो के नाम पर खर्च की जाने वाली  80 प्रतिशत से भी  ज्यादा राशि   भ्रस्टाचार की भेंट चढ़ रही है ,  महापौर की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली  मेयर इन काउन्सिल की बैठको में लाखो करोडो के कार्य के प्रस्ताव  कागजो में मंजूर  होकर ज्यादातर  कागजो में ही तैयार हो जा रहे  है ,भ्रष्ट अधिकारी अपनी स्वीकृति लगाकर लाखो रुपये भ्रष्ट ठेकदारो की जेब में पहुँचाने का रास्ता बनाने का काम कर रहे है . इतना सब होने के बावजूद  क्या इस बात पर यकीन किया जा सकता है कि परिषद्  इस भ्रस्टाचार से  वाकई में अंजान है ? क्या आम आदमी से कर इसलिए ही वसूला जाता है कि इसे जैसे तैसे कर भ्रस्टाचार कि भेंट चढ़ाया  जाये ?   आम जनता की गाढ़ी कमाई से वसूले गए कर को विकास कार्यो के नाम नगर निगम के भ्रष्ट ठेकेदार और भ्रष्ट अधिकारी सब मिलकर डकार रहे है और मामले उजागर होने के बावजूद  जिम्मेदार जनों द्वारा  रहस्मय चुप्पी साधना भी कई सवालो को जन्म दे रही है . इन्ही  कारणों  से  तो  भ्रष्टाचारियों  की हिम्मत बढती है और उनके  ऐसे  कारनामे  सुनियोजित तरीके से निर्विघ्न संपन  हो जाते है . माधव नगर के संत कंवरराम वार्ड स्थित  तालाब के गहरीकरण और सौन्दरीयकरण के नाम पर  20  लाख रुपये का एक घोटाला सूचना के अधिकार के उपयोग से  सामने आया है , घोटाले की शिकायत  भी की जा चुकी है लेकिन कार्यवाही न होने से कई शंकायें उठ खड़ी हुई है     

कटनी - (प्रबल सृष्टि विशेष ) मेयर इन कौंसिल ने 8 जून 2009 को संत कंवरराम वार्ड स्थित तालाब के गहरीकरण और सौन्दरीयकरण का प्रस्ताव पास किया , 27 जून 2009 को निविदा आमंत्रित की गयी , 7 नवम्बर 2009 को ठेकेदार एस एन खम्परिया  के साथ कार्य  संपन्न कराने एग्रीमेंट भी करा लिया गया , ठेका 20 लाख 61 हजार रपये  की राशि के लिए   जारी हुआ था, लेकिन 16 अक्तूबर 2009 को नगर निगम की  लोक निर्माण विभाग की निविदा समिति की बैठक में समिति  ने अज्ञात तथ्यों का उल्लेख करते हुए ठेकेदार को 10 प्रतिशत अधिक दर से ठेका देने की सर्वसमिति  से अनुशंसा  भी कर दी गई , जिसके बाद लागत 22 लाख 67 हजार हो गई , कथित ठेका कागजो में पूरा हो गया और इसका कुल भुगतान 23,38,175 रुपये का किया गया .  ठेकेदार को तालाब का गहरीकरण , पिंचिंग कार्य , तालाब के तीनो तरफ पैदल मार्ग का निर्माण , घाट निर्माण , विद्युतीकरण , सौन्दरीयकरण, वृक्षारोपण कार्य करना था लेकिन मात्र कुछ ट्रेक्टर कुछ दिन चलाये गए और बाद में बरसात का बहाना बना कर कार्य सिर्फ  कागजो में ही संपन्न हो गया . 14 जून 2010 को ठेकेदार ने बिल बनाया और 1 जुलाई को इसे प्रस्तुत किया गया ,जिस पर उपयंत्री को  तकनीकी प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा गया , उपयंत्री ने  लिखित में सब कार्य पूर्ण होना बताकर ठेकेदार को राशि पाने में मदद की , जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों , अधिकारियो सहित  आम जनता खुद आकर इस तालाब का अवलोकन करे और कागजो में खर्च हुई राशि की जमीनी हकीकत देखे कि नगर निगम द्वारा खर्च की जाने वाली रकम यहाँ  कैसे लूटी गई है   


सूचना के अधिकार से उजागर हुआ है मामला 
संत कंवरराम वार्ड के  समाजसेवी  पंजूमल  माटानी ने सूचना के अधिकार का प्रयोग कर नगर निगम से दस्तावेज हासिल किये है जिसमे  तमाम वह दस्तावेज है जिससे साबित होता है की भ्रष्ट ठेकेदार और भ्रष्ट अधिकारियो की मिलीभगत से करीब 20 लाख रुपये की लूट हुई है . उस रकम की जिसे आम जनता ने अपने  खून पसीने से कमा कर  निगम को नगर का  विकास करने के लिए दी थी 

वार्ड के नागरिक है आक्रोशित 
 एक तरफ तो पूरे वार्ड में  गंदगी , कचरे से भरी नालियां , अँधेरी गलियाँ आदि तरह तरह की  समस्याओ के अम्बार  से नागरिक परेशान है वही दूसरी ओर लाखो रुपये भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे है , यह सरासर नागरिको  के साथ किये  जाने वाले  विश्वासघात की श्रेणी प्रतीत होती है  , बड़े ही ताज्जुब की बात तो यह  भी है कि क्या वार्ड के पार्षद को यह सब पता ही नहीं था ? वैसे  संत कंवरराम वार्ड की  पार्षद श्रीमती शोभा देवी थावानी  के  पति   ही वार्ड की पार्षदी  करते आये है , पार्षद पति देवी थावानी कहते है कि यह पूर्व पार्षद वर्तमान में जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष   गंगाराम कटारिया के कार्य काल के समय प्रस्तावित हुआ था, इसलिए उन्होंने इसमें  दिलचस्पी नहीं दिखाई, हालाकि उनका यह भी कहना है कि उन्होंने ठेकेदार  गुल्लू खम्परिया , निगम अध्यक्ष वेंकट खंडेलवाल से  तालाब  के विषय में  बात की थी लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया . पिछले रविवार 23 सितम्बर की दोपहर को तालाब के असल  कार्य का निरिक्षण करने आये एक पत्रकार दल के समक्ष वार्ड के कई नागरिको ने तालाब के नाम पर हुए भ्रष्टाचार पर  अपना आक्रोश भी प्रकट  किया ,वार्ड के  वरिष्ठ नागरिक तथा कांग्रेस के जिम्मेदार नेता गंगाराम कटारिया से इस बाबत पत्रकारों ने जब उनके निवास पर जाकर सवाल किये  तो उन्होंने  कहा कि कार्य का प्राकलन  24 लाख 61 हजार का हुआ था , कितना खर्च  हुआ है उन्हें नहीं मालूम ,कार्य जब बंद हुआ था तब ठेकेदार  ने कहा था कि काम बरसात बाद  शुरू होगा ,  उन्होंने यह  कहा कि उनपर जिला कांग्रेस की जवाबदारी है इसलिए वे निगम की राजनीती में कम दिलचस्पी  लेने की कोशिश करते है 
दोषियों पर हो कार्यवाही 
वार्ड के नागरिको की मांग है कि दोषियों पर कार्यवाही की जाये और ठेकेदार एस एन खम्परिया को ब्लेक लिस्टेड किया जाये , इस एक मामले के उजागर होने से  यह आशंका  बलवती   हो उठी  है कि ठेकेदार ने अन्य सभी ठेकों में भी गंभीर अनियमिताएं की होंगी . जिला प्रशासन , निगम प्रशासन अगर इस पर  कार्यवाही करने से बचता है तो इस मामले की शिकायत  नागरिक गण लोकायुक्त  में करेंगे जिससे जिन भ्रष्ट जनों ने आम जनता का हक़ डकार है उनको सजा मिल सके तब प्रशासन  कार्यवाही न करने की  जवाबदेही से  बच नहीं सकेगा    

   

Thursday, September 20, 2012

कटनी जिले में पुलिस ने किया व्ही केयर फॉर यू सेल का गठन


                                          कटनी - (मध्य प्रदेश ) यूँ तो मोबाइल फ़ोन के बेहद उपयोगी फायदे है लेकिन इसके साथ साथ इसका दुरूपयोग कर व्यक्तियों को परेशान करने की घटनाओ में भी वृद्धि  होती जा रही है अपराध का शिकार होने वाला  जन मानस  इससे जुडी समस्याओ के निराकरण के लिए पुलिस के पास ही जाता है. आम तौर पर ऐसे अपराधो की शिकार ज्यादातर महिलाये और छात्रायें  होती है .कटनी पुलिस ने भी अब मोबाइल फ़ोन से परेशान करने वालो पर लगाम कसने की तैयारी  उच्च स्तर पर  कर ली है .  मोबाइल फ़ोन के द्वारा किये जाने अपराधो पर सख्त कार्यवाही करने के उद्देश्य से अब कटनी पुलिस ने  एक विभागीय सेल व्ही केयर फॉर यू  तैयार कर दिया है जिसमे शिकायते आने पर उनका  तत्काल समाधान किया जायेगा .
                                      महानगरीय पुलिस कार्यप्रणाली  के  जैसे इस सेल का गठन पुलिस अधीक्षक राजेश हिन्गंकर की पहल से हो पाया है . इस  सेल का कार्यालय झिन्झरी स्थित  पुलिस अधीक्षक  कार्यालय में रहेगा  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सांघी इस सेल के प्रभारी अधिकारी नियुक्त किये गए है  .व्ही केयर फॉर यू सेल के माध्यम से  अश्लील एसएम्एस , गाली गलौज तथा परेशान करने वालो  पर सख्ती से कानूनी कार्यवाही की जाएगी . ऐसे अपराधो से पीढित आम जन अब इसकी शिकायत सीधे  पुलिस अधीक्षक कार्यालय में स्थित इस सेल में कर सकेंगे . मोबाइल फ़ोन से किये जाने वाले अपराधो पर कार्यवाही करने बना यह सेल पूर्व स्थापित  साइबर सेल की सहायता से कार्य करेगा .
                             जिले में इस तरह के किसी सेल की जरुरत लम्बे समय से महसूस की जा रही थी जिसपर पुलिस अधीक्षक राजेश हिन्गंकर ने ध्यान देकर इसका गठन कर दिया है . इस सेल के गठन से विशेष तौर पर महिलाओ , छात्राओ को फायदा पहुंचेगा जो इस तरह के अपराधो की शिकार ज्यादा होती है . 

Tuesday, September 18, 2012

इस माध्यम से मध्य प्रदेश राज्य के कटनी जिले के रिहायशी क्षेत्र माधव नगर के नागरिको की पीड़ा आप तक पंहुचा रहे है


प्रति ,                                                                                                          18/ 09/ 2012 
पर्यावरण एवं वन मंत्रालय                                                                                
भारत सरकार
दिल्ली  


विषय - रिहायशी  क्षेत्र में प्रदुषण के चलते  बढ़ रही  है  साँस सम्बन्धी बीमारियाँ , इससे तत्काल निजात दिलाये जाने के सम्बन्ध में प्रस्तुत है  यह जन  शिकायती पत्र  

     
महोदय ,                                       
                    कटनी जिले में माधव नगर  सबसे बड़ा रिहायशी क्षेत्र है , इस क्षेत्र के पास ही बोक्साईट ,लेट्राईट , क्ले आदि की कई वैध अवैध खनिज खदाने निजी व्यक्तियों द्वारा कई वर्षो से  संचालित की जा रही है , खदानों से उत्खनन  कर उसके परिवहन का कार्य हमारे माधव नगर क्षेत्र के बीच से किया  जाता रहा है . इस वजह से समस्त माधव नगर क्षेत्र में धूल ,मिटटी तथा ध्वनि प्रदुषण बड़ी मात्र में  होता आ रहा है .रिहायशी  क्षेत्र से परिवहन  करने का मुख्य कारण यह है कि इससे एक चक्कर में करीब दो लीटर डीजल की बचत खदान संचालक कर रहे है और इसकी कीमत क्षेत्र के नागरिक यातायात समस्या , वायु प्रदुषण , ध्वनि प्रदुषण तथा साँस की बीमारियों से ग्रसित होकर चुका रहे है . साँस सम्बन्धी बीमारियों के अनेक प्रकरण इसे साबित कर सकते  है . मध्य प्रदेश  प्रदुषण विभाग और जिला प्रशासन इस पर कोई कार्यवाही नहीं करते . इसलिए कम शब्दों में नागरिको की पीढ़ा आपके समक्ष व्यक्त की जा रही है . 
                    क्षेत्र का पूरा पर्यावरण ही अब दूषित हो चुका  है जिसपर  तत्काल ही सुधार किये जाने की अति आवश्यकता है , क्षेत्र के नागरिको की अब आपसे ही आशा  है 

                     आपसे अपेक्षाकृत कार्यवाही की अपेक्षा के साथ , धन्यवाद् 

Thursday, September 13, 2012

किसानो के बीच नयी तकनीक पहुँचाने खुला एक ज्ञान केंद्र


खेंतो में कौन सी तकनीक कारगर होकर लाभकारी स्थिति प्रदान करेगी इसकी जानकारी अगर समय समय पर किसानो के बीच पहुंचाई जाये तो यह कृषि क्षेत्र के लिए अच्छा ही होगा. कुछ इन्ही प्रयासों की कड़ी में मध्यप्रदेश के कटनी जिले की तहसील बडवारा में एक कृषि ज्ञान केंद्र की स्थापना की गयी है जहाँ विकासखंड के किसान आकर कृषि से जुड़ी नयी नयी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे . किसानो के बीच इस केंद्र का लोकार्पण मध्यप्रदेश के मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष मोती कक्ष्यप के द्वारा किया गया . लगभग 11.००  लाख  की
 लागत से बने इस केन्द्र को मार्केटिंग फेडरेशन द्वारा बनवाया गया है . जहॉ विकासखण्ड  के  किसान  पहुंचकर  कृषि  से  संबंधित  उन्नत  तकनीकी  प्रशिक्षण  प्राप्त  करेगें . इस अवसर पर एक  कार्यक्रम  के  जरिये   कृषक  प्रशिक्षण  शिविर  का आयेजन   किया गया .  कार्यक्रम  को संबोधित  करते  हुये  जिले  के  उपसंचालक  कृषि   ए के नागल  ने  कार्यक्रम  तथा  किसान ज्ञान केन्द्र  के  महत्व  के  संबंध  में  जानकारी  प्रदान  की  .  उन्होने  कहा  बायोगैस  किसानों के लिए वरदान है . कार्यक्रम को विधायक बड़वारा तथा मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष मोती कश्यप , कटनी जिला पंचायत उपाध्यक्ष  सौरभ सिंह ने  भी  संबोधित  किया .  कार्यक्रम  में  परियोजना संचालक  (आत्मा)  जितेन्द्र सिंह ,  अनुविभागीय कृषि अधिकारी  जी.आर. मिश्रा,  सहायक  संचालक कृषि   एस.के. शर्मा , बड़वारा कृषि समिति  सभापति  रेवाप्रसाद शर्मा , राजेन्द्र सोंधिया ,  विजय गुप्ता,  रामा  चौरसिया,  महेन्द्र जैसवाल,  एवं  कृषि  तथा  उद्यानिकी विभाग का समस्त  अमला  उपस्थित  था   कार्यक्रम का संचालन  एस.के. शर्मा .. आभार प्रदर्शन  प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विखण्ड बड़वारा  एम.एस. कुशवाहा  ने  किया.  इस तरह के कार्यक्रमों के निरंतर आयोजित होने से जहाँ किसानो को फायदा होता है वही शासकीय स्तर पर भी सभी जिम्मेदार विभाग प्रमुख और जनप्रतिनिधि एक साथ आते  है जिससे  शासकीय योजनाओ को लागू करने में कसावट भी बनी रहती है .

Monday, September 10, 2012

पुनर्वास भूमि समस्या सुलझाने यह है प्रशासन का फार्मूला

कटनी - माधव नगर की 399 एकड़  पुनर्वास भूमि की वर्षो से लंबित समस्याओ को सुलझाने की दिशा में अब एक ठोस  सकारात्मक पहल की शुरुआत जिला प्रशासन करना चाहता है , जिला कलेक्टर अशोक कुमार सिंह ने इसे लेकर अपेक्षित सहयोग भी माँगा है .इससे पहले  28 अगस्त को पुनर्वास तहसीलदार महेंद्र गुप्ता के खिलाफ सभी स्थानीय मिलर्स कटनी विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष पीताम्बर टोपनानी के नेतृत्व में विरोध करने पहुंचे .मिलर्स इस बात से नाराज थे कि पुनर्वास तहसीलदार महेंद्र गुप्ता द्वारा उनपर  12 करोड़ रुपये जुर्माना लगाये जाने की बात समाचार पत्रों के माध्यम से  कही  जा रही थी इसके साथ ही जुर्माना  अदा न होने पर 29 अगस्त से  कार्यवाही करने की बात भी उन्हें समाचार पत्रों से ही पता चली थी  जबकि इस सम्बन्ध में उन्हें किसी भी प्रकार का कोई नोटिस ही नहीं मिला था . देखा जाए तो पुनर्वास तहसीलदार का विरोध प्रदर्शित करने  आयोजित हुई इस बैठक से एक ठोस निष्कर्ष निकलकर भी सामने आया है ,  जिला प्रशासन ने अपनी मंशा साफ़ साफ़ जाहिर कर दी है कि पुनर्वास भूमि का समाधान वह किस तरह करना चाहता है .हालाकि जिला कलेक्टर कलेक्टर द्वारा पुनर्वास समस्या की एक श्रेणी का
का जो निदान बताया जा रहा है वह किसी के गले नहीं उतर रहा है क्योकि वर्षो से पुनर्वास समस्या को सुलझाने की दिशा में शासन प्रशासन ने ही कोई कदम  नहीं उठाया है ऐसे में  आज  समस्या सुलझाने के नाम पर  बाजार मूल्य निर्धारित कर   नियमितीकरण किया जायेगा तो यह उन तमाम लोगो की भावनाओ के साथ कुठराघात होगा जो यहाँ की पुनर्वास भूमि पर विस्थापित होने के बाद से ही काबिज है
 वैसे भी  यहाँ की 399 एकड़ भूमि पूर्व से ही विस्थापितों के लिए  आरक्षित की गयी थी और इसका विस्थापितों के हक़ में इंतजाम करना पुनर्वास विभाग का ही काम था इसलिए ही इस विभाग का गठन वर्ष 1964 में किया गया था . आज इस पुनर्वास भूमि पर विस्थापित परिवार और उनके बढे हुए परिवार ही बसे है और बिना शासन की मदद लिए  बिना हजारो रोजगारो का सर्जन करने के साथ ही प्रदेश  स्तरीय उद्योग अपनी मेहनत से स्थापित किये है .प्रशासन को इस समस्या का हल निकालते हुए इस बात का  ध्यान अवश्य ही रखना पड़ेगा कि यहाँ कोई आज आकर नहीं बसा है और उसके बसने का इंतजाम पुनर्वास विभाग ही ठीक से नहीं कर पाया है इसलिए नियमितीकरण की प्रक्रिया पूर्व निर्धारित निति के अनुसार ही की जानी चाहिए वर्षो पूर्व बसे  विस्थापित  परिवारों को आज के बाजार मूल्य से भूमि देना न्यायसंगत नहीं रहेगा 
  
    
                                        ju " जिला कलेक्टर अशोक कुमार सिंह के शब्दों में "
 "  जो बात पिछले 18 साल से रुकी हुई है उसे अब आगे बढाया जाये कैसे बढाया जाये ? क्या किया जायेगा , अब इसे देखते है .  अभी तक यह हो रहा है कि सबके ऊपर एक तलवार लटक रही है   इसलिए  मै चाहता हूँ  कि अब पुनर्वास भूमि को लेकर निर्णय हो जाये , मै चाहता हूँ कोई पहल आप लोगों  की तरफ से भी हो और हम तो खैर करेंगे ही . पुनर्वास भूमि  के  सम्बन्ध मे  मेरी भोपाल बात चल  रही है कि इस पर  कोई स्पष्ट दिशानिर्देश मिल जाये . हम चाहते है कि वर्ष 1974 से लेकर 1994 तक 30 वर्ष की अवधि के लिए जिन्हें  पट्टे जारी हुए थे  उन्हें पहली श्रेणी में लेकर  नियमित कर दिया जाये .वर्ष 1994 - 1995 के दौरान कुछ कारण उत्पन्न हो गये थे जिसकी वजह से पिछले 18 वर्ष से यह पूरी प्रक्रिया ही बंद पढ़ी है  इसलिए अब इस पर  नए सिरे से विचार ही हो सकता है . इसके बाद बात आती है वर्तमान  में चल रहे मामलो कि तो मेरी भी मंशा है कि इस तीसरी श्रेणी का  नियमितीकरण  किया जाये , जब नियमितीकरण  की बात आएगी तो हम वही प्रस्ताव भेजेंगे जो आज का मार्केट रेट है , फिर आप लोगों को  भोपाल स्तर  पर उसको कम करवाना पड़ेगा . अगर माधव नगर में आज का मार्केट रेट एक हजार रुपये का है तो हमारा प्रस्ताव एक हजार का ही रहेगा , साफ़ बता रहा हूँ . लेकिन यह प्रदेश केबिनेट के ऊपर है की उसे पचास पैसे कर से , एक रुपया कर दे या डेढ़ रुपया कर दे . मैने आपकी बात नोट कर ली है लेकिन उसका समाधान क्या हो सकता है यह में नहीं कह सकता वैसे गौर मै आपके द्वारा दिए गये एक एक बिंदु पर करूँगा . मेरी खुद की भी निजी इक्षा है कि किसी तरह से नियमितीकरण हो जाये और जब तक नियमितीकरण नहीं होगा तब तक जो तलवार है वो लटकती रहेगी 

Friday, September 07, 2012

स्कौटलैंड पुलिस से कम नहीं कटनी पुलिस - इस मामले ने कुछ ऐसा साबित किया

           कटनी - जबलपुर पुलिस से सूचना मिलने के मात्र २ घंटे के अन्दर  कटनी पुलिस ने लूट के उस आरोपी  को अथक प्रयास से  पकड़ लिया जिसकी सूचना पूरी मध्य प्रदेश पुलिस को दी गयी थी .हुआ यूँ  कि  एक दिन  पहले यानि 6 सितम्बर की दोपहर को जबलपुर के सदर बाजार स्थित दीपाली ज्वेलर्स के दुकानदार को  झांसे में लेकर बिलकुल ही  अलग अंदाज में ज्वेलरी की लूट को अंजाम दिया गया . दोपहर एक बजे के आसपास ज्वेलरी की दुकान में  एक व्यक्ति आया  और उसने दुकानदार से कहा  कि बाहर कार में  एक अमीर घराने की महिला बैठी हुई है और उन्हें कुछ नए जेवर खरीदने है इसलिए  पहले चांदी का गिलास लेकर जाओ , दुकानदार ने भी अपने एक  बुजुर्ग कर्मचारी को चांदी की गिलास लेकर बाहर भेजा . जो व्यक्ति पहले दुकान में आया था उसने उस कर्मचारी को इशारे से बताया कि उस कार में मैडम बैठी है तभी  कार की तरफ से एक व्यक्ति और आया और उसने बुजुर्ग कर्मचारी से कहा कि यह चांदी के गिलास बहुत छोटे है,  कुछ  बड़े गिलास , सोने की अंगूठी और सोने की चैन नयी डिजाईन की लेकर आयो . जिसके बाद कर्मचारी पुनः दुकान के अन्दर गया और दुकान से 5 नग सोने की अंगूठी और 9 सोने की चेन लेकर  जब बाहर आया तो बाहर खड़े व्यक्ति ने ड्राइवर को  मैडम को जेवर दिखाने के  लिये भेज दिया . कुछ देर बाद तक जब ड्राइवर  वापस नहीं लौटा तो उस  व्यक्ति ने बुजुर्ग कर्मचारी से कहा कि में देख कर आता हूँ . जब बुजुर्ग कर्मचारी ने देखा के वो व्यक्ति भी अब कही नजर नहीं आ रहा तब उसने सारी  बात जाकर दुकानदार को बताई .इसके बाद दीपाली ज्वेलर्स के संचालक ने जाकर जबलपुर पुलिस को सूचना दी .
              जबलपुर पुलिस ने इस घटना की सूचना  प्रदेश के सभी जिलो को दी और जैसे ही इसकी सूचना कटनी पुलिस तो दी गयी जिसपर  कटनी पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगंकर ने तुरंत हरकत में आकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सांघी  के साथ सीएसपी धनंजय शाह  को इसकी जिम्मेदारी सौपी. सी एस पी धनंजय शाह ने कोतवाली थाना प्रभारी डी एल तिवारी के  नेतृत्व में  16 सदस्यीय टीम का गठन कर जबलपुर पुलिस से मिले आरोपियों के हुलिए के आधार पर तलाश शुरू कर दी. हालाकि पुलिस के लिए यह  भूसे से सुई ढूंढने  जैसा ही प्रयास था लेकिन वरिष्ठ  अधिकारियो से   लगातार मिल रहे मार्गदर्शन और गठित टीम के प्रयासों ने एक व्यक्ति  को सराफा बाजार से  पकड़ लिया और उसकी तलाशी लेने पर जबलपुर से लूटे जेवर बरामद कर लिए गए, 130 ग्राम सोना कीमत 4 लाख रुपये का बरामद कर लिया गया है
         यह वही व्यक्ति था जिसने जबलपुर के दीपाली ज्वेलर्स में इस घटना को अलग तरीके से अंजाम दिया था इसका नाम परवेज खान है और यह मुरादाबाद उत्तरप्रदेश  का रहने वाला है इससे पहले वह अपने पते  को लेकर पुलिस को गुमराह करता रहा था ,लेकिन पुलिस की कड़ाई के बाद वह तोते की तरह सब सही सही बताने लगा .   एक दूसरा व्यक्ति भी इसके साथ था लेकिन वो अभी फरार है .
        कटनी पुलिस ने जिस तरह से अपनी सुझबुझ का परिचय दिया और तत्परता दिखाई है वह वाकई में काबिले तारीफ है .पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगंकर ने इस बात का यकीन भी दिलाया है की कटनी पुलिस अब नए मुकामो को छुएगी .आरक्षक वीरेन्द्र सिंह , विनोद पाण्डेय , शैलेश दमोहिया को पुरुस्कृत  करने  की  घोषणा पुलिस अधीक्षक द्वारा की गयी है   


Saturday, September 01, 2012

शहर में भी गई दूषित पानी से तीन निर्दोष जनों की जाने , जिम्मेदार कौन ?


अगस्त माह के पहले हफ्ते में माधव नगर के बंगला लाइन क्षेत्र में दूषित पानी पीने की वजह से तीन निर्दोष जनों की जान असमय चली गयी और तीन दर्जन से ज्यादा नागरिक अस्पतालों में भर्ती हुए ,  अभी तक आंत्र  शोध सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रो में फ़ैल रहा था लेकिन माधव नगर क्षेत्र में आंत्र शोध फैलना यह  सामान्य घटना नहीं कही जा सकती , बंगला लाइन क्षेत्र में इस घटना से कई दिन पहले ही दूषित पानी की सप्लाई हो रही थी ,  जनसामान्य  इस मैले पानी को बरसात के मौसम की वजह से हल्के में ले रहा था वह इससे अंजान थे कि  दूषित पानी बोर वेल के रस्ते से होकर आया है , पुराने  ग्राम पंचायत चौराहे पर स्थित सामुदायिक भवन के पास के बोर वेलो के आस पास बरसात का पानी कई दिनों से भरा हुआ था , यही बाद में नागरिको की जान पर बन आया . इस घटना ने जिला प्रशासन और नगर निगम के हाथ पाँव फुला दिए थे . इस घटना से ठीक पहले जिला प्रशासन  ग्रामीण क्षेत्रो  में दूषित पानी की वजह से फैलने वाली बीमारियों को लेकर कई सवालो के घेरे  में था ऐसे में जिले के  मुख्य उप नगरीय क्षेत्र माधव नगर में दूषित पानी की वजह से निर्दोष  नागरिको की मौत होना और दर्जनों नागरिको का बीमार होना उसे कही का फिर नहीं छोड़ता , लेकिन जिला प्रशासन को यहाँ ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ा . क्षेत्र के नेताओ और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और नकारे पन की वजह से सभी जिम्मेदार विभाग इस गंभीर घटना की जवाबदेही से साफ़ साफ़ बच निकले . हैरत और शर्म तो इस बात की  भी है कि यहाँ के जनप्रतिनिधियों और नेताओ ने इस गंभीर घटना पर चुप्पी क्यों साधे रखी ? मरने वाले सामान्य परिवारों के थे शायद इसीलिए उनके दर्द को कोई समझ नहीं पा रहा है . आज भी बंगला लाइन क्षेत्र के नागरिको में  दहशत व्याप्त है जिसके चलते नगर निगम के नलों से आने वाला पानी  वे नहीं पी रहे . मामला गंभीर है लेकिन इसकी गंभीरता से सब अंजान बने बैठे है 

कटनी - वैसे तो जिला कलेक्टर ए के सिंह के आदेश पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बंगला लाइन क्षेत्र के छह  घरो और नगर निगम क्षेत्रीय कार्यालय के पास बनी पानी की टंकी  से पानी का सेम्पल लेकर जाँच करायी थी किन्तु  यह जाँच रिपोर्ट बिलकुल सामान्य  है , सत्रह प्रकार की गई जाँच  में अगर सब ठीक ठाक है  तो एक ही टंकी से पानी सप्लाई वाले क्षेत्र में तीन दर्जन से ज्यादा  नागरिक कैसे एक साथ बीमार हो गये और तीन  जनों की जान  एकाएक उलटी दस्त लगने से कैसे हो गयी ? और अगर बाद में प्रशासन को पानी की कथित  रिपोर्ट पर ही भरोसा करना था तो मरने वालो का पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया गया ? जिससे उनकी मौत का  कारण भी सामने आ पाता .इससे इस बात की  सम्भावना को ही बल मिलता  है कि इस गंभीर घटना के असल कारणों से सब अच्छी  तरह से वाकिफ थे इसलिए घटना पर पर्दा डाल दिया गया और वैसा ही हुआ है . समूचे माधव नगर क्षेत्र का  आम जनमानस इसे लेकर चिंतित है और हो भी क्यों नहीं . उसे क्या मालूम कि नगर निगम के नल से आने वाला पानी इतना भी दूषित हो सकता है वैसे भी  पूरे माधव नगर क्षेत्र में जमीन के अन्दर की  पाइप लाइने समय के साथ साथ प्रभावित हो रही है इसलिए दूषित पानी आसानी से पाइप लाइनों से होकर नागरिको के घरो तक आसानी से पहुच  सकता है . यह बड़ी गंभीर चिंता का विषय भी है.  भविष्य में इस तरह कि घटनाओ की पुनरावृति न हो इसलिए क्षेत्र की समस्त जल सप्लाई की वर्तमान व्यवस्था की तत्काल कारगर समीक्षा करनी चाहिए और  पाए जाने वाले अवरोधों का निदान किया  जाना जन हित में अपेक्षित है  

केस नं एक - श्रीमती कमला देवी लोकवानी उम्र 72 वर्ष , निवासी - बंगला लाइन 
अच्छी भली बुजुर्ग महिला कमला देवी को 1 अगस्त की सुबह अचानक उल्टी दस्त शुरू हो गए थे और शाम होते होते उसकी म्रत्यु  भी हो चुकी थी , मृतक कमला देवी का पुत्र फेरी करके अपने परिवार का गुजर बसर जैसे तैसे करता है . अचानक माँ का साया सिर से उठ जाने के कारण यह परिवार बेहद गमजदा है . प्रशासन को इनकी  आर्थिक  मदद अवश्य करनी चाहिए .पूरा परिवार आस पास के घरों से बोरिंग का पानी लेकर अब अपना काम चला रहा है

केस नं - 2 , शंकर डोडवानी , उम्र 42 वर्ष निवासी - बंगला लाइन 

पुराने ग्राम पंचायत  चौराहे पर वर्षो से  पान की एक  छोटी सी दुकान चलाकर  रोजाना मात्र कुछ पैसे कमाने वाले शंकर को उल्टी  दस्त की तकलीफ हो रही  थी , इन्ही दिनों उसका छोटा भाई श्याम  लाल भी इन्ही वजहों से चार दिन बाबा माधव शाह अस्पताल में भर्ती था . शंकर को नहीं मालूम था कि  मौत उसके पेट में दूषित पानी बनकर पहुच चुकी थी ,केस नं एक के बाद यह दूसरा केस था .  शंकर का परिवार  बेहद गरीब है और इस परिवार की आर्थिक  मदद करना प्रशासन का दायित्व  भी बनता है

केस नं - 3 , गुलाबराय सुन्दरानी , उम्र 48 वर्ष - बंगला लाइन 
अपनी साइकल  से  आस पास  के क्षेत्र में गोली बिस्कुट की फेरी करने वाले गरीब गुलाबराय को पता नहीं होगा कि इस बार वो घर से निकलेगा तो वापस घर कभी नहीं पहुचेगा. उसके परिवार वालो ने बताया कि     उन्हें खुद समझ में नहीं आ रहा कि अचानक उन्हें क्या हो गया  ? बाद में उन्हें पता चला कि वे जहा गए थे उन्हें वहा खूब उल्टियाँ  हुई थी जिसकी वजह से ही उनकी जान गयी.
 

यह तीन केस अपने आप में ही चीख चीख कर कह रहे है  कि इंसाफ  चाहिए , तीनो परिवार बेहद गरीब है मुश्किल से ही गुजारा हो पता है . संवेदनशील इंसानियत को अपना परिचय देना होगा      

बरसात का  मौसम समाप्त होने तक  पानी ऊबाल कर पीयें
नगर निगम आयुक्त एस के सिंह का कहना  है कि सभी नागरिकों को बरसात का मौसम समाप्त होने तक पानी ऊबाल कर पीना चाहिए जिससे बीमारियों से बचाव हो सके . प्रबल सृष्टि भी सभी पाठको से यह अपील करता है कि चाहे पानी नगर निगम द्वारा सप्लाई किया गया हो या अन्य किसी श्रोत से लिया गया हो उस पानी को पहले छान लें  और फिर  ऊबाल कर ही पीयें ,  घर और आस पास गंदगी न फैलने दे , अपने क्षेत्र के पार्षदों के  घर का दरवाजा खटखटाने में अब संकोच कतई न करे जिससे आपकी समस्यायें  उन्हें पता तो चले , अपने बुनियादी अधिकारों को पहचाने और उसे पायें भी .  

माधव नगर जुलुस मार्ग भ्रस्टाचार की भेंट न चढ़ जाये



 राजनैतिक महत्वकांषाओं का शिकार बने एक मार्ग की जर्जर हालत यह बयां करती है  कि नागरिको की सुविधाओ से ज्यादा कुछ लोगो को अपने निजी स्वार्थ की चिंता ज्यादा है  . माधव नगर के बाबा नारायणशाह वार्ड स्थित किशनचंद मार्ग से होकर पोस्ट आफिस होते हुए आने वाले जर्जर  मार्ग से नागरिको को निजात अभी तक नहीं मिल पाई है .वैसे तो विधायक गिरिराज किशोर पोद्दार ने इस मार्ग के लिए पौने चार करोड़ का बजट राज्य शासन से पास कराया है .कही सीमेंट से तो कही डामर से बनने वाले इस मार्ग की एक कहानी भी है . पूर्व में यह मार्ग नगर निगम के अधीन था और नगर निगम इसे  सत्तर लाख में पूरा  डामलीकृत बना भी रहा था इसके बाद यह  मार्ग  निगम और राज्य शासन के बीच उलझ कर रह गया इसके बावजूद  विधायक पोद्दार ने इसके लिए एक बड़ा बजट पास करवा दिया है , इस मार्ग के भूमिपूजन के लिए  जबलपुर से आते समय विधानसभा अध्यक्ष ईश्वर दास रोहाणी के काफिले में शामिल पायलट वाहन दुर्घटना ग्रस्त हो गया था जिसकी वजह से एक पुलिस के जवान की मृत्यु  हो गयी थी तथा एक और पुलिस जवान की मृत्यु बाद में इलाज के दौरान हो गयी 
कटनी - स्थानीय नागरिक चाहते थे कि यह मार्ग डामल से बनाया जाये किन्तु अब यह मार्ग सीमेंट से ही बनेगा , हालाकि  किशनचंद राज मार्ग का एक हिस्सा डामल से ही बनाया जायेगा इसके पीछे नागरिको का विरोध होना भी बताया जा रहा है . क्षेत्रीय नागरिको का कहना है कि माधव नगर के कुम्हार मोहल्ला से छहरी तक बनने वाले मार्ग के अनुपात में यह मार्ग बहुत छोटा भी  है लेकिन उस अनुपात के अनुसार इस मार्ग का बजट अत्यंत अधिक बनाया गया है . इसे लेकर कई तरह कि शंकाओ का जन्म हो भी चुका है .
 पोस्ट आफिस रोड पर कई दशको से आटा  चक्की चलाने वाले और  रुई गद्दे बनाने का कार्य करने वाले वरिष्ठ नागरिक पंजूमल माटानी इस मार्ग की  लागत को लेकर कई सवाल भी खड़े कर रहे है . उनका यह  कहना है कि इस मार्ग पर गिट्टी मुरुम बिछाने का कार्य पूर्व में मात्र 2-3 लाख से किया गया लगता है  लेकिन उन्हें बताया 11 लाख जा रहा है . जो भी हो इस मार्ग पर पूर्व में खर्च किये गए रुपये और वर्तमान में भारी भरकम बजट और कार्य क्षेत्र को देखकर नागरिको के मन में शंकाओ ने जन्म तो ले ही  लिया है . अगर पौने चार करोड़ से यह मार्ग अब बनाया जायेगा तो पूर्व में खर्च किये गए लाखो रुपयों का क्या हुआ ? क्या वे सब बरसात के पानी में बह गए ? या यहाँ भी भ्रस्टाचार ने अपने पैर पसार लिए है . इस मार्ग से विधायक गिरिराज किशोर पोद्दार की प्रतिष्ठा भी जुडी हुई है इसलिए  अब यह जरुरी होगा की इस मार्ग पर पूर्व में खर्च की गयी राशि और अब खर्च की जाने वाली राशि की पाई पाई का हिसाब नागरिको के सामने भी आ पाये क्योकि कटनी शहर के बरही रोड और वी आई पी रोड में हुए भ्रस्टाचार की कलई वैसे ही खुल चुकी है  ऐसे में भारी भरकम लागत से बनने वाले इस मार्ग की नागरिक निगरानी भी अब जरुरी लगती है .


ये क्या हो गया है अब बिजली विभाग को ?



वैसे कुलश्रेष्ठ के जाते ही बिजली विभाग की सक्रियता सभी मामलो में समाप्त हो गयी है चाहे अप्रत्याशित रूप से बढे  हुए बिजली बिलों में सुधार के मामले हो या बिजली ठेकेदारों की मनमानी हो , वर्तमान में विभाग प्रमुख विनोद राय जैसे  पुराने अधिकारी ऐसे कई मामलो में नाकामयाब रहे है . फीडर सेपरेशन में बिजली ठेकेदारों के  दर्जनों मामले सामने आये विभाग के आला अधिकारी चुप्पी साधे रहे . आम आदमियों के घरो  के बाहर बिजली मीटर  लगाने में सक्रियता दिखाने वाला विभाग कुछ खास जगहों पर आते आते निष्क्रिय हो जाता है . जिनके यहाँ गलत रीडिंग के चलते बिजली बिल पहुंचे  वे विभाग के दफ्तरों के चक्कर लगा लगा कर थक चुके  पर उनकी समस्याएँ हल नहीं हो सकी है . इस तरह की कई समस्याएँ अब विभाग सुलझाने में नाकामयाब होता जा रहा है जबकि कुलश्रेष्ठ साहब के रहते विभाग ने नए नए कीर्तिमान रचे थे . विनोद राय जैसे पुराने अधिकारी को इस और ध्यान देना चाहिए  जिससे बिजली विभाग की छवि जिले भर में धूमिल होने से बच सके



कलेक्टर - विधायक - महापौर दिलायें गरीब बुजुर्गो को उनका हक़


सामाजिक सुरक्षा पेंशन के सर्वे कार्य में बरती गयी भयंकर  लापरवाही के चलते नगर के सैंकड़ो पात्र वृद्ध अब दाने दाने को मोहताज है और इसके जिम्मेदार इस सर्वे को करने वाले नगर निगम और जिला प्रशासन के कर्मचारी है . प्रदेश शासन द्वारा अपात्र जनों को मिल रही पेंशन की शिकायतों के बाद जैन आयोग से  इसकी जाँच करायी गयी थी , जिले वार की गयी जाँच में वार्ड स्तर पर दल बनाये गए जिसमे नगर निगम के कर्मचारी और पटवारियों को पेंशन पाने वालो  के  भौतिक सत्यापन करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौपी गयी थी पर अफ़सोस कि इस गंभीर कार्य को लापरवाही से किया गया है इस कथित जाँच के बाद कई पात्र जनों की पेंशन  पिछले कई महीनो से बंद हो गयी है . संत कँवर राम वार्ड स्थित ऐसे ही दो पात्र जनों की पेंशन पटवारी जाँच रिपोर्ट के आधार  पर नगर निगम ने जब बंद कर दी तो इसकी शिकायत प्रबल सृष्टि के पास पहुंची . प्रबल सृष्टि ने तत्काल  इसकी समस्त जानकारी एस डी एम् तेजस्वी नायक को उपलब्ध करा दी , नायक साहब ने भी पटवारी ज्ञानेश्वर  तिवारी को इन वृद्धो की तत्काल जाँच सौपी जिसके बाद किये गए भौतिक सत्यापन में उन्हें  पात्र पाया गया  , वृद्ध सावित्री बाई और बिलंदराय  की पेंशन  चालू करने एस डी एम् तेजस्वी नायक ने नगर निगम आयुक्त को 17 जुलाई  को एक पत्र लिखा जिसके बाद दिनांक 9 अगस्त को नगर निगम में आयोजित  महिला बाल विकास समिति की एक बैठक समिति अध्यक्ष श्रीमती लता कनौजिया के नेतृत्व ने आयोजित हुई और पेंशन पुन: चालू करने प्रस्ताव पास किया गया है . इसके अलावा भी जिन जिन का पुन: भौतिक सत्यापन कराया गया है तो वे जरूरतमंद  ही निकले है . नगर निगम में महिला बाल विकास समिति अध्यक्ष पार्षद श्रीमती लता कनौजिया का भी कहना है कई जरूरतमंद लोग भटक रहे है उनके द्वारा भी ऐसे मामलो में रूचि लेकर जरूरतमंद के कार्य किये जा रहे है . अब सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसे महत्पूर्ण जाँच कार्यो में लापरवाही क्यों  बरती गयी और किस किस ने लापरवाही की है जिसकी वजह से सैंकड़ो पात्र  नगर निगम और जिला प्रशासन के जनसुनवाई कार्यक्रमों में
में आये दिन भटकते देखे जा सकते है . अधिकारियो कर्मचारियों का रवैय्या भी संवेदनहीन नजर आता है ऐसे में  मात्र कुछ जनों की सक्रियता भी सभी पात्रो  को उनका हक़ दिलाने में नाकाफी है  जिला कलेक्टर अशोक कुमार सिंह के पास भी ऐसे तमाम मामले जनसुनवाई में पहुँच  रहे है लेकिन सरकारी दफ्तरों में चल रहे आफिस आफिस के खेल में वृद्धो के नसीब में धक्के खाते रहना नजर आ रहा है  ऐसे में जिला कलेक्टर अशोक कुमार सिंह , नगर निगम महापौर  श्रीमती निर्मला पाठक , विधायक गिरिराज किशोर पोद्दार से प्रबल सृष्टि यह जन अपेक्षा रखता है कि इन मामलो को वे स्वयं अपनी निगरानी में  ले  और पात्र जनों को उनका हक़ दिलवाने में मदद  करे जिससे कुछ रुपयों की खातिर बुजुर्गो को    बेवजह इधर उधर न भटकना पड़े .