Thursday, December 15, 2011

पानी को लेकर हम गृह युद्ध नहीं सह सकते

पानी के लिए अगर हम आपस में ही लड़ मरे , तो क्या हम मनुष्य कहलाने के हकदार है ? नहीं , हम तो जानवर कहलाने लायक भी नहीं रहेंगे । जानवर तो जल , जंगल और जमीन का कुछ इस्तेमाल भर ही करते है और हम कथित इंसान अपनी भ्रष्ट मति से प्रकर्ति को ही तोडना मरोड़ना चाहते है क्योकि हमारी शक्ल मनुष्यों जैसी है और हमारे काम शैतानो जैसे । इनदिनों पानी को लेकर तमिलनाडु और केरल के बीच तनाव बड़ा हुआ है और दोनों राज्यों के कथित कर्ता धर्ता अपने बयानों से इस तनाव को बढाने का ही काम कर रहे है । सुप्रीम कोर्ट दोनों राज्यों को इसके लिए फटकार लगा चूका है । पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम भी इस मसले को लेकर कह चुके है कि देश पानी को लेकर गृह युद्ध नहीं सह सकता । छोटे शहरो और कस्बो के अलावा बड़े शहरो में भी पानी को लेकर मामूली विवादों में हजारो जाने अभी तक जा चुकी है । अपने आपको सरकार चलाने के लिए ही पैदा हुआ मानने वाले कथित इंसानों ने प्रकर्ति द्वारा दिए गए वरदान जैसे जल , जंगल और जमीन का सत्यानाश सिर्फ अपने निजी फायदे के लिए करने की ठान रखी है ।हमारे वोट लेकर कुछ मुठी भर आदमी सरकार बन जाते है और अपनी मनमती से निर्णय लेकर हमारे भविष्य और हमारी आने वाली पीढ़ी तक को प्रभावित करना चाहते है । यह मुद्दे तो सीधे हमारी जरूरतों से जुड़े है इसलिए हम इसपर विचार करे जिससे कुछ तो ऐसा हल निकल कर आ सके वैसे पूर्व राष्ट्रपति कलाम साहब ने पानी के बांधो को सैन्य बलों को हवाले करने की बात की है आखिर कलाम साहब जैसे विद्वान की हमारा देश क्यों नहीं सलाह मानता ऐसे विद्वान जनों की सलाह और मार्गदर्शन की अति आवश्यकता है ।

Friday, December 09, 2011

प्रदेश कांग्रेस के गले की फांस बनता पाठक परिवार



मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार के खिलाफ मध्यप्रदेश विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाकर अरसे बाद एकजुट हुई कांग्रेस जब सदन में भाजपा मंत्रियो को घेर रही थी और बहुत हद तक इसमें कामयाब होते भी दिख रही थी तो वही दूसरी तरफ कांग्रेस के ही एक स्वयंभू भावी मुख्यमंत्री के तौर पर खुद को प्रचारित करने वाले विधायक संजय पाठक पर जबलपुर सिहोरा क्षेत्र से हजारो करोड़ रुपये के अवैध आयरन ओर उत्खनन के गंभीर आरोप लग चुके थे । अविश्वास प्रस्ताव के दौरान एक मिनट भी सरकार के खिलाफ न बोलने वाले विधायक पाठक अन्य विधायको को यह कहते हुए हाथ जोड़ रहे थे कि उनका नाम सदन में न उठाया जाए ।

अब विधायक और उनके परिवार के खिलाफ सडको पर प्रदर्शन हो रहा है , हाल के दो तीन महीनो में कांग्रेस प्रदेश में बढ़त की और थी और विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाना इसी का परिणाम था । संजय पाठक और इनके परिवार द्वारा हजारो करोड़ का अवैध उत्खनन करने की बात सामने आने से कांग्रेस जन भी चिंतित दिखाई दे रहे है । समूचे कटनी जिले में कांग्रेस की भद्द इतनी नहीं पिटी जितनी इस बार ८ दिसंबर को नगर निगम के सामने बीच सड़क पर पिटी । भाजपा संगठन का यह विरोध प्रदर्शन भी संजय पाठक और इनके परिवार द्वारा अपना राजनैतिक प्रभाव इस्तेमाल कर किये गए अवैध उत्खनन , भू माफियाओ को संरक्षण , गुंडागर्दी , कमीशनखोरी ,सिन्धी समाज के खिलाफ आधी रात को की गयी गाली गलोज,पूर्व टीआई अखंड प्रताप सिंह से जगजाहिर की गयी अभद्रता जिसके कारन टी आई ने नौकरी तक छोड़ दी थी और इनके लोगो द्वारा किये जा रहे गैर कानूनी कार्यो के विरोध स्वरुप ही यह प्रदर्शन था ।

भाजपा विधायक राजू पोद्दार और अध्यक्ष ध्रुवप्रताप सिंह सहित तमाम नेताओ ने प्रदर्शन में कहा की आज से बीस पचीस साल पहले पाठक परिवार के पास क्या था ? सत्येन्द्र पाठक जब खाद्य मंत्री बने तो पूरे प्रदेश की सरकारी बोरियो को बेच कर खा गए , संजय पाठक जब जिला पंचायत अध्यक्ष बने तो पूरे जिले में दस प्रतिशत कमीशन इन्होने खाई है और वर्ष २००३ से खदान का काम करने लगे है । जाहिर है इन तमाम गंभीर आरोपों का सीधा वास्ता कांग्रेस की बजाये पाठक परिवार से है और समूची कांग्रेस अब इन्ही वजहों से घिरती दिख रही है । विधानसभा में विधायक संजय पाठक द्वारा अपना नाम न उठाने के लिए गिडगिडाना प्रभावी बनती कांग्रेस के जोश को ठंडा करने की लिए काफी है । अब इस विधायक पर कांग्रेस आलाकमान जो रुख अपनाएगा वही रुख प्रदेश में कांग्रेस की दिशा को भी तय करेगा । कर्णाटक के रेड्डी बंधुयो की तरह पाठक परिवार की कारगुजारी अब सबके सामने है ।


नगर निगम में सौ करोड़ के घोटाले की तैयारी


भाजपा विधायक राजू पोद्दार ने पाठक परिवार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा की पिछले ९ नवम्बर को नगर निगम में एक बैठक आयोजित की गयी थी जिसका प्रस्ताव बिंदु क्रमांक ५ में ५०७ करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्ताव है जबकि ४०० करोड़ रुपये का कुल वास्तविक खर्च है और ७ करोड़ रुपये अन्य वजह से खर्च किये जायेंगे । सीधे सीधे १०० करोड़ रुपये का घोटाला करने की तैय्यारी है । देखा जाए तो यह तमाम ऐसी बाते है जो आम जनता को तो पता ही नहीं चल पाती , अगर इस तरह से जनता की गाढ़ी कमाई से घोटाला कर अपना घर भरा जा रहा है तो यह संगीन अपराध है । नगरिय प्रशासन और कांग्रेस आलाकमान को भी यह देखना होगा की कही जनता की सेवा के बदले जनता की आँखों में धुल तो नहीं झोंकी जा रही है ।

Friday, December 02, 2011

साधू के भेष में डाकू - डाक्टर के भेष में धंधेबाज

इंग्लिश बीमारी एड्स के नाम पर शहर की सडको पर डाक्टर लोग हाथो में बेनर लेकर निकलते है और चाहते है इनके फोटो और समाचार अखबारों में छपे जिससे लोगो को पता चले कि ये डाक्टर आम आदमी के स्वास्थ के प्रति जागरूक है । आम आदमी के स्वास्थ के प्रति अपनी गहरी चिंता जताने के लिए उच्च किस्म के कुछ डाक्टर रेलिओ , सेमिनारो और दूर देशो की यात्रा कर आते है । सरकारी अस्पतालों में अपनी ड्यूटी करने की बजाये अपना निजी अस्पताल खड़ा करने का मकसद हमेशा से कुछ डाक्टारो का रहा है । ऐसे डाक्टर इसे अच्छा टिकाऊ रोजगार का बढियां अवसर मानते हुए अपनी संतानों को भी तरह तरह की डिग्रिया दिलाकर एक और फर्म यानि अस्पताल शुरु कर देते है , यह आप भी अच्छी तरह से जानते होंगे की आजकल डिग्रिया किसे और कैसे मिल जाती है । चलो ठीक है अपना अस्पताल बनवा लो , बंगला बनवा लो किसी को कोई हर्ज नहीं है पर डाक्टर साहब गरीबो की पहुच वाले अस्पताल तो आओ , मरीजो को रिफर करने के लिए नहीं उनका इलाज करने के लिए आओ . आप रोजाना समाचार पत्रों में टी वी चैनलों में सरकारी अस्पतालों में मरीजो की हालत देखते होंगे कई तो आप खुद भी तजुर्बा रखते होंगे । अस्पतालों की दवाइयां एक्सपाइरी होकर कचरे के ढेर में पड़ी रहती है लेकिन किसी गरीब के काम क्यों नहीं आ पाती ।


अब हर शहर का तो नहीं लेकिन कटनी शहर का हाल स्पष्ट बता रहा हू , यहाँ जिला अस्पताल में मरीजो को दुत्कारा जाता है , इलाज करने की बजाये रिफर करने की प्राथमिकता रहती है , दुसरे ब्लड ग्रुप तक का ब्लड मरीजो को चढ़ा दिया जाता है और रेलिया , सेमिनार में भाग लेने वाले डाक्टर लोकल दवाइयां बनवाने वालो के साथ अपने विदेश दौरे या गिफ्ट पर चर्चा कर रहे होते है । कटनी जिले के कुछ खास डाक्टरों ने अपनी क्लिनिक के बाहर ही खास किस्म की (लोकल बनवाई जा रही दवाइयां )की दुकान खुलवा रक्खी है ताकि जो वे लिखे वही से पाए । २० -२५ रुपये लगत वाली दवाए १००-१२० रुपये में कुछ डाक्टर बिकवा रहे है । एक डाक्टर अपना निजी नर्सिंग होम ही बिजली चोरी कर चला रहे थे साथ ही घर को भी रोशन कर रहे थे । कुछ डाक्टरों की वजह से अब यह पेशा सेवा का न होकर धंधा बन सा गया है और जब इसे वरिष्ठ डाक्टारो को भी करते देखता हूँ तो दुःख होता है । मेरा उद्देश्य यहाँ डाक्टारो को बदनाम करना नहीं बल्कि डाक्टारो के भेष में छुपे कुछ धंधेबाजो की थोड़ी सी कार्यप्रणाली भर बताना है .

मंत्री का काम एक दिन में होगा आम आदमी भटकता रहेगा



रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी का रीवा संभाग कार्यालय भरी अव्यवस्थाओ का शिकार हो गया है इस कार्यालय के अंतर्गत शहडोल संभाग भी आता है । करीब दो साल पहले यहाँ असिस्टंट रजिस्ट्रार की कुर्सी खाली थी तब मध्य प्रदेश शासन ने जबलपुर के असि रजिस्ट्रार जे के दुबे को यहाँ का प्रभार दिया था , बाद में इस जगह पर शासन ने असि रजिस्ट्रार बी डी कुबेर की नियुक्ति भी कर दी लेकिन उन्हें प्रभार नहीं दिया जिस कारन शहडोल और रीवा संभाग के लोग यहाँ फर्म और सोसइटी का पंजीयन कराने के लिए चक्कर पर चक्कर काट रहे होते है क्योकि प्रभार वाले साहब जबलपुर से महीने दो महीने में ही आ पाते है ।हालत यह है की खनिज मंत्री राजेंद्र शुक्ल की पार्टनरशिप वाली फर्म भैयालाल शुक्ल एंड कम्पनी का काम भी रुका था जब मंत्री जी ने प्रभार वाले जे के दुबे को फ़ोन किया तो उनका काम एक दिन में जबलपुर से रीवा आकर करके चले गए । रीवा संभागायुक्त धर्माराव भी इस कार्यालय की अव्यवस्थाओ से खासे परेशान है । जब तक राज्य शासन इस समस्या का समाधान नहीं करेगा तब तक यहाँ भटकन जारी रहेगी , तथास्तु ।

Wednesday, November 23, 2011

कचहरी परिसर में हुई हत्या दहशत कायम करने के लिए



मुझे इस बात का पक्का यकीन है कि अपराधी प्रवर्ती के इटन ने मन्नू भारती कि हत्या करने के लिए कटनी कचहरी परिसर जैसा स्थान जानबूझकर चुना ताकि उसकी दहशत शहर में कायम हो जाये । दिनदहाड़े कचहरी परिसर के बाहर कनपटी पर गोली मरने का उद्देश्य मृतक मन्नू और इटन के बीच आपसी वर्चस्व की लड़ाई ही थी। फ़िलहाल जेल में बंद इटन अवैध उत्खनन , शराब माफिया आदि दो नम्बर के कारोबार करने वालो का सहयोगी रहा है । यही लोग इटन जैसे अपराधियो को पालते पोसते है और अपना काम निकलवाते है । जिला प्रशासन पिछले कई दिनों से अवैध उत्खनन करने वालो के खिलाफ कार्यवाही भी कर रहा था जिसके चलते इसमें संलग्न तत्वों पर अंकुश लग गया था । हत्या जैसा अपराध करने वालो से आम शरीफ आदमी वैसे ही घबराता है । कटनी जिले में किस्सू तिवारी का नाम लगभग हर आदमी जानता है । आधा दर्जन से ज्यादा हत्या व हाथ काटने वाला यह खूंखार सालो से फरार घोषित है । पुलिस के बड़े अफसर भी किस्सू तिवारी के नाम से कापते है , शहर के लोग भी दबी जुबान से ही इसका लेते है । सालो से शांत पड़ी कटनी अब पुनः जघन्य अपराधो की वजह से चर्चा में आ गयी है ।

Friday, November 18, 2011

सूफी परम्पराओं और साहित्य ने भारत के लोक जीवन को गहरे तक प्रभावित किया है


मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नरेश यादव ने १८ नवम्बर को भोपाल के भारत भवन में सूफीवाद पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए कहा कि ईश्वर को प्रेम का रूप मानकर सम्पूर्ण सृष्टि से प्यार करना ही सूफीवाद की मूल भावना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक धर्म का यही तो सार है। श्री यादव ने कहा कि सूफीवाद की विचारधारा जब तक पूरी दुनिया में कायम है, तब तक इंसानियत बनी रहेगी। राज्यपाल ने कहा सूफीवाद आध्यात्मिक स्तर पर मानव के अंतर मन की एक अवधारणा है। आत्मा की परमात्मा तक पहुंचने की लालसा और उसके लिए किये जाने वाले प्रयत्न सूफीवाद का आधार हैं। उन्होंने कहा आध्यात्मिक ऊंचाईयां, मन की शांति, धर्म निरपेक्षता, इंसानों की समानता सूफीवाद के प्रमुख सिद्धांत हैं। धार्मिक आडम्बरों, नियमों, जाति भेद, रंगभेद और सीमाओं को सूफीवाद कभी बढ़ावा नहीं देता है। श्री यादव ने कहा कि सूफीवादी दर्शन से इंसानी अस्तित्व की सार्वभौमिकता का प्रभाव काफी विस्तृत और सकारात्मक हो जाता है। पूर्व में राज्यपाल ने सूफीवाद की परम्परा के अनुसार जल में गुलाब की पंखुरियां अर्पित कर संगोष्ठी का शुभारम्भ किया। संगोष्ठी का आयोजन दि फाउन्डेशन आफ सार्क राईटर एवं लिटरेचर, नई दिल्ली द्वारा किया गया था। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि टर्की की सीमेल नुर सरगुट थीं। संगोष्ठी में संगठन की अध्यक्ष श्रीमती अजीत कोर ने स्वागत भाषण देते हुए आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने अतिथियों को शाल भेंटकर उनका स्वागत किया।
राज्यपाल श्री राम नरेश यादव ने कहा कि सूफी परम्परा का आध्यात्मिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक क्षेत्रों में हमारी लोक परम्परा और लोक जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है। लोक स्मृतियों से उसका गहरा सरोकार है। सूफी साहित्य में लोक स्मृतियों में बसी कथाओं,गाथाओं और वाचिक परम्परा के तत्वों का समावेश होता है, इसलिए उनकी रचनाओं का भी समाज में गहरा प्रभाव पड़ा। सूफी रचनाकारों ने अरबी,फारसी के साथ-साथ हिन्दी शब्दों और मुहावरों का उपयोग कर अभिव्यक्ति का व्यापक रूप विस्तारित किया।
राज्यपाल श्री यादव ने मध्यप्रदेश के बुरहानपुर को सूफी दर्शन, साहित्य संरचना, तत्वज्ञान,धार्मिक विचारधारा, मत-मतान्तरों की गहन समीक्षा का केन्द्र बताते हुए कहा कि मध्य काल में बुरहानपुर नगर की पहचान ओलियाओं की नगरी के रूप में स्थापित हुई थी। इस नगर को अपनी तपो भूमि व कर्म भूमि बनाने वाले सूफी संत ही थे। उन्होंने भोपाल में इस संगोष्ठी के आयोजन को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि संगोष्ठी में भाग लेने वाले विभिन्न राष्ट्रों के विचारकों द्वारा सूफीवाद पर व्यक्त विचारों से पूरी दुनिया में इंसानी भाईचारे, एकता, अखण्डता,प्यार और भेदभाव रहित समाज की रचना का संदेश जायेगा।
संगोष्ठी शुभारम्भ कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण था बाउल सिंगर सुश्री पार्वती द्वारा दो भक्ति नृत्य गीतों की भाव विभोर कर देने वाली प्रस्तुतियां। बहुत मधुर स्वरों के आरोह और अवरोह तथा नृत्य की मंत्रमुग्ध करती चपल भंगिमाओं ने उपस्थित श्रोताओं को आनंद की फुहारों में सराबोर कर दिया। अनेक श्रोता इन प्रस्तुतियों में मंत्रमुग्ध होकर ऐसे आकंठ डूब गये थे की वे साथ-साथ गाने से स्वयं को रोक नही सके थे। प्रस्तुतियों की समाप्ति पर उपस्थित लोगों ने देर तक तालियां बजाकर प्रस्तुतियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सीमेल नुर सरगुट ने कहा कि आध्यात्मिक प्रेम से दुनिया बहुत सुंदर बनती है। आपसी नफरत और नकारात्मक विचारधाराओं से दूर रहकर ही परमात्मा का वास्तविक चेहरा देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि संत की कभी मृत्यु नहीं होती। वे हमेशा जीवित रहते हैं। हमें परमात्मा से प्रेम करना चाहिए। यही सच्ची इंसानियत है। उन्होंने आमजनों से कहा कि सृष्टि के हर जीव से प्यार करने के साथ-साथ हमें अपने अंतरमन को उदार और विशाल बनाना होगा तभी हम क्षमा कर देने जैसे विलक्ष्ण गुणों को अपने अंतर में विकसित कर सकेंगे। यही परमात्मा की सीख है। उन्होंने कहा तसव्वुफ का अर्थ स्वतंत्रता होता है। यह स्वतंत्रता आपसी राग -द्ववेष, कटुता, मत विभिन्नता और आडम्बरों से आजादी पाना है।
अध्यक्षीय भाषण देते हुए डा. आबिद हुसैन ने कहा कि आज का दौर आतंकवाद, अलगाववाद और नफरत का दौर है। धर्म के नाम पर एक दूसरे की खिलाफत की जा रही है। समय के इस खतरनाक मोड़ पर इन भयावह प्रश्नों के उत्तर खोजने निकलें तो सूफीवाद ही सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर की तरह सामने आता है। उन्होंने कहा कृष्ण के उपदेश और गांधी के संदेश वही हैं जो सूफीवाद की मूल अवधारणा है। उन्होंने कहा कि अंतरमन के नैतिक साहस और जीवन के मूल्यों को अपनाकर ही विषमता से पार पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संगीत और नृत्य हमारी आंतरिक आनन्द की अनुभूतियों को व्यक्त करने के मूल माध्यम हैं। श्री आबिद हुसैन ने कहा कि हमारा दिल गरीबों के लिए धड़कना चाहिए। उसे असमानता के विरूध सख्त होना चाहिए। विचारों का यही रास्ता सूफीवाद है।
इस अवसर पर इजिप्ट के डा. मटकोर, ईरान के डा. मरीम नियाजी, तुर्केमिनिस्तान के डा. उवेजोव अन्नागुड़ी पाकिस्तान के श्री सलीम आगा, श्रीलंका के श्री सामंत लनगाकून, नेपाल के प्रो. अभि सुबेदी, और अफगानिस्तान के सैय्यद अहमद चिश्ती भी उपस्थित थे। समारोह में राज्यपाल श्री राम नरेश यादव और विशिष्ट अतिथियों को अजमेर की दरगाह प्रतिनिधियों ने सिर पर साफा बांधकर और दरगाह की चादर भेंट कर सम्मानित किया। अंत में श्री मनमोहन सिंह मितवा ने आभार व्यक्त किया।

निजी-सार्वजनिक भागीदारी से होगा मध्य प्रदेश में रेल्वे ओवर ब्रिज निर्माण

प्रदेश में रेल्वे ओवर ब्रिज का निर्माण में निजी-सार्वजनिक क्षेत्र की परस्पर भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी। इसके लिये मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा प्रदेश में 46 रेल्वे ओवर ब्रिज के निर्माण के लिये एक हजार करोड़ रूपये के प्रस्ताव तैयार किये गये हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में रेल्वे ओवर ब्रिज निर्माण में पहली बार यह पहल हो रही है।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने १७ नवम्बर को राज्य मंत्रालय में केन्द्रीय रेल मंत्री श्री दिनेश त्रिवेदी के साथ प्रदेश के सांसदों की बैठक में इस आशय की जानकारी दी और केन्द्रीय रेल मंत्रालय से इस पहल में सहयोग करने का आग्रह किया।
बैठक में सांसदों ने रेल्वे ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज के निर्माण में प्रक्रियागत विसंगतियों और अनावश्यक विलम्ब की स्थिति की ओर केन्द्रीय रेल मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। राज्य शासन की इस पहल से रेल्वे ओवर ब्रिज के निर्माण में तेजी आयेगी और शहरी यातायात व्यवस्था में सुधार होगा।
सांसद सुश्री अनसुइया उईके ने छिन्दवाड़ा में रेल्वे ओवर ब्रिज निर्माण में विलम्ब की ओर रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट करते हुये समय-सीमा में पूरा करने का आग्रह किया। सांसद श्री रघुनंदन शर्मा ने उज्जैन में प्रस्तावित रेल्वे ओवर ब्रिज को शीघ्र पूरा करने के लिये समय-सीमा निर्धारित करने का भी अनुरोध किया। सांसद श्री वीरेन्द्र ने टीकमगढ़, छतरपुर संसदीय क्षेत्र में हरपालपुर और निवाली में रेल्वे ब्रिज के निर्माण की आवश्यकता बताई। भोपाल के सांसद श्री कैलाश जोशी ने भोपाल में चार ओवर ब्रिज और तीन अंडर ब्रिज का काम शीघ्र पूरा करने की मांग की।

Sunday, November 06, 2011

में तो फिर चला धरती पर बसे स्वर्ग में , ६४ वाँ निरंकारी संत समागम १२,१३ १४ नवम्बर को दिल्ली मे



जब शरीर में बसी इस आत्मा को अपने परमात्मा के तत्त्व की पहचान हो जाती है तो जीवन सुख और विकास के पथ पर अग्रसर हो जाता है । मेरे जीवन की आम शुरुआत इस धरती पर जन्म लेने से होती है लेकिन जीवन में परमआनंद और विकास निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी महारज के उस ज्ञान से प्राप्त हुआ है , जिस ज्ञान को सदगुरु की कृपा से प्राप्त करने के बाद दुनिया के तमाम दुनियावी ज्ञान अपने आप ही समझ में चले आते है । यह ज्ञान कोई शब्द या उच्चारण भर नहीं है यह ज्ञान तो पूर्ण जानकारी है कण - कण में समाये ईश्वर , भगवान , अल्लाह , वाहेगुरु , गाड तथा अनेको अनेक नामो का जिनका नाम दुनिया वाले ले तो रहे होते है लेकिन वस्तु का पता नहीं होता । परमात्मा नाम की वस्तु समय के सदगुरु बाबा हरदेव सिंह जी महारज जी की कृपा से ही प्राप्त होती है । यही ज्ञान भगवान कृष्ण ने अर्जुन को दिया था ।


सदगुरु बाबा जी की कृपा से ब्रह्मलीन ब्रह्मऋषि रूपलाल जी (कोटा वाले ) ने मुझे करीब १७ वर्ष पहले इस हर जगह मौजूद परमात्मा की जानकारी करा दी । इसके बाद के जीवन को में शब्दों में तो कह ही नहीं सकता , बस इतना कह सकता हू कि अब में कुछ नहीं करता बस यही कर्ता है । मुझे तो इसने अपना बेटा बना लिया है , मेरे हर पल का यही ख्याल रखता है । पिछले १५ वर्षो से में देश कि राजधानी दिल्ली के बुराड़ी रोड पर स्थित समागम मैदान में आयोजित निरंकारी संत समागम में जा रहा हूँ , इस बीच सिर्फ दो बार ही नहीं जा सका वो भी इसकी मर्जी थी ।


६४ वा वार्षिक संत समागम १२ , १३ , १४ नवम्बर २०११ को सदगुरु की छत्रछाया में आयोजित है । निरंकार परमात्मा साक्षात् सदगुरु रूप में यहाँ भौतिक रूप से विराजमान होता है । भारत देश के अलावा पूरे विश्व से भक्त जन यहाँ पर लाखो की तादाद में आते है , जैसे एक धागे में मोती रहकर माला बन जाते है वैसे ही । यहाँ पर सभी प्रबंध संत निरंकारी मिशन के सेवादल के बहन भाई और भक्त जन ही करते है । एक परमात्मा की जानकारी प्राप्त कर चुके लाखो भक्तो की भावनाओ का एक अनुष्ठान है यह संत समागम । यह सुअवसर होता है सदगुरु से सीधे रहमते प्राप्त करने का । तरह तरह की भाषा , वेशभूषा , संस्कृति यहाँ पर एक ज्योति के प्रकाश पुंज को प्रकट कर रही होती है । लगभग ४५० एकड़ में एक पूरी दुनिया सी बस जाती है । मेरे सदगुरु बाबा हरदेव सिंह जी महाराज ने मेरे जैसे लाखो करोडो का जीवन स्वर्ग बना दिया है , में तो बस थोडा सा ही समय निकाल कर इसकी ढेर सारी रहमते लेने जाता हूँ । मेरे अन्दर ढेर सारी कमियां है फिर भी मेरा सदगुरु मुझे अपनी शरण में लेता है और इस स्वर्ग का हिस्सेदार मुझे भी बनाता है । इस बार में अकेला अपने दो मित्रो और कटनी की साध सांगत के साथ इस समागम में जा रहा हूँ , मेरे बच्चो की परिक्षाए है इसलिए मेरा परिवार नहीं जा पा रहा है । मेरा सदगुरु तो समागम में मौजूद होने के साथ निरंकार रूप में मेरे परिवार के साथ घर में भी रहेगा यह तो हर समय हर जगह मौजूद रहता है , पूरे ब्रह्माण्ड में इसकी मौजूदगी रहती है और इस पूर्ण परमात्मा ने मुझ तुच्छ को अपना बना लिया है अब जो भी है यही है । इसलिए में तो चला धरती पर बसे स्वर्ग में ।

Friday, October 28, 2011

असामाजिक तत्वों के हवाले माधव नगर थाना क्षेत्र नागरिको का अमन चैन बर्बाद

कटनी जिले का थाना माधव नगर क्षेत्र इन दिनों पुलिस की घोर लापरवाही के चलते असामाजिक तत्वों के हवाले सा हो गया है । डी आई जी सोनाली मिश्रा चाहे जितना पुलिस की माइक्रोबीट व्यवस्था को सुद्रण बनाने की कोशिश करे लेकिन इस थाना क्षेत्र की माइक्रो बीट व्यवस्था बस नाम मात्र भर की है । पुलिस के खुले संरक्षण में चलने वाली अवैध शराब पेकारियों से शराबी शराब पीकर गली मुहल्लों में गाली गलोज कर सभ्य परिवारों का जीवन दुश्वार किये हुए है । बीच राह पर हिंसक लड़ाई झगडे होना आम बात सी बनती जा रही है । आधी रात के बाद भी तत्त्व कही भी घूमते देखे जा सकते है । ऐसी और इस प्रकार की अनेक अवैध गतिविधियों से यहाँ की पुलिस को रत्ती भर भी फर्क पड़ता दिखाई नहीं दे रहा है , जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले दिनों दिन बड़ते ही जा रहे है । सम्पूर्ण माधव नगर क्षेत्र का हाल एक सा ही हो चला है । माइक्रो बीट व्यवस्था हेतु तैनात आरक्षको को जैसे अपने अपने क्षेत्रो में अवैध कार्यो के संरक्षण का ठेका सा मिल गया है । ऊपर से पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी हाथ पर हाथ धरे बैठे है । कटनी नगर के पत्रकार साथियो से निवेदन है कि वे माधव नगर के नागरिको का अमन चैन बनाये रखने के लिए उनकी इस पीड़ा को अवश्य अपनी आवाज से मुकाम पर पहुचाये ।

Thursday, October 20, 2011

पुण्य प्रसून बाजपेयी: मीडिया से टकराव का रास्ता

पुण्य प्रसून बाजपेयी: मीडिया से टकराव का रास्ता

राजनीती में जाए, बताये सेवा करने है आये और आप हजारो करोड़ कमाए

खुशखबरी- खुशखबरी -खुशखबरी , पता चल गया है कि हमारे कटनी जिले में भी हजारो करोडो के आसामी रहते है । जी हाँ , हाल ही में पता चला कि नौजवान कांग्रेस विधायक संजय पाठक ने पिछले ४-५ साल में सिहोरा क्षेत्र से ५ हजार करोड़ मूल्य का आयरन ओर निकाल कर बेच डाला है , बताया गया है कि यह आयरन ओर उन खदानों से निकाल कर बेचा गया जिनकी लीज साल २००६ में ही समाप्त हो चुकी थी । यह सुनकर तमाम जिले वासिओ को हार्दिक ख़ुशी अनुभव हुई होगी कि चलो हमारे जिले में कोई तो है जो हजारो करोडो का व्यापार करता है और कइयो को संजय पाठक से ईर्ष्या भी अनुभव होती होगी । तो उन ईर्ष्यालु जनों को मेरी सलाह है इनसे ईर्ष्या न करे बल्कि इनकि राह पर चल पड़े । सबसे पहले तो किसी राजनैतिक दल में शामिल हो जाये पर लोगो को सिर्फ यही बताये कि आप जनता कि सेवा करने आये है । धीरे धीरे वो दिन भी आ जायेगा जब दुसरे लोगो को पता चल जायेगा कि अब आप भी हजारो करोडो में खेलने लगे है । लेकिन एक शर्त है कि आपके पास भी वो तमाम योग्यताये भी होनी चाहिए जो कांग्रेस के विशेष प्रतिभावान संजय पाठक में है , तभी आप इस मुकाम तक पहुचेंगे प्रतिभावान नेता को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने महासचिव पद पर बैठा भी दिया है । कटनी के कई छुटभैये नेता तो हर रात को ट्रेक्टर , ट्राली आदि लेकर निकाल पड़ते है कि चलो आयरन ओर निकाले जैसे कि पैदा ही इसलिए हुए है । इधर जबलपुर कलेक्टर गुलशन बामरा को कुछ कमबख्त नेताओ ने शिकायत कर दी है कि देखो - देखो यहाँ अवैध कार्य हो रहा है , अब कार्य अवैध है वैध काम तो हजारो करोडो का हुआ है । इसलिए मेरी भी आप लोगो को सलाह है कि आप तो हजारो करोडो पर ध्यान लगाओ , वैध - अवैध का छोड़ो चक्कर , वैसे भी यह चक्कर आम आदमियों के लिए होता है प्रतिभावान नेताओ के लिए नहीं ।

Sunday, October 16, 2011

अश्वर बिल्डर के वो मददगार जिन्होंने लुटा आम नगरवासियो को

कटनी शहर में अश्वरबिल्डर के नाम पर स्थानीय राजनेताओ ने ही परदे के पीछे रहकर नगर वासिओ से करीब डेढ़ करोड़ की छलपूर्वक लूट उन्हें मकान देने के नाम पर कर दी है । माधव नगर पुलिस ने आठ जागरूक नागरिको की शिकायत पर मामला तो दर्ज कर लिया है लेकिन कार्यवाही के नाम पर वह हाथ पर हाथ धरे बैठी है । अश्वर बिल्डर ने करीब एक महिना पहले से जबलपुर रोड पर स्थित झिन्झरी से बिलहरी जाने वाले मार्ग पर ग्रीन सिटी नाम से एक कालोनी बनाने का अप्रत्याशित रूप से प्रचार प्रसार बड़े पैमाने पर शुरु कर किया था ताकि आम जनता इससे प्रभावित हो जाए , मालिक के तौर पर यहाँ पंचम सिंह ,कृष्णकांत यादव उर्फ़ बल्लू यादव और मनीष तिवारी ने लोगो को जमीन भी दिखाई । इससे प्रभावित होकर करीब आधा सैकड़ा लोगो ने यहाँ पर मकान की बुकिंग भी करा दी । दो सितम्बर से दो अक्टूबर के बीच में इन आठ जनों से ही पचास लाख रुपये बिल्डर ने नगद और चेक के रस्ते ले लिए और बाकी जनों से अलग लिए जिनके नाम वाला रजिस्टर माधव नगर पुलिस के पास जप्त है । करोडो की लूट करने के बाद वह फरार हो गया । १३ एकड़ की यह जमीन गोवर्धनदास डेरी वाले की है जिसे दलाल राजकुमार मखीजा के माध्यम से मनीष पाठक , राजू शर्मा , विजय खन्ना व अन्य ने साढ़े तीन करोड़ रुपये में ख़रीदा था जिसे बाद में कांग्रेस के ग्रामीण अध्यक्ष गंगाराम कटारिया और शिवकुमार उर्फ़ जालिम यादव ने साढ़े पांच करोड़ रुपये में ख़रीदा , एडवांस के तौर पर दोनों बार हुए सौदे में पचास लाख का बयाना दिया गया था ।शिकायतकर्ताओं के होश तब उड़े जब उन्हें पता चला की पंचम सिंह तो भाग गया है इस बीच पंचम सिंह ने किराये का मकान , किराये की आफिस और आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक में खाता भी खुलवाया जिस पर भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है की कैसे बिना आईडी प्रूफ के उन्हें मकान आदि दिया गया जबकि कानूनन यह गलत है । इस काम में बल्लू यादव ने पंचम सिंह की मदद की और बल्लू यादव जमीन का सौदा लेने वाले जालिम यादव का भाई बताया जा रहा है । पुलिस ने पंचम सिंह और बल्लू यादव पर मामला दर्ज तो कर दिया है लेकिन किसी की भी गिरफ्तारी नहीं की है , फरार पंचम सिंह उतर प्रदेश का का बताया जाता है और उसका नाम भी गलत हो सकता है । फिलहाल इससे पीड़ित जन बैठक कर आगे की रूपरेखा तैयार कर रहे है जिससे उनके रुपये वापस मिल सके ।लाख टके का सवाल यह भी उठता है की जब बिल्डर कालोनी का प्रचार प्रसार कर रहा था तब नगर निगम और नगर तथा ग्राम निवेश विभाग क्या कर रहा था , जिससे बिल्डर को पूरा खुला मैदान मिला लूटने के लिए ।

















Thursday, October 13, 2011

फिर हुई पुलिस और विजयराघवगड़ विधायक संजय पाठक के बीच तकरार



वर्ष २०१० में होलिका दहन को लेकर कांग्रेस के विजयराघवगड़ विधायक संजय पाठक और कटनी पुलिस के बीच जमकर तकरार हुई थी , नतीजा होली की सुरक्षा व्यवस्था को पुलिस ने नजर अंदाज कर दिया था । इसी तरह इस बार दशहरा जुलुस में आजाद चौक में ही एक दुर्गौत्सव समिति और पुलिस के बीच डी जे साउंड को लेकर उपजे विवाद के बाद समिति के दो कार्यकर्ताओ को पुलिस ने कोतवाली में बैठा दिया था । बाद में विजयराघवगड़ से लौटते समय विधायक संजय पाठक ने इस विवाद में दखल देकर कहा की पहले कार्यकर्ताओ को रिहा करो बाद में जुलुस आगे बढेगा ।पुलिस प्रशासन ने संजय पाठक से कहा की ऐसे तो वह फिर और फोर्स बुला लेगी , तब संजय पाठक ने पुलिस से कह दिया की कितनी फोर्स बुलाओगे ? ज्यादा से ज्यादा पांच हजार , पहले यहाँ देख लो की यहाँ कितने लड़के है ।इसके बाद पुलिस ने अपने कदम वापस खींचते हुए गिरफ्तार किये गए कार्यकर्ताओ को रिहा कर दिया और जुलुस को आगे रवाना कर खुद भी वहा से जुलुस को भगवान भरोसे छोड़ कर फिर रवाना हो लिए इधर स्थानीय लडको ने विधायक संजय पाठक को अपने कंधो पर उठा लिया और जिंदाबाद के नारे लगाने लगे ।

Wednesday, October 12, 2011

पैदा होने से पहले ही नवजात को मार रही कटनी जिला अस्पताल की अराजक स्वास्थ व्यवस्था



कटनी जिला अस्पताल में अब जरूरतमंद मरीजो को यहाँ के लापरवाह डाक्टर जिला प्रशासन के दखल देने के बाद ही देखते है तब जब जिला प्रशासन के कानो तक मरीज का दर्द पहुचाया जाए ,अन्यथा गरीब प्रसूता महिलाओ के बच्चे चाहे जनम लेने से पहले उनके पेट में ही दम तोड़ दे या जनम लेने के बाद भी देखरेख के आभाव में उनकी मौत हो जाए ,रोजाना होने वाली इन तमाम बातो से अब जिला अस्पताल के जिम्मेदार जनों को कोई फर्क नहीं पड़ता । मंगलवार ११ अक्टूबर को यहाँ पांच घंटे तक तड़पती प्रसूता को कलेक्टर एम् सेल्वेंद्रण के हस्तषेप के बाद शाम सात बजे के बाद उपचार नसीब हुआ तब तक यहाँ सिर्फ खिलवाड़ ही होता रहा था । स्लीमनाबाद निवासी वीनस उपाध्याय की २४ वर्षीय पत्नी मोना को दोपहर बारह बजे प्रसव के लिए यहाँ भर्ती कराया गया था ,दोपहर एक बजे के आसपास डाक्टर ब्लड का इन्तेजाम करने उन्हें कह कर चले गए । इधर मोना के परिजन ब्लड की व्यवस्था भी कर चुके थे लेकिन डाक्टर यहाँ से नदारद थे । इस बीच मोना को एक बच्चा बाथरूम में ही हो गया था जबकि दूसरा बच्चा भी गर्भ से बाहर आकर फंस चूका था । इस दौरान जहा मोना को स्वास्थ सेवा की दरकार थी तब उसे डाक्टरों ने उसके हाल पर ही छोड़ दिया था । दोपहर से लेकर मोना के परिजन ब्लड बैंक आदि के चक्कर लगाते रहे तब कही पांच बजे के आसपास उन्हें ब्लड के बदले ब्लड मिला फिर भी डाक्टर नहीं पहुचे ।कलेक्टर के हस्तषेप के बाद ही शाम सात बजे डॉ सुनीता वर्मा अस्पताल पहुची और आपरेशन की तैयारी शुरु की तब तक बच्चे का शरीर नीला पड़ चूका था और उसकी मौत हो चुकी थी । इस डॉ सुनीता वर्मा की लापरवाहियो के दर्जनों प्रकरण है बताया जाता है की यह डाक्टर अपने निजी क्लिनिक में ही ज्यादा से ज्यादा ध्यान देती है अस्पताल में चाहे कोई जिए या मरे इन्हें कोई फर्क अब नहीं पड़ता । युवा कांग्रेस में इसे लेकर रोष देखा गया , युवा नेता मनु दीक्षित का कहना है की अगर अस्पताल में ऐसे ही लापरवाही व्याप्त रही तो युवा कांग्रेस इसके खिलाफ आन्दोलन करेगी ।

Tuesday, September 27, 2011

शासकीय चरनोई भूमि किसने और कैसे कर दी पूंजीपतियो के नाम

कटनी (मुरली प्रथ्यानी ) -मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मार्च २०१० में विधान सभा में यह आश्वासन दिया था कि प्रदेश में यदि किसी कलेक्टर ने किसी व्यक्ति के लिए चरनोई भूमि की अदला बदली की है तो ऐसे मामलो की जांच कर उसे निरस्त किया जायेगा । कांग्रेस के चौधरी राकेश सिंह ने कटनी जिले में चरनोई भूमि की जमकर हुई बंदरबांट पर विधानसभा में उठाये गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन दिया था । मध्य प्रदेश सरकार ने सभी कलेक्टरों से भूमि की अदला बदली के आदेश वापस ले लिए थे और तत्कालीन कलेक्टर श्रीमती अंजू सिंह बघेल चरनोई भूमि की अदला बदली के चलते तभी से सस्पेंड की जा चुकी है । मध्य प्रदेश भू - राजस्व संहिता १९५९ की धारा २३७ (१) के तहत चरनोई भूमि को प्रथक रखा जाना है और इसपर शासन का अधिकार रहता है । लेकिन लगता है मुख्यमंत्री के आश्वासन को राजस्व अमले ने गंभीरता से नहीं लिया था क्योकि आज भी जिले की चरनोई भूमि की बंदरबांट जारी है।

कटनी जिले के राजस्व निरीक्षक मंडल- पहाड़ी के अंतर्गत आने वाले ग्राम -पड़रवारा के पटवारी हल्का न - ४४ के ऐसे तमाम शासकीय खसरे जो चरनोई आदि के लिए सुरक्षित थे , आज वह शासकीय खसरे मिलीभगत कर पूंजीपतियो के नाम पर चढ़ा दिए गए है । खसरा न - ४०/१, ४०/२ , ४१/1, ४२/१, ४१/२, ४२/१, ४२/२, ५०/२, ५४/१, ५४/३, ५४/५ जो कुछ महीनो पहले चरनोई मद में सुरक्षित थे इनकी नोइयत कैसे और किसने बदल दी यह एक गंभीर जांच का विषय है और कैसे वह पूंजीपतिओ के नाम कर दी गयी है । जानकारी में आने वाली चरनोई भूमि की अदला बदली के कई प्रकरण संभागायुक्त और जिला कलेक्टर एम् सेल्वेंद्रन के पास जांच में चल रहे है कुछ में कार्यवाही भी की गयी है । ऐसे में फिर शासकीय चरनोई भूमि पूंजीपतियो के नाम पर दर्ज हो जाये तो यह एक गंभीर विषय बन जाता है । यहाँ पर शासकीय दस्तावेजो में हेरफेर की सम्भावना से इंकार भी नहीं किया जा सकता है । जिले में भू -माफिया ,दलाल, पूंजीपतियो और राजस्व कर्मचारी वैसे भी जनता और शासन को चूना लगाने से नहीं चूकते

Sunday, September 25, 2011

आयकर कि ई फाइल व्यवस्था में आ रही है एक नई परेशानी



अपनी कमाई से केंद्र सरकार को एक बड़ा हिस्सा टैक्स देकर और अपने ही व्यापार का आडिट करने वाले सभी करदाताओ को अपना आयकर रिटर्न ३० सितम्बर तक ई - फाइल करना अनिवार्य है । विभाग द्वारा ही अपनी साईट पर उपलब्ध कराये गए ई -फाइल के रिटर्न फार्म को पूरा भरने के बाद भी तकनीकी समस्या खडी हो रही है और फाइल जनरेट नहीं हो रही है । रन टाइम एरर मेसेज सामने आ रहा है क्योकि विभाग का सॉफ्टवेर ही भरे गए डाटा को नहीं पड़ पा रहा है अब इसमें करदाता की क्या गलती है । ऐसे में करदाता समय से रिटर्न फाइल नहीं कर पाते तो उन्हें नोतिसे मिलना भी शुरू हो जायेंगे और बेचारा करदाता भी फिर आयकर ऑफिस के चक्कर लगता फिरेगा । आजकल आयकर विभाग सभी कार्य ऑन - लाइन करता जा तो रहा है लेकिन उसे इसमें आ रही परेशानियो से कोई मलतब नहीं है । परेशानी तो उसे ही भुगतनी पड़ेगी जिसने कर दिया है ।

Friday, September 23, 2011

जिला अस्पताल संभालना डॉ के के जैन के बस की बात ही नहीं

कटनी जिला अस्पताल को संभालना सिविल सर्जन डॉ के के जैन के बस की बात नहीं लगती , रोजाना मरीजो के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतों को तो यह नजरंदाज ही कर देते है पत्रकारों से भी दुर्व्यवहार करते है । इनके पास इस सवाल का जवाब ही नहीं था की अस्पताल में एक मरीज को कैसे दुसरे ग्रुप का रक्त चढ़ा दिया गया । इस अस्पताल के पेथोलोजी लैब वाले रक्त का सही ग्रुप तक नहीं बता पाते , ऐसे में इनकी रिपोर्ट के अनुसार चढ़ाया जा रहा रक्त अब मरीजो की जान पर बन आया है । जिला अस्पताल के इन लापरवाह कर्ताधर्ताओ पर प्रशासन कोई सख्ती नहीं करता इसलिए इनका ध्यान अपनी निजी क्लिनिक पर ज्यादा रहता है । ठीक से डाक्टरी तक न कर पाने वाले जिला अस्पताल के माईबाप बने हुए है । मरीजो के प्रति इनमे संवेदनाओ की कमी स्पस्ट दिखाई देती है ।इनकी कारगुजारियो को उजागर करता एक मामला अखबारों की सुर्खिया बना हुआ है ।

Sunday, September 18, 2011

कब सुलझाएगी कटनी पुलिस बदनामी का कारण बने इन मामलो को

कटनी पुलिस बदनामी के दौर से गुजरते हुए दिखाई दे रही है और कही कही यह बदनामी जानबूझकर किन्ही वजहों से भी जान पड़ती है । पुलिस के बड़े अधिकारी ही बदनामी की वजहों को शायद दूर करना ही नहीं चाहते ।

संवेदना का अभाव
पिछले दिनों संत नगर क्षेत्र में एक बोलेरो गाडी ने मासूम बच्चे को कुचल दिया था । आरोपी फोटो स्टूडियो वाले का नाम जगजाहिर था फिर भी कोतवाली पुलिस अंजान बनती रही । इस मामले ने पुलिस की संवेदनहीनता को भी उजागर कर दिया था । वैसे आये दिन आयोजित सेमिनारो में तरह तरह की बाते की जाती यह अलग बात है

वेदांश वाटिका सेक्स काण्ड को उजागर करे पुलिस के बड़े अधिकारी
माधव नगर क्षेत्र के शादीशुदा ऐयाश रईसों और भूमि दलालों ने पवन
मित्तल की कलेक्ट्रेट के सामने स्थित वेदांश वाटिका में कुछ दिनों पहले रंगरलिया मनाई थी । रोजाना जमीनों की दलाली कर अनाप शनाप रुपयों के दम पर बाहर से बुलवाई गई वेश्याओ के साथ सामूहिक रूप से ऐश की जा रही थी तभी कुछ जाबाज सिपाही मुखबिरी करने पर पहुचे और लाखो रुपये लेकर उन्हें छोड़ दिया फिर रंगरलिया मनाने के लिए । पूरे माधव नगर क्षेत्र के नागरिक यह जानते है की इस वाटिका में बहुत पहले से ऐसा चल रहा है और इसमें शामिल वह लोग है जिन्होंने अनाप शनाप रुपया कमाया है । माधव नगर का एक भूमि दलाल जो कुछ समय पहले तक पीरबाबा की होटल में बर्तन धोया करता करता था और रेलवे के सामान की चोरी में जेल भी जा चूका है साथ ही कई किसानो के साथ धोखाधड़ी करने के मामले भी कोतवाली पुलिस में चल रहे है , शासकीय संपत्ति को नुक्सान पहुचाने के मामले भी इसके ऊपर दर्ज है । इसके साथ सट्टे से पैसा कमा कर भूमि दलाल बना एक ऐयाश युवा था और एक पार्षद चुनाव लड़ने वाला भूमि दलाल भी शामिल था इसके आलावा दो तीन और जन थे । इनके कारन एक समाज ही बदनाम हो रहा है ऐसे लोगो को पुलिस संरक्षण देने लगे तो यह पुलिस के लिए बदनामी का ही विषय है। लाखो रुपया लेकर इन्हें छोड़ने वाले सिपाही माधव नगर में आये दिन होटलों में शराबखोरी करते पाए जाते है ।

नकाबपोशो का पता नहीं लगा पाई
१२ सितम्बर को नयी बस्ती निवासी एक १५ साल के बालक को रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के सामने कटने के लिए नकाबपोश फेंक देते है आज उसके पैर कट चुके है लेकिन पुलिस लगातार बैठके करने के आलावा कुछ नहीं कर पायी है।

Friday, September 16, 2011

देश की मालकिन असली काम पर लौटी


१५ सितम्बर को हमारे देश की मालकिन अपने असली काम पर लौट आई । सहमे हुए घर के आम सदस्यों के लिए मालकिन नए नए गिफ्ट भी लायी है जिन्हें एक एक कर वो हम सबको देंगी । यह तारीख ख़त्म होने से पहले ही मालकिन के हैरतंगेज चौकीदारों ने पेट्रोल तीन रुपये से ज्यादा महँगा कर अपनी होनहारी और वफादारी का सबूत मालिकिन को दिया कि , हे मालकिन हम आपकी ख़ुशी के लिए कुछ भी कर देंगे । रसोई गैस के दाम बढाने वाला गिफ्ट भी हम सहमे घर के आम सदस्यों के लिए जल्दी ही उनका कोई प्रिय चौकीदार दे देगा ,अपनी मालकिन का कोई भी आदेश वो अधूरा नहीं छोड़ते है । रेलवे का एक चौकीदार यह देखकर रोने लगा है कहता है आप ही गिफ्ट क्यों देंगे में भी गिफ्ट देना चाहता हू रेल भाडा बड़ा कर ।इस चौकीदार कि मालकिन अपने आपको अलग ख्याल कि बताती है लेकिन वह भी घूम फिर के अपनी मालकिन हमारी मालकिन को ही बताती है ।

विदेश से आने के बाद हमारी मालकिन बहुत खुश दिखाई दे रही है , हम घर के सहमे सदस्यों को तो यह भी पता नहीं है कि वह विदेश गयी क्यों थी ,क्या करने गयी थी और क्या करके आई है । हम गरीब और सहमे सदस्यों कि मालकिन के कहे अनुसार रखवाली करने वाले चौकीदार भी कोई मामूली नहीं । दो साल में हजार प्रतिशत कि रफ़्तार से तरक्की करने वाले होशियार है ,वह हमें यह कभी नहीं बताते कि यह कैसे करते है पर मालकिन को तो जरुर पता होगा ।शायद मालकिन कि मर्जी से तन्खा के अलावा पार्ट टाइम जॉब करते होंगे अपना घर चलाने के लिए , मालकिन कि मर्जी के अलावा कुछ नहीं करते ।

मालकिन और चौकीदारों के अलावा भी एक है जिसकी भूमिका का ठीक ठीक पता तो हम सहमे हुए घर के सदस्यों को तो आज तक नहीं चल पाया है । इसे देखो तो हर बार हम सदस्यों को महंगाई, भ्रस्टाचार, आतंकवाद और तरह तरह के गिफ्ट आप सँभालते रहने कि सलाह देता देता है । फिर भी हम में बहुत दम है गिफ्ट लेने का । जब हमारा घर भर जायेगा तो एक दिन ऐसा भी आएगा जब हम सारे गिफ्ट इन्हें लौटा देंगे और अपनी तरफ से एक ऐसा गिफ्ट इन्हें देंगे कि फिर यह चौकीदार , बगैर भूमिका वाला और हमारी मालकिन फिर हमारे नहीं रह जायेंगे और कभी इस लायक भी नहीं रहेंगे कि कभी किसी को कोई गिफ्ट दे सके फिलहाल जो चाहे करते रहे यह अंधेर नगरी कि चौपट मालकिन ।

Wednesday, September 14, 2011

भाजपा नेताओ की कांग्रेस महापौर निर्मला पाठक के प्रति बढ़ी है निष्ठा

कटनी महापौर श्रीमती निर्मला पाठक द्वारा कराये जा रहे माधव नगर में जनहितैषी कार्यो से प्रभावित विपक्षी दल भाजपा के नेता भी हो गए है । उनके कार्यक्रमों में अब स्थानीय भाजपा नेता भी बढ़चढ़कर हिस्सा लेते है और भूरी भूरी प्रशंसा भी करते है । भाजपा नेताओ की कांग्रेस महापौर के प्रति निष्ठा देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले समय में कांग्रेस यहाँ पुनः आगे आ सकती है ।

Tuesday, September 13, 2011

प्रदुषण से हो रही सांस सम्बन्धी बीमारी

कटनी जिले के माधव नगर क्षेत्र में करीब १५० दाल व राईस मिले है , जिस कारण सैकड़ो की तादाद में बड़े वाहन यहाँ दिन रात आते जाते रहते है । इनसे उड़ने वाली धूल ने यहाँ के नागरिको के स्वास्थ पर असर दिखाना भी शुरू कर दिया है । सांस सम्बन्धी बीमारियो का यहाँ लगातार इजाफा हो रहा है , यहाँ के प्रदुषण का स्तर अगर नापा जाए तो प्रदेश के कई जगहों से यहाँ स्थिति गंभीर नजर आ सकती है । जिले का प्रदुषण विभाग अभी तक सिर्फ सफ़ेद हाथी ही प्रतीत होता है । कागजो में ही शायद प्रदुषण की खाना पूर्ति की जाती होगी जबकि वास्तविकता कुछ और ही दिखाती है ।


आप सम्माननीय जन से माधव नगर की और से यह निवेदन है कि कृपया इस और जल्दी कोई ठोस कदम उठाये जिससे वर्तमान और आने वाली पीढ़ी को प्रदुषण से होने वाले गंभीर नुकसान से समय रहते बचाया जा सके । धन्यवाद्


मुरली प्रथ्यानी


संपादक - प्रबल सृस्ष्टि कटनी

रिहाइशी क्षेत्र में ट्रको का आतंक नागरिको का नासूर बन गया

कटनी का माधव नगर क्षेत्र एक रिहाइशी क्षेत्र है लेकिन अवैध रूप से यहाँ दाल मिल व राईस मिल बसाई गयी है । सैकड़ो की तादाद में ट्रके यहाँ आती है जिससे यहाँ के नागरिक बेहद परेशान है । ऑटो चालको की धमाचौकड़ी अब निरंकुश प्रतीत होती है । कलेक्टर ने दो साल पहले यहाँ का ऑटो स्टैंड दूसरी जगह शिफ्ट करने को कहा था , अब खुद वह इसे भूल गए होंगे । यातायात प्रभारी एस पी बघेल का कहना है की वो अगर सख्ती करते है तो यहाँ के मिल वाले मिमियाने लगते है और टी आई अखिल वर्मा का कहना है कि उन्हें दो साल पहले वाला कलेक्टर का आदेश मिल जाये तो तो वह ऑटो स्टैंड दूसरी जगह शिफ्ट करा देंगे । लेकिन इसमें नागरिको को भी अपनी सहभागिता देनी होगी और आगे आकर अपना रोष प्रकट करना होगा तभी शायद प्रशासन को उनकी पीड़ा का पता चल पायेगा । हमारा शहर अगर व्यवस्थित रहेगा तभी तो हम सुकून से रह पाएंगे । क्या आप इसमें अपना सहयोग देंगे ?

Monday, September 12, 2011

सूचना अधिकार कार्यकर्ता शेहला मसूद हत्याकांड पर मीडिया ने अब अपने आँख कान बंद कर लिए है , इस हत्याकांड के असल अपराधियो का बाल भी बांका नहीं हो सकता ,आजकल जितने बड़े अखबार है सबको सरकारी और गैर सरकारी विज्ञापन चाहिए बदले में मीडिया भी यह क़र्ज़ अन्य तरीको से चुकाता रहता है ।

Saturday, September 10, 2011

जिस्मफरोशी का मामला दबाने कटनी पुलिस ने खाया लाखो रुपया एस पी मनोज शर्मा ने कहा है जांच करवाएँगे







जिस्मफरोशी के रईस शौकिनो की वजह से अब एक पूरा समाज ही बदनाम होने लगा है । आये दिन अनैतिक आचरण का नंगा नाच करने वालो की वजह से पुलिस की तो पौ बारह हो उठी है । पुलिस के अदना सिपाही से लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अनैतिक आचरण करने वालो पर विशेष कृपा बरसा रहे है , इनकी वजह से जेबे जो लाखो में भरी जा रही है । ऐसा ही एक मामला कटनी जिले में सामने आया है , जिसने के एक समाज की भावनाओ को तो ठेस पहुचाई ही है कर्ताव्यपरायानता का राग अलापने वाली कटनी पुलिस को रुपयों के लालच में जल्दी बिक जाने वाली भी साबित कर दिया है ।
राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक ७ के किनारे पर स्थित वेदांश वाटिका में बाहर से लायी गयी लडकियों के साथ जब कटनी के रईस जादे रंगरलिया मन रहे थे उसी दौरान पुलिस ने छापेमारी की । मौके पर महँगी लग्जरी गाड़ियाँ की संख्या आधा दर्जन थी सो पुलिस को यह समझते देर नहीं लगी की क्या चल रहा है । पैसे के दम पर प्रतिष्ठा हासिल करने वाले रईसों से पुलिस ने जमकर सौदेबाजी की ,घिनोने कृत्य को अंजाम देने वालो ने भी पुलिस की मनमुताबिक कीमत चुकाई । चार लाख रुपये लेकर पुलिस ने रईसजादों और देहव्यापार में संलग्न लडकियों को तो छोड़ दिया लेकिन अपने लिए पुरे शहर में एक बदनामी का विषय भी इसे बना दिया ।
कटनी पुलिस रुपया लेकर अनैतिक कार्यो को करने वालो को छोड़ देती है , जिसकी वजह से ऐसे तत्वों के होंसले बुलंद होते रहते है। दैनिक भास्कर , दैनिक जन्मेजय और यश भारत जैसे अखबारों ने इसे ९.०९.२०११ की सुर्खिया बनाया है । पुलिस अधीक्षक मनोज शर्मा ने भी यह कहा है की इस मामले की जांच अधिकारी से कराने के बाद जो तथ्य सामने आयेंगे उसके अनुसार अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जायेगा । छापामारी करने वाले पुलिस कर्मियों का पता लगाया जायेगा । अब देखना है की एस पी ने जो कहा है वो कर दिखाते है या वह भी पर्देदारीही करेंगे ।

Monday, September 05, 2011

शिशक दिवस पर महत्वपूर्ण बाते कही शिवराज सिंह चौहान ने -

शिक्षक दिवस के अवसर पर भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि गाँवों में जहाँ स्कूल बनेंगे वही पर शिक्षकों के लिये आवास भी बनाये जायेंगे। शिक्षकों की सेवा शर्तें और बेहतर बनायी जायेंगी और कहा है कि केवल कानून बनाने से भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा। भ्रष्टाचार मनुष्य को मनुष्य बनाने से समाप्त होगा और यह काम शिक्षा से ही होगा। कर्मठ, चरित्रवान, ईमानदार और देशभक्त मनुष्यों के निर्माण की जिम्मेदारी शिक्षकों की है शिक्षक भावी राष्ट्र के निर्माता हैं। शिक्षक बच्चों को संस्कार और शिक्षा देकर उनके जीवन को सार्थक बनाते हैं। सच्चा गुरू जीवन की दिशा बदल देता है। आज देश को सच्चे गुरूओं की आवश्यकता है। शिक्षा का उद्देश्य ज्ञान, कौशल और नागरिकता के संस्कार देना है। बच्चों को सम्पूर्ण ज्ञान देना चाहिये। इसीलिये प्रदेश में स्कूली पाठ्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम के वीर नायकों के जीवन परिचय के साथ कृषि, पर्यावरण, प्रकृति के बारे में भी जानकारी जोड़ी जायेगी।
शिक्षा पद्धति भारतीय जीवन-दर्शन, मूल्य, परम्पराओं और संस्कारों को बनाये रखने वाली होना चाहिये। इसके लिये शिक्षा में गुणात्मक परिवर्तन करना होगा। शिक्षा के साथ खेल भी जरूरी है इसके लिये खेल मैदानों को सुरक्षित रखना होगा। उन्होंने कहा कि देश में बेटियों की संख्या तेजी से कम हो रही है, इसे देखते हुए प्रदेश में बेटी बचाओ अभियान शुरू किया जा रहा है। इसमें शिक्षक भी सक्रिय सहयोग करें, बेटी रहेगी तो दुनिया रहेगी। राज्य सरकार ने तय किया है कि जिन दंपत्तियों के केवल बेटियाँ हैं, उन्हें पचपन वर्ष की उम्र के बाद पेंशन दी जायेगी।
उन्होंने कहा है कि प्रदेश में निजी शिक्षण संस्थाओं द्वारा ली जाने वाली फीस के निर्धारण के लिये नियामक आयोग बनाया जायेगा। सरकारी स्कूलों को गुणवत्ता की दृष्टि से निजी विद्यालयों से बेहतर बनाया जायेगा। शिक्षा में गुणवत्ता के सुधार के लिये अच्छा काम करने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत किया जाये और स्कूलों में ‘मध्यप्रदेश गान’ का गायन किया जाये।मुख्यमंत्री ने जो विचार व्यक्त किये और शिक्षा के लिए जो कदम उठाने की बात की है अगर वह सही और पूरे उठाये जाते है तो यह आगे चलके बहुत अच्छे परिणाम देंगे ।

जनता और शासन से समदडिया बिल्डर की धोखाधड़ी

मध्य प्रदेश में कमजोर आय वर्ग के नागरिको के हितो पर यहाँ के बिल्डर डाका डाल कर जनहित और शासन से भी धोखाधड़ी कर रहे है । जिन सरकारी विभागों पर कमजोर वर्गो के हितो की रक्षा का भार है ,वह खुद इन बिल्डरों के ही प्रति वफादारी दिखा रहे है , ऐसे में अगर प्रदेश सरकार भी अपने प्रदेश के कमजोर वर्ग के नागरिको के हितो को नजरंदाज करे को उसकी नियत पर ही संदेह उठ खड़ा हो सकता है ।
जबलपुर के बहुचर्चित अजीत समदडिया के समदडिया बिल्डर्स द्वारा कटनी जिले के उपनगर माधव नगर में गोठान की ३१ एकड़ भूमि पर आवासीय व व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा है । इस अरबपति बिल्डर ने कैसे यह गोठान की भूमि कटनी के भू-माफियाओ और प्रदेश के वरिष्ठ राजनेताओ से मिलकर हासिल की है , यह अलग ही कटनी जिले का एक बहुचर्चित विषय है । यहाँ हम बात सिर्फ वर्तमान में इस बिल्डर द्वारा की जा रही जानबूझकर गंभीर अनिमित्ताओ की करेंगे ।

कमजोर वर्ग के लिए १२४ इकाई बनाने का अनुबंध किया था बिल्डर ने
नगर तथा ग्राम निवेश कटनी से बिल्डर ने ३१ एकड़ की आवासीय व व्यावसायिक परियोजना के लिए दो अलग अलग नक्शे दिनांक ३०/०६/२००५ को स्वीकृत कराये , आवासीय योजना के लिए इस विभाग ने अनुज्ञा क्रमांक १६० दिनांक ३०/०६/२००५ इस शर्त के आधार पर दी की मध्य प्रदेश नगर पालिका अधनियम व कालोनाइजर एक्ट १९९८ १०(२) के अनुसार १२४ आवासीय इकाई कमजोर आय वर्ग हेतु निर्माण कर इन्हें उपलब्ध कराएगा और इसके अनुपालन की जिम्मेदारी नगर निगम कटनी की होगी । लेकिन आज यह बिल्डर जानबूझकर ऐसा नहीं कर रहा है ।
आम जनता को जानबूझकर धोखे में रखा
समदरिया बिल्डर ने नगर तथा ग्राम निवेश से ३०/०६/२००५ को अनुमति प्राप्त की थी ,जिसके अनुसार उसे कालोनी को अधिकतम पांच वर्ष के अन्दर पूर्ण करना था । नगर निगम कटनी से प्राप्त अनुमति दिनांक २८/०१/२००६ के अनुसार भी निर्माण करने की समय अवधी अधिकतम पांच वर्ष तक की ही थी , लेकिन आज पांच वर्ष से ज्यादा की अवधी बीत जाने पर भी निर्माण १० प्रतिशत ही हो पाया है और बिल्डर अब अन्य जनों को खाली प्लाट बेच रहा है , जो अनुचित भी है । बीते पांच वर्षो में बिल्डर नगर निगम से यह कह कर अनुमति प्राप्त करता रहा है की यहाँ की भूमि सम्बन्धी एक जनहित याचिका उच्च न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन है इसकारण वह निर्माण पूरा नहीं कर पा रहा है । गौरतलब है की इसी बीच वह यहाँ की भूमि आदि बेचता रहा है , आम जनता को उसने धोखे में रख कर ही प्लाट आदि बेचे है , उच्च न्यायालय का फैसला अगर इस बिल्डर के खिलाफ आता है तो उस आम जनता का क्या होगा जिसने अपनी गाढ़ी मेहनत की कमाई बिल्डर को दे दी है।
नगर निगम और बिल्डर की मिलीभगत
नगर निगम कटनी से दिनांक २८/०१/२००६ अनुबंध के अनुसार १३७ इकाई निगम के पास बिल्डर ने गिरवी रखे है जो कालोनी का पूरा विकास कार्य पूर्ण होने पर ही वह इनको बेच या किराये पर दे सकेगा । आम जनता इन्हें न ख़रीदे ऐसी एक आम सूचना प्रकाशित करनी थी लेकिन यह आम सूचना सिर्फ कागजो में ही कैद रह गयी । यहाँ निगम ने भी आम जनता के साथ धोखा ही किया है । जानकारी अनुसार बिल्डर इन बंधक मकानों को भी बेच चूका है । निगम और बिल्डर की मिलीभगत का खामियाजा आम जनता को ही भुगतना पड़ेगा ।

इतने बड़े पैमाने पर गंभीर अनिमित्ताये हो और जिम्मेदार विभाग आँख कान बंद कर सिर्फ भ्रस्टाचार की राह पर ही चलते रहे और आम जनता के बदले सिर्फ अरबपति बिल्डरों के हितो का ही ध्यान रखे ,और आगे चलके आम आदमी इनके वजह से सड़क पर आ जाये ऐसे में प्रदेश सरकार की भी जवाबदारी बनती है की वो आगे आकर ऐसे बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करे जो सारे नियम कायदों को किनारे पर रख आम आदमी से सिर्फ और सिर्फ धोखाधड़ी ही करता रहे । मध्य प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से अपेक्षा है की वो अपने कमजोर आय वर्ग के नागरिको के हितो के साथ नियम पालन करना सुनिश्चित कराये ।

Thursday, September 01, 2011

शेहला मसूद हत्‍या: दिग्विजय ने की सीबीआई जांच की मांग




भोपाल. आरटीआई कार्यकर्ता शेहला मसूद की हत्‍या मामले में नया मोड़ आ गया है। मध्‍य प्रदेश पुलिस इस हत्‍या के मामले में भाजपा सांसद तरुण विजय से पूछताछ की तैयारी में है। मसूद की भोपाल में बीते 16 अगस्‍त को दिनदहाड़े हत्‍या कर दी गई थी। कांग्रेस महासचिव दिग्वि‍जय सिंह ने आज कहा कि आरटीआई कार्यकर्ता की दिनदहाड़े हत्‍या बेहद आश्‍चर्यजनक है। अब तरुण विजय को चाहिए वो इस मामले को सीबीआई को सौंप दिए जाने की मांग करें। भोपाल रेंज के आईजी विजय यादव का कहना है कि जल्द ही सांसद तरुण विजय के बयान दर्ज किए जाएंगे। अब तक पुलिस बीजेपी विधायक और एक आईजी सहित कई लोगों के बयान ले चुकी है, लेकिन पुलिस को इसमें कोई अहम सुराग नहीं मिले। भाजपा सांसद से हुई थी बात हत्या के डेढ़ घंटे पहले शेहला की तरुण विजय से मोबाइल पर करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई थी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद तरुण विजय ने खुद इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि 16 अगस्त को सुबह शेहला से उनकी बातचीत हुई थी। बकौल तरुण, 'अब तक मुझसे किसी भी जांच एजेंसी ने संपर्क नहीं किया है। यदि जांच एजेंसी बोलेगी तो मैं एक नहीं, दस बार बयान देने तैयार हूं। तरुण विजय ने बताया कि वे शेहला को बहुत अच्छे से जानते थे। 16 अगस्त की सुबह शेहला ने तरुण विजय के मोबाइल पर जनलोकपाल विधेयक के समर्थन में चल रहे आंदोलन के संबंध में जानकारी दी थी। हालांकि उन्होंने शेहला से संबंधों पर ज्यादा कुछ बोलने से इनकार कर दिया। विजय आरएसएस के मुखपत्र पांचजन्य के संपादक भी रहे हैं।

निराश्रित विधवाओ को नगर निगम से मिली सहायता

कटनी। महापौर श्रीमती निर्मला पाठक ने विभिन्ना वार्डों के २३ हितग्राहियों को राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि के १०-१० हजार रूपए के चैक वितरित किए। निगमाध्यक्ष वेंकट खंडेलवाल, उपायुक्त किशन सिंह ठाकुर, मेयन इन काउंसलि सदस्य एवं सदस्य महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती लता अरूण कनौजिया, पार्षद शंकर सेन, सुधीर पटेल, सुश्री मंजू निषाद, गीता अग्रवाल, ज्योति विनय दीक्षित, शोभा थावानी, लीला पटेल, नासिर खान, अशोक मंगल गौटिया, सपंत्ति प्रबंधक अजय मिश्रा उपस्थितथे। तिलक वार्ड की तुलसा श्रीवास्तव, शास्त्री वार्ड से सोना कुशवाहा, इंदिरा वार्ड से सुभद्रा कुशवाहा, जानकी सेन, जयप्रकाश वार्ड से संतोष गुप्ता, रीतू खंडेलवाल, सावरकर वार्ड से विमला चौधरी, लक्ष्मी यादव, विनोवा भावे वार्ड से आशा कोल, किदवई वार्ड से कमला ठाकुर को चैक दिए गए। वंशरूप वार्ड अंतर्गत ममता कोल, कावसजी वार्ड में बछला पटेल, प्रियंका जाटव, गिल्लो चक्रवर्ती, ईश्वरीपुरा वार्ड में शमीमा बानो, वंशरूप वार्ड में सुधा बर्मन, चौबे वार्ड में गुलाब सेन, नेहरू वार्ड में राजकुमारी मिश्रा, मुखर्जी वार्ड में सुधा शुक्ला, जाकिर हुसैन वार्ड में पतंगी कोल, नारायण शाह वार्ड में छुटकू वंशकार, कृपलानी वार्ड में अनीता कटारिया, प्रताप वार्ड में तारा डुमार को चैक प्रदाय किये गये।





कटनी में प्रशासन,नागरिक और नेताओ ने मुस्लिम समाज से गले मिलकर मनाई ईद







jila मुख्यालय स्थित ईदगाह में महापौर श्रीमती निर्मला पाठक, पूर्व महापौर संदीप जायसवाल, पूर्व निगमाध्यक्ष लोकनाथ गौतम, विजय शुक्ला, जगदीश परौहा, भाजपा जिलाध्यक्ष ध्रुव प्रताप सिंह, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष हाजी गुलाम हुसैन नियाजी, जिला भाजपा महामंत्री आशीष गुप्ता, ललित गुप्ता, अभिषेक ताम्रकार, राजेन्द्र सोंधिया, नगर निगम परिषद अध्यक्ष वेंकट खंडेलवाल, कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष प्रियदर्शन गौड़, पार्षद मिथलेश जैन, मनीष पाठक, नारायण गट्टानी नान्‌, श्रीमती लता कनौजिया, श्रीमती शिल्पी सोनी, कांग्रेस जिला महामंत्री, रमजान भारती, वार्डस्ले प्राचार्य श्री नेल्सन, सत्यसांई सेवा समिति सदस्यगण, पुलिस अधीक्षक मनोज शर्मा, एएसपी अमित सांघी,सीएसपी गीतेश गर्ग, आरआई मनोज खत्री, टीआई डी.एल. तिवारी, अखिल वर्मा, श्री अंसारी, सूबेदार श्री बघेल, निगमायुक्त आर.पी.सिंह, कार्यपालन यंत्री एमएसपयासी, सहित कलेक्टर एम.सेल्वेन्द्रन, एडीएम आर.आर.बाथम, एसडीएम के.के.पाठक उपस्थित रहे और इन सबने मुस्लिम भाइयों से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।

Monday, August 29, 2011

खेल अलंकरण समारोह सम्पन्न, मेजर ध्यानचंद को मिले भारत रत्न - मुख्यमंत्री श्री चौहान












मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली खेल पुरस्कार राशि को दो-गुना करने की घोषणा की है। इस घोषणा से उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षकों को दिए जाने वाले विश्वामित्र सम्मान, लाइफ टाइम एचीव्हमेंट सम्मान, उत्कृष्ट खिलाड़ियों को दिए जाने वाले विक्रम सम्मान की राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रूपये और 19 वर्ष से कम आयु वाली खेल प्रतिभाओं को दिये जाने वाले एकलव्य सम्मान की राशि 25 हजार से बढ़कर 50 हजार रूपये हो जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पुन: दोहराया है कि भारत रत्न सम्मान सर्वप्रथम हॉकी के जादूगर स्व. मेजर ध्यानचंद को मिलना चाहिये।
श्री चौहान आज राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर स्थानीय तात्या टोपे राज्य खेल परिसर के मार्शल आर्टस अकादमी हाल में खेल अलंकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित 15 खिलाड़ियों को एकलव्य सम्मान, 9 को विक्रम सम्मान, 3 प्रशिक्षकों को विश्वामित्र सम्मान से विभूषित किया। उन्होंने लाइफ टाइम एचीव्हमेंट सम्मान खेल प्रशिक्षक स्वर्गीय डा. शफकत मोहम्मद खान के पुत्रों फ़राज और सिकंदर मोहम्मद खान को प्रदान किया। इस सम्मान से स्व. श्री खान को मरणोपरांत विभूषित किया गया है। कार्यक्रम के प्रारम्भ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने हॉकी खिलाड़ी स्वर्गीय ध्यानचंद के जन्म-दिवस पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर, भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि खेलों से दुनिया में देश का गौरव बढ़ता है। उन्होंने कहा कि खेलों के लिए बुनियादी सुविधाओं में कमी नहीं होगी। सरकार द्वारा विगत वर्षों में खेलों के बजट में अभूतपूर्व वृद्धि की है। आवश्यकता होने पर इसे और बढ़ाया जायेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वर्तमान समय में क्रिकेट खेल के प्रति बहुत अधिक आकर्षण है। पर्याप्त साधन और संसाधन मौजूद है। प्रदेश में अन्य खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल अकादमियों की स्थापना की गई है। इन अकादमियों को और अधिक बेहतर बनाने के लिए संचालन संबंधी जिन व्यवस्थाओं की आवश्यकता होगी, उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विगत वर्षों के दौरान खेल विभाग द्वारा सराहनीय कार्य और उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। आगे भी उपलब्धियाँ प्राप्त हों, इसे चुनौती के रूप में लिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने हॉकी खिलाड़ी स्वर्गीय ध्यानचंद का स्मरण करते हुए कहा कि उनकी खेल प्रतिभा का कायल होकर ही हिटलर ने उन्हें हॉकी का जादूगर कहा था। उनके जन्म-दिवस को खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अद्भुत खिलाड़ी के सम्मान के लिए आवश्यक है कि भारत रत्न प्राप्त करने वाले पहले खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद ही हों। उन्होंने कहा कि सचिन तेन्दुलकर को भी भारत रत्न मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि खेल स्पर्धा नहीं भावना है। विकास और प्रगति के वर्तमान युग में जीवन में स्पर्धा निरंतर बढ़ रही हैं जीवन जटिल हो गया है, जिन्दगी यदि खेल हो जाए तो जिन्दगी का रंग ही बदल जाता है। उन्होंने कहा कि खेलों में राजनीति को नहीं, राजनीति में खेलों को लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेलों को राजनीति से मुक्त रखा जाना चाहिए। राजनीति दूर रह कर खेलों को बढ़ावा दे, खेलों के लिए यही अच्छा होगा।
पर्यटन, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री तुकोजीराव पवार ने कहा कि खिलाड़ियों को मिलने वाले पुरस्कार उनके प्रयासों का उत्साहवर्धन है। अभी उन्हें निरंतर अभ्यास कर, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने हैं। उन्होंने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए राज्य सरकार द्वारा खेलों के प्रोत्साहन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अध्यक्ष सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री श्री कैलाश जोशी ने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए राज्याश्रय होना जरूरी है। देशी रियासतों के राज्याश्रय में अनेक प्रसिद्ध खिलाड़ी हुए। उसके बाद खेलों की गतिविधियाँ औपचारिक हो गई थी। उनके लिए समुचित बजट का भी प्रावधान नहीं होता था। श्री जोशी ने कहा कि पिछले सात वर्षों में प्रदेश में खेलों की स्थिति बदली है। पहले जो 5-6 करोड़ का बजट होता था, वह बढ़कर 100 करोड़ रूपए का हो गया है। इसके परिणाम पदकों के रूप में मिलने लगे हैं।
विशिष्ट अतिथि श्री ओमकार सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में खेलों के विकास कार्यक्रमों को देखकर उन्हें हार्दिक प्रसन्नता है। उन्होंने कहा कि खेलों के विकास के अत्याधुनिक कार्यक्रम मध्यप्रदेश में चल रहे हैं उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के परिणाम शीघ्र ही मिलेंगे, जरूरत इस उत्साह और अभ्यास को बनाए रखने की है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग खिलाड़ी श्री ओमकार सिंह का अभिनंदन किया और उनको एक लाख रूपये की राशि और स्मृति-चिन्ह भेंट किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शिखर खेल अंलकरण स्मारिका का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री श्री राघवजी, विधायक सर्वश्री विश्वास सारंग, श्री ध्रुवनारायण सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री एस.के. राउत, सचिव खेल एवं युवा कल्याण श्री अशोक शाह, संचालक खेल एवं युवा कल्याण श्री शैलेन्द्र श्रीवास्तव एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी, पालक, खेल प्रशासक और खेल-प्रेमी उपस्थित थे।

Sunday, August 28, 2011

युवा और देश का इतिहास



आधुनिक विचारों के धनी भारतीय युवा
युवा किसी भी देश के विकास में महत्वपूर्ण होते हैं, उन्हें अच्छे बनने की प्रेरणा इतिहास से मिलती है। भारत को युवाओं का देश कहा जा सकता है और देश की तरक्की में इनका महत्वपूर्ण योगदान है। आज ही नहीं, आजादी से पहले ही युवा देश के विकास और आजादी में काफी आगे रहे हैं। देश के पूरे स्वतंत्रता आंदोलन में युवाओं का जोश व मजबूत इरादा हर जगह नजर आया है। चाहें वह महात्मा गांधी के नेतृत्व में अंहिसात्मक आंदोलन या फिर ताकत के बल पर अंग्रेजों को निकाल बाहर करने का इरादा लिए युवा क्रांतिकारी, सभी के लिए इस दौरान देश की आजादी के सिवाय बाकी सभी चीजें गौण हो गई थीं। स्कूल, कॉलेज राष्ट्रीय गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बन रहे थे। इस दौरान शिक्षा का मतलब ही राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली बन गया था। जिसके अंतर्गत अंग्रेजी स्कूलों मिशनरी शिक्षा संस्थानों का बहिष्कार किया गया।
भगत सिंह
23 साल की उम्र बहुत नहीं होती। उम्र के जिस पडाव पर आज के युवा भविष्य, कॅरियर की उधेडबुन में रहते हैं भगत सिंह ने उसी उम्र में अपना जीवन ही राष्ट्र के नाम कर दिया था। दुनिया उन्हें फिलोशफर रिवोल्यूशनर के नाम से जानती है , जो गोली बदूंक की धमक से ज्यादा विचारों की ताकत पर यकीन रखते थे। डीएवी कॉलेज, लाहौर से शिक्षित भगत सिंह अंग्रेजी, हिंदी, पंजाबी, उर्दू पर बराबर अधिकार रखते थे। लेकिन ऐसे प्रतिभावान युवा के लिए जीवन की सुखद राहें इंतजार ही करती रह गई, क्योंकि उनका रास्ता तो कहीं और से जाना तय लिखा था- जी हां, बलिदान की राह का पथिक बन भगत सिंह ने अपना नाम सदा सदा के लिए इतिहास के पन्नों में अमर कर दिया और इतने वषरें के बाद भी आज हर युवाओं के धडकन में समाए हुए हैं।
चंद्रशेखर आजाद
छोटी सी उम्र लेकिन हौसले इतने बुलंद कि दुनिया की सबसे ताकतवर सत्ता भी उसके आगे बेबस नजर आई। केवल पंद्रह साल की उम्र में जेल गए, अंग्रेजों के कोडे खाए। फिर तो इस राह पर उनका सफर, शहादत के साथ ही खत्म हुआ। हम बात कर रहे हैं अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की। मां की इच्छा थी कि उनका चंदू, काशी विद्या पीठ से संस्क ृत पढे। जिसके लिए उन्होंने वहां प्रवेश भी लिया, लेकिन नियति ने तो उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था।
सुभाष चंद्र बोस
समृद्ध परिवार, असाधारण मेधा , बेहतर शक्षिक माहौल। कहने के लिए तो एक शानदार कॅरियर बनाने की वो सारी चीजें उनके पास मौजूद थी, जिनकी दरकार छात्रों को होती है। लेकिन सुभाष ने वो चुना जिसकी जरूरत भारत को सर्वाधिक थी। आजादी की। 1918 में सुभाष चंद्र बोस ने स्कॉटिश चर्च कॉलेज (कलकत्ता यूनिवर्सिटी) ने स्नातक किया। उसके बाद आईसीएस की परीक्षा भी उत्तीर्ण की। वो चाहते तो एक सुविधाजनक, एशोआराम का जीवन उनके कदमों पर होता। लेकिन इसे ठुकराकर उन्होंने देश की स्वतंत्रता का संघर्षमय मार्ग चुना। पूरी दुनिया की खाक छानी, फंड जुटाया, आईएनए का गठन किया और ब्रिटिश शासन की जडें हिला दीं।
स्वामी विवेकानंद
स्वामी विवेकानंद के पास 1884 में वेस्टर्न फिलॉसपी में बीए करने के बाद विकल्पों की कमी नहीं थी, लेकिन उनका संकल्प तो राष्ट्र सेवा था। उन्होने निराशा में गोते लगा रहे युवा वर्ग को उस समय उठो जागो लक्ष्य तक पहुंचे बिना रूको मत का मंत्र दिया तो वहीं भारत की गरिमा दोबारा स्थापित की। भारत में उनका जन्म दिवस 12 जनवरी युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। अरविंद घोष, सरदार वल्लभ भाई पटेल, सुरेंद्रनाथ बनर्जी जैसे बहुत से लोगों को इस सूची में स्थान दिया जा सकता है।

अन्ना हजारे ने तोड़ा अनशन, देशभर में जश्न



संसद में अपनी तीन मांगों का प्रस्ताव पारित होने के बाद गांधीवादी अन्ना हजारे ने 13वें दिन 288 घंटे लंबा अपना अनशन खत्म कर दिया। पश्चिमी दिल्ली के सुंदर नगर की 5 साल की सिमरन और इकरा ने 10.20 बजे शहद मिश्रित नारियल पानी पिलाकर अन्ना का अनशन खत्म करवाया।
अनशन तोड़ने के बाद विशाल जन समूह को संबोधित करते हुए अन्ना ने कहा कि उन्होंने अपना अनशन सिर्फ स्थगित किया है लेकिन उनकी लड़ाई जारी रहेगी। असली अनशन पूरी लड़ाई जीतने के बाद ही टूटेगा।
जीत की खुशी ने अन्ना के चेहरे से थकान की रेखाएं मिटा दी थी। अन्ना ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि जनता के मुद्दों से संसद इंकार नहीं करेगी, लेकिन यदि संसद ने इंकार किया, तो जन संसद को तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि आज यह बात साबित हो गई है कि जन संसद, दिल्ली की संसद से बड़ी है। जन संसद जो चाहेगी, दिल्ली की संसद को उसे मानना होगा।
अन्ना ने कहा कि हमें बाबा साहेब अंबेडकर के बनाए संविधान के तहत इस देश में परिवर्तन लाना है। आज यह साबित हो गया है कि परिवर्तन लाया जा सकता है। हम भ्रष्टाचार मुक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं।
अन्ना ने कहा कि आज सत्ता के केंद्रीकरण के कारण भ्रष्टाचार बढ़ा है। सारी सत्ता मंत्रालयों में है। हमें सत्ता का विकेंद्रीकरण करना होगा। ग्रामसभाओं को मजबूत करना होगा। तभी सच्चा लोकतंत्र स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि अभी यह शुरुआत है। लंबी लड़ाई आगे है। किसानों का सवाल है, मजदूरों का सवाल है। पर्यावरण, पानी, तेल जैसे तमाम मुद्दे हैं। गरीब बच्चों की शिक्षा का सवाल है। हमें चुनाव सुधार भी करने हैं। पूरी व्यवस्था बदलनी है। हमारा असली अनशन इस पूरे बदलाव के बाद ही टूटेगा।
उन्होंने कहा कि आज देश में इतना बड़ा आंदोलन हुआ, लेकिन पूरी तरह अहिंसक। दुनिया के सामने आप सभी ने मिसाल रखी है कि आंदोलन कैसे करना चाहिए। इस आंदोलन की यह सबसे महत्वपूर्ण बात रही है। अन्ना ने लोगों को अपने जीवन में कथनी और करनी में समानता लाने को कहा।
इसके पहले उन्होंने आंदोलन को सफल बनाने में देश की जनता, खासतौर से युवाओं, मीडिया, पुलिस और उनकी देख-रेख में लगे चिकित्सकों को धन्यवाद दिया।
अन्ना हजारे के अनशन तोड़ने से पूर्व उनके प्रमुख सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए देशवासियों के साथ ही सांसदों और राजनीतिक पार्टियों का भी शुक्रिया अदा किया।
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को विशेष तौर पर बधाई देते हुए कहा कि हम अपने प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा करते हैं, जिन्होंने पहल की और अन्ना को पत्र लिखकर अपनी सहमति व्यक्त की।
केजरीवाल ने कहा कि हम देश के सभी सांसदों और राजनीतिक पार्टियों का इस बात के लिए शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने जनभावनाओं का ख्याल करते हुए हमारी मांगों पर सर्वसम्मति से सदन में सहमति प्रकट की।
अन्ना के इस आंदोलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले केजरीवाल ने कहा कि चिकित्सकों ने अन्ना को अनशन समाप्त करने के बाद दो-तीन दिन तक अस्पताल में रहने की सलाह दी है और वह यहां से सीधा अस्पताल जाएंगे।
केजरीवाल ने दिल्ली नगर निगम का आभार जताते हुए कहा कि दिल्ली नगर निगम ने जिस तरह से 13 दिनों तक इस मैदान की साफ सफाई की, उसके लिए मैं निगम के उन सभी कर्मचारियों को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने दिन-रात परिश्रम किया।
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली पुलिस ने काफी शानदार काम किया है। हम उन पुलिसकर्मियों का भी शुक्रिया अदा करते हैं, जो हमें गिरफ्तार कर जेल ले गए। यह उनका कसूर नहीं था, वे तो सिर्फ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।
केजरीवाल ने कहा कि तिहाड़ जेल के कर्मचारियों और अधिकारियों ने जिस तरह से अन्ना के साथ व्यवहार किया उसके लिए हम उनका भी शुक्रिया अदा करते हैं। उन्होंने अन्ना समर्थकों से शाम छह बजे इंडिया गेट पर जमा होकर शांतिपूर्ण तरीके से जश्न मनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यह मुहिम अब ऐसे ही चलती रहेगी। भविष्य में हम 'राइट टू रिकॉल, राइट टू रिजेक्ट' और न्यायिक सुधारों के लिए लड़ाई लड़ेंगे।
ज्ञात हो कि अन्ना प्रभावी लोकपाल की मांग को लेकर गत 16 अगस्त से अनशन पर थे। पहले ही दिन उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। बाद में गिरफ्तार कर उन्हें न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। हालांकि उसी दिन शाम को उन्हें रिहा कर दिया गया, लेकिन वह अपनी शर्तो पर 19 अगस्त को रामलीला मैदान पहुंचे। संसद ने 27 अगस्त को अन्ना की प्रमुख तीन मांगों पर प्रस्ताव पारित किया और रविवार सुबह अन्ना ने अनशन समाप्त कर दिया।
रामलीला मैदान पर चार गुणा छह फुट की जगह में सोते थे हजारे
-सादगी अन्ना हज़ारे की शख्सियत का एक मजबूत पक्ष रही है। रामलीला मैदान पर अपने अनशन के दौरान भी हजारे का यही पहलू नजर आया। वह अपने समर्थकों को संबोधित करने के बाद मंच के ठीक पीछे बनाई गई चार गुणा छह फुट की छोटी सी जगह में सोते थे।
हजारे ने 12 दिन के उपवास के बाद आज सुबह आखिरकार अपना अनशन तोड़ दिया। अनशन टूटते ही हजारे अस्पताल के लिए रवाना हो गए, लेकिन जिस मंच पर वह अपनी गिरती सेहत के बावजूद 10 दिन तक मजबूत इरादे के साथ डटे रहे, वहां मीडिया पहुंच गया।
हजारे के करीबी कार्यकर्ताओं ने उस स्थान के बारे में बताया जहां हजारे दिन में कुछ वक्त गुजारते थे और रात को सोते थे। रामलीला मैदान पर बने मंच को दो हिस्सों में बांट दिया गया था। मंच के पीछे वाले हिस्से में सीढि़यों के नजदीक चार गुणा छह फुट की जगह बनाई गई थी, जिसमें हजारे के लिए एक छोटी चारपाई रखी हुई थी। चारपाई के पीछे तिरंगा लगाया गया था और वहां एक कूलर भी रखा था।
हजारे रात के समय इसी छोटी सी जगह में सोते थे। वहां कोई टीवी नहीं था। हजारे को देश की हलचलों के बारे में अपने साथी कार्यकर्ताओं से ही पता चलता था। मंच के पीछे दाहिनी ओर निगरानी कक्ष बना था, जिसमें एक टीवी रखा था। इस टीवी के जरिए ही हजारे की कोर समिति के सदस्य खबरों पर नजर रखते थे। बाईं ओर भी एक कक्ष बना था, जिसमें बैठकें हुआ करती थीं और अतिविशिष्ट व्यक्ति वहीं इंतजार करते थे।

भाजपा सांसद को देनी पड़ेगी शेहला मामले में सफाई!



सामाजिक कार्यकर्ता शेहला मसूद हत्याकांड की जांच में लगी पुलिस का आए दिन चौंकाने वाले तथ्यों से सामना हो रहा है। शेहला के संबंध भाजपा के एक चर्चित राज्यसभा सदस्य से भी होने का पता चला है। हत्या से पहले दोनों के बीच फोन पर बात भी हुई थी। पुलिस अब सांसद से कुछ बातों की जानकारी के लिए उन्हें नोटिस जारी करने पर विचार कर रही है। शुक्रवार को ही पुलिस ने भोपाल के भाजपा विधायक ध्रुव नारायण सिंह से पूछताछ की थी।
पुलिस जांच में पता चला है कि आरटीआइ कार्यकर्ता शेहला के पिछले सालों में कुछ नेताओं से काफी मधुर संबंध बन गए थे। विधायक धु्रव नारायण सिंह द्वारा बनाई गई उदय संस्था तो अब शेहला ही चला रही थीं। जब ध्रुव नारायण पर्यटन निगम अध्यक्ष थे, तब शेहला की कंपनी को कई काम मिले थे। ध्रुव नारायण ने पुलिस को दिये लिखित बयान में बताया है कि हत्या के एक-दो दिन पहले ही इतवारा में हुए सांप्रदायिक विवाद पर शेहला से उनकी बात हुई थी।
पुलिस को पता चला है कि भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी एके भंट्टाचार्य से शेहला का धन के लेन-देन को लेकर विवाद था। इसके अतिरिक्त हाल ही में शेहला की कांग्रेस नेता व रीवा स्टेट के पूर्व महाराज पुष्पराज सिंह से भी फोन पर बात हुई थी। पुलिस इन दोनों लोगों से भी पूछताछ करने पर विचार कर रही है।

Saturday, August 27, 2011

संसंद में युवराज राहुल गाँधी के प्रवचन , प्रधानमंत्री भी भागते आते है



राहुल गाँधी तानाशाह प्रवर्ति के व्यक्ति है और उन्हें लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार संसद के कानूनों को दरकिनार कर महत्त्व दे रही है । यह बाते संसद में आज विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज की बातो से एक प्रकार से जाहिर हो गयी । सुषमा स्वराज ने बखूबी सधे अंदाज में बताया , कि आज सुबह मीडिया में पट्टी चल रही थी कि सदन में राहुल गाँधी कुछ बयान देंगे , चुकी वह दूसरी बार चुने हुए सांसद है इसलिए शून्यकाल में उन्हें तीन मिनट कि अनुमति मिलती या ज्यादा से ज्यादा पांच मिनट । लेकिन शून्यकाल में विषय उठाने वालो कि लिस्ट में तो राहुल गाँधी का नाम ही नहीं था , लेकिन फिर भी अध्यक्ष ने उन्हें अनुमति दी और वो पूरे पंद्रह मिनट बोलते रहे , प्रधानमंत्री भी भाग कर आये और अपनी जगह पर बैठ कर राहुल कि बात सुनने लगे । सुषमा स्वराज ने आगे बताया कि शून्यकाल में कोई विषय ही उठाया जा सकता है पर राहुल गाँधी प्रवचन करते रहे । इस बीच कांग्रेसी सांसद शोर शराबा करते रहे। मुझे सुषमा स्वराज कि बातो में दम नजर आया क्योकि मैंने भी कल यह देखा था कि राहुल गाँधी संसद में बोलने के बाद तुरंत वहा से चले गए थे , वैसे वह संसद में जाते भी बहुत कम ही है । देश भ्रस्टाचार और ऐसी अनेक बीमारियो से ग्रस्त है और राहुल गाँधी सिर्फ तानाशाही वाला रवैया दिखा रहे है , ऐसे में उन्हें प्रधानमंत्री बनते देखना चाहने वालो कि बुधि पर भी तरस आता है कि जो व्यक्ति करोडो देश वासिओ कि भावनाओ को न समझता हो , युवराज बनकर संसंद में आता हो , जाता हो , संसद में विषय से हटकर प्रवचन करता हो वह व्यक्ति मेहरबानियो से प्रधानमंत्री बन भी जाए तो देश कि हालत क्या हो सकती है यह सोचने से ही डर लगता है ।

Friday, August 26, 2011

गाँधी परिवार के वो १२२०० वीडियो






सोनिया गाँधी के दामाद .. प्रियंका गाँधी के पति .. राहुल गाँधी के जीजाजी , रोबर्ट वढेरा के विरुद्ध यू -ट्यूब पर ढेर सारी जानकारिया उपलब्ध होने लगी है ...यू -ट्यूब का यह भी दावा है की ...पिछले वर्ष उसे अपने जो 12400 से अधिक वीडियो प्रतिबंधित करने पड़े ..... उनमे से १२२०० तो अकेले केवल इसी परिवार से जुड़े भ्रस्टाचार सम्बन्धी आरोपों के थे ।


Wednesday, August 24, 2011

मध्य प्रदेश सरकार बच रही अपनी नैतिक जिमेदारी से










मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश की जनता की बुनियादी सुविधाओ की अनदेखी कर अपनी नैतिक जिम्मेदारी से बच रही है , सेंधवा में यात्रिओ से भरी बस को जलाया जाना इसी का नतीजा है । राज्य परिवहन विभाग के भ्रस्टाचार को तो वह रोक नहीं पाई उलटे इस विभाग को ही बंद कर दिया गया । परिवहन सुविधा को पूरा निजी बस आपरेटरों के माथे छोड़ दिया गया है और विभाग के अधिकारी सिर्फ अवैध वसूली कर रहे है । राज्य सरकार की अदुरदर्शिता का खामियाजा बेकसूर यात्री रोजाना भुगत कर मौत के मुह में जा रहे है ।



अब सेंधवा में हुए हादसे के बाद परिवहन विभाग के आयुक्त निजी बस आपरेटरों को ऐसा करो , वैसा करो की हिदायत दे रहे है , जाहिर है सिर्फ हादसे के बाद की ओपचारिकता निभाई रही है ।आई जी अनुराधा शंकर बस यात्रिओ को जिन्दा जलने के मामले में ड्राईवर और कंडक्टर पर रासुका लगा चुकी है , दोनों इनामी बदमाश भी है । बदमाशो को निजी बस वाले अपने यहाँ जब रखते है तब तो पुलिस और परिवहन विभाग आंख बंद कर अवैध वसूली में लगा रहता है । राज्य सरकार को पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा कर अपनी नैतिक जिमेदारी निभानी चाहिए । आज की जा रही सख्ती ओपचारिकता लग रही है । वैसे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है की उन्होंने ऐसा हादसा पहले बार देखा है ।


Tuesday, August 23, 2011

बाल हृदय उपचार योजना की मॉनिटरिंग के लिये राज्य स्तरीय समिति गठित होगी

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना की मॉनिटरिंग के लिये राज्य स्तरीय समिति गठित की जाये। उन्होंने कहा कि यह राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना है। इसकी लगातार मॉनिटरिंग हो। ये निर्देश मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज यहाँ मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना की समीक्षा बैठक में दिये।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये कि प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य की अध्यक्षता में गठित इस समिति में स्वास्थ्य आयुक्त, निदेशक चिकित्सा शिक्षा और मुख्यमंत्री के सचिव सदस्य रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बच्चों को जिंदगी देने वाली इस योजना की प्रकरणवार मॉनिटरिंग करें। योजना की संभाग स्तर पर गठित समितियों की नियमित बैठक हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये कि संभागीय स्तर पर चिन्हांकित बच्चों की सूची प्रत्येक जिले के कलेक्टरों और महिला एवं बाल विकास अधिकारियों को दी जाये। यह सुनिश्चित किया जाये कि बच्चों के हृदय की शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ और अनुभवी चिकित्सकों से ही करवायी जाये।
बाल हृदय उपचार के बारे में मेडिकल कॉन्फ्रेंस
बताया गया कि बाल हृदय उपचार योजना के संबंध में भोपाल में राष्ट्रीय मेडिकल कॉन्फ्रेंस आयोजित की जायेगी। कॉन्फ्रेंस में देश के वरिष्ठ विशेषज्ञ शल्य चिकित्सकों को बुलाया जायेगा। काँन्फ्रेंस में बाल हृदय उपचार की नवीनतम तकनीकों तथा उपकरणों के बारे में जानकारी दी जायेगी।
38 बच्चों को मिली जिंदगी
बैठक में बताया गया कि योजना के तहत विभिन्न जिलों में 594 हृदय रोग से प्रभावित बच्चों को चिन्हांकित किया जा चुका है। इसमें से 97 बच्चों की सर्जरी के लिये राशि स्वीकृत की जा चुकी है तथा 38 बच्चों के ऑपरेशन किये जा चुके हैं। उपचार के लिये प्रदेश के 11 और प्रदेश से बाहर के 5 चिकित्सा संस्थानों को चिन्हांकित किया गया है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री दीपक खांडेकर, नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन एवं प्रभारी स्वास्थ्य आयुक्त श्री अश्विनी कुमार राय, मुख्यमंत्री के सचिव श्री एस.के.मिश्रा और श्री विवेक अग्रवाल और निदेशक चिकित्सा शिक्षा श्री एच.सी.तिवारी भी उपस्थित थे।

घोर घोर रानी ’ का प्रदर्शन अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोह में

जनसम्पर्क संचालनालय मध्यप्रदेश द्वारा निर्मित लघु फ़िल्म ‘ घोर घोर रानी ’ का प्रदर्शन बैंगलुरू में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोह ‘ वाइसेस फ्रॉम वॉटर्स ’ में किया जाएगा। यह समारोह 26 से 28 अगस्त 2011 तक चलेगा। समारोह में पानी और स्वच्छता से जुड़े मुद्दों पर बनी फ़िल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। ‘ घोर घोर रानी ’ में मध्यप्रदेश के ‘पानी रोको अभियान ’ का संदेश बच्चों के पारंपरिक लोकप्रिय खेल की संगीतमय प्रस्तुति के साथ सहज रूप से दिखाया गया है। फ़िल्म का निर्देशन सुनिल शुक्ल ने किया है। फ़िल्म की परिकल्पना कवि-कथाकार ध्रुव शुक्ल ने की है।

बस हादसे में मरे लोगों के परिजनों को मिली लाठियां



सेंधवा में रविवार को बस में आग लगाए जाने पर मारे गए लोगों के परिजनों ने सोमवार को चक्का जाम कर दिया। परिजनों की माग थी कि बस में आग लगाने वालों को गिरफ्तार कर उन्हें कड़ी सजा दी जाए। पुलिस ने चक्का जाम कर रहे लोगों पर लाठिया भाजकर उन्हें खदेड़ दिया। मुख्यमंत्री ने मृतकों के घर पहुंचकर परिजनों को ढाढस बंधाया और सहायता राशि बढ़ाने की घोषणा की।
सेंधवा में बस में आग लगाने की घटना में मारे गए लोगों के परिजनों ने सेंधवा में हंगामा किया। मृतकों के परिजनों ने सेंधवा में एबी रोड पर चक्का जाम कर दिया। मृतकों के परिजन पुलिस से माग कर रहे थे कि हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उनको कड़ी सजा दी जाए। परिजनों की नाराजगी इस बात से भी थी कि घटना के बाद पुलिस दूसरे दिन भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई। पुलिस की समझाइश के बाद जब लोग अपनी माग पूरी होने तक हटने को तैयार नहीं हुए तो चक्का जाम कर रहे लोगों को पुलिस ने लाठियां भाजकर खदेड़ दिया और 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
दोपहर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मृतकों के परिजनों से मिलने पहुंचे। हादसे में सभी मरने वालों को जिला प्रशासन ने 1-1 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की थी। जिसे मुख्यमंत्री ने बढाकर 2-2 लाख रुपये कर दिया। साथ ही, घटना के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस में आग लगाकर यात्रियों की हत्या करने वाले दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। इस वीभत्स हत्याकाड की विस्तृत जांच करवाकर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से संलग्न पाए गए दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने घटना में मृत 10 यात्रियों में से 6 यात्रियों की सेंधवा में होने वाली सामूहिक अंत्येष्टि में पहुंचकर मृतकों की आत्मा को शाति प्रदान करने की प्रार्थना भी की। इससे पहले उन्होंने घटना-स्थल का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में एक दरवाजे की बसों को प्रतिबंधित करवाने की कार्रवाई करने की घोषणा भी की। उन्होंने स्थानीय जन-प्रतिनिधियों द्वारा बसों के परमिट में नियमों का पालन नहीं करने से बस आपरेटरों के मध्य सवारियों को लेकर प्रतिदिन होने वाले वाद-विवाद की जानकारी देने पर परिवहन आयुक्त को प्रदेश में जारी परमिटों का सूक्ष्म परीक्षण करने के भी आदेश दिए।
चौहान ने बालसमंद बैरियर पर ही मुख्य सचिव अवनि वैश्य, पुलिस महानिदेशक एस.के. राउत, परिवहन आयुक्त एस.एस. लाल, इंदौर संभागायुक्त प्रभात पाराशर, आईजी इंदौर अनुराधा शकर, बड़वानी कलेक्टर श्रीमती तिवारी, बड़वानी पुलिस अधीक्षक आर.एस. मीणा के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए।

Monday, August 22, 2011

अन्ना हजारे के व्यक्तित्व की उपासना से बचना चाहिए : प्रशांत भूषण (साक्षात्कार)





Interviewee : प्रशांत भूषण
Interviewer : आईएएनएस
Interview Date : 21,August,2011
नई
दिल्ली ! हजारों लोग इन दिनों प्रतिदिन रामलीला मैदान पहुंच रहे हैं। उनकी उम्मीदें बस एक ही शख्स पर टिकी हुई हैं और वह हैं अन्ना हजारे।
लेकिन टीम अन्ना के सदस्य प्रशांत भूषण महसूस करते हैं कि भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को 'वैयक्तीकरण' से बचाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता अपने जन लोकपाल विधेयक पर पड़ी सिलवटों को मिटाना चाह रहे हैं।
भूषण ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा, ''मैं व्यक्तित्व पर अधिक जोर देने के पक्ष में नहीं हूं। अन्ना हजारे के नाम पर आंदोलनके व्यक्तित्व की उपासना से बचना चाहिए।''
जन लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने वाली समिति में शामिल वकील ने कहा, ''लोगों का ध्यान अन्ना पर केंद्रित है, क्योंकि राजनीतिक नेतृत्व उनकी जरूरतों को पूरा करने में नाकाम रहा है। राजनीतिक वर्ग ने अपनी भूमिका खो दी है। राजनेताओं पर से लोगों का विश्वास पूरी तरह उठ चुक है।''
इसी वक्त उन्होंने कहा, ''हमने इतने भारी समर्थन की उम्मीद नहीं की थी। हम जानते थे कि इस पर विचार किया जाएगा, लेकिन इस तरह का मंजर सामने आएगा, यह नहीं सोचा था। लोग महसूस करते हैं कि अन्ना हजारे सच्चे मन से आंदोलन का अलख जगाने वाले व्यक्ति हैं।''
रामलीला मैदान के दृश्य देखकर लोग घरों से निकल पड़ते हैं।
स्कूली छात्रों से लेकर वरिष्ठ नागरिक तक, सभी तिरंगा लहराते हुए और अन्ना हजारे की तस्वीर वाले बैनर लिए हुए रामलीला मैदान में पहुंच रहे हैं। समूचे मैदान में 'मैं भी अन्ना तू भी अन्ना अब तो सारा देश है अन्ना' के नारे से गूंज रहा है।
16 अगस्त को जेपी पार्क में अनशन के लिए जाने से पहले दिल्ली पुलिस ने जब 74 वर्षीय अन्ना हजारे को हिरासत में ले लिया था, तब हजारों समर्थकों को गिरफ्तार कर छत्रसाल स्टेडियम में रखा गया था।
रिहाई के बाद तिहाड़ जेल से लेकर रामलीला मैदान तक अन्ना हजारे के आगे और पीछे जुटी भारी भीड़ का जिक्र करते हुए भूषण ने कहा कि 'अन्ना की लहर' ने युवाओं की नब्ज पकड़ी जो 'राजनेताओं से तंग आ चुके हैं'।
इस आरोप का खंडन करते हुए कि अन्ना का आंदोलन सरकार के साथ 'ब्लैकमेल' है, भूषण ने कहा, ''यह कहना गलत है कि हम अपनी राह या राजमार्ग को अखाड़ा बना रहे हैं।''
सामाजिक संगठन के आंदोलन का हिस्सा बने वयोवृध्द अधिवक्ता और पूर्व विधि मंत्री शांति भूषण के बेटे प्रशांत भूषण ने कहा, ''हमने जो राह अपनाई है उसकी कुछ वर्ग द्वारा की जा रही आलोचना के प्रति हम सचेत हैं, लेकिन यह इस पर निर्भर करता है कि अनशन को आप किस रूप में देखते हैं। जिस वजह को लेकर हम अनशन कर रहे हैं, वह न्यायसंगत है। हम सरकार के कपाल पर बंदूक नहीं रख रहे हैं, बल्कि कह रहे हैं कि हमारी मांगें पूरी करो।''
भूषण ने कहा, ''यदि हमारे विधेयक में खोट है तो वह दूर होगा, हम ऐसा करेंगे। स्थायी समिति को जन लोकपाल संसद में पेश करना चाहिए।''
उन्होंने कहा, ''अन्ना हजारे को सीधे तौर पर स्थायी समिति में बुलाना अब व्यवहारपूर्ण विकल्प नहीं है। हमें देखना है जन लोकपाल विधेयक के सम्बंध में क्या निर्णय लिया जाता है।''

भोपाल के बाद अब जबलपुर में सांप्रदायिक हिंसा

रविवार को कुछ असामाजिक तत्व अपने मंसूबे में सफल हो गए। जबलपुर में एक धार्मिक जुलूस पर पथराव के बाद भड़की हिंसा में एक दर्जन लोग घायल हुए हैं। वहां आगजनी की भी खबरें हैं। छह इलाकों में धारा 144 लगाकर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं।
जबलपुर में रविवार को बजरंग दल ने जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा जब ओमती थाना क्षेत्र के करमचंद चौक पर पहुंची तो एक पक्ष ने इस पर पथराव कर दिया। पथराव के बाद उत्तेजित भीड़ ने आगजनी शुरू कर दी। दोनों पक्षों के बीच हुई आमने-सामने की लड़ाई में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालांकि पुलिस ने मुस्तैदी से कार्रवाई करते हुए स्थिति को संभाल लिया। वहां के छह थाना इलाकों ओमती, हनुमानताल, लार्डगंज, कोतवाली, गोहलपुर और गोरखपुर में धारा 144 लगाई गई है। घटना के बाद से जबलपुर के बाजार बंद हो गए हैं। इससे पहले पिछले एक महीने से भोपाल में सांप्रदायिक तनाव की कोशिशें की जा रही थीं। रात को बाजार बंद कराने गई पुलिस पर पथराव और बाइक से कीचड़ उचटने पर लोगों के घर जलाने, हवाई फायरिंग व पुलिस पर हमले की वारदात हुई थी। हिंसक भीड़ के पथराव में पुलिस अधीक्षक अभय सिंह की एक आंख जा चुकी है। वह अभी भी चेन्नई के शंकर नेत्र चिकित्सालय में भर्ती हैं। पुलिस उनकी साजिश के नेटवर्क का पता कर रही है।

शिवसेना पगला गई



शिवसेना नाम की पार्टी का जब तक अस्तित्व रहेगा वह क्षेत्रीय पार्टी ही रहेगी । क्षेत्रीय पार्टी भी तब तक जब तक भाषा - प्रान्त पर ही राजनीती करेगी । देश के विकास में शून्य साबित हो चुकी यह पार्टी देश में अब राष्ट्रपति शासन की मांग कर रही है । क्यों भैया ? क्या देश में अराजकता फ़ैल गई है ? या हालात बेकाबू हो गए है ? अन्ना और देश का आम आदमी ऐसा प्रदर्शन कर रहे है जिससे दुनिया को यह सीख मिलेगी की अनशन कैसे किया जाता है । गांधीवाद भारत में जिन्दा है और हमेशा जिन्दा रहेगा । सबकुछ शांतिप्रिय ढंग से हो रहा है शायद इसलिए ही शिवसेना को यह रास नहीं आ रहा है , क्यों अभी तक वह खुद को इस जनांदोलन से नहीं जोड़ पाई है ? लगता है वह झगडा देखना चाहती है तभी तो वह राष्ट्रपति शासन की मांग कर देश के लोकतंत्र को दफ़नाने की वकालत कर रही है । मुंबई और महारास्ट्र के कई शहरो से शिवसेना की रोजी रोटी कैसे चलती है यह महारास्ट्र के नागरिक अच्छी तरह से जानते है । सावधान , आग में घी डालने वाले आ रहे है ।

हर एक फ्रेंड जरुरी होता है



घडी घडी कुछ शेयर करे , दोस्तों की बात पर कमेन्ट कभी कभी करे , अपने द्वारे वह सबको चाहे , खुद किसी के द्वार न जाये , ऐसा है हर फ्रेंड यहाँ पर फिर भी जरुरी है फ्रेंड यहाँ पर , कुछ न कहे फिर भी तो सुन लेता है वो , रोज रोज नहीं .. कभी तो थोडा संग हो लेता है वो ..जिंदगी के हर मोड़ पर हर एक फ्रेंड जरुरी होता है ।

Sunday, August 21, 2011

कटनी में भ्रस्टाचार के विरोध में धरने पर बैठे लोग





पुलिस एफ आई आर पर तुरंत कार्यवाही करे - शिवराज सिंह चौहान

भोपाल - शिवराज सिंह चौहान ने पुलिस को आमजन के साथ मित्र के समान व्यवहार करने की सलाह दी है। चौहान का मानना है कि मित्रतापूर्ण व्यवहार से आम आदमी खुलकर अपनी बात कह सकेगा। पुलिस एफआईआर पर तुरन्त और प्रभावी कार्रवाई करे। वे शनिवार को रायसेन, शाजापुर, शहडोल और पन्ना के कलेक्टरों व पुलिस अधीक्षकों से वीडियो कांफ्रेंसिंग पर चर्चा कर रहे थे। चौहान ने साफ शब्दों में अपने अफसरों से कहा कि एफआईआर दर्ज करने में किसी प्रकार की हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे समाज के विभिन्न समुदायों और ग्रामों के साथ सीधा संवाद बनाए रखें और क्षेत्र की सतत निगरानी करें। आमजन को परेशान करने वालों के विरुद्ध बिना किसी विलंब और विचार के तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री चौहान ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की व्यवस्था को दोष रहित बनाने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-समस्याओं के समाधान में कसावट लाई जाए। किसी भी व्यक्ति को समाधान के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़े।


आम आदमी से संसद, संसद में अब आम आदमी नहीं



आम आदमी ही देश का असली मालिक है उसने अपने सेवको को संसद में भेजा, मालिक सो गया तो सेवक फिर मालिक बन बैठा । अन्ना ने आम आदमी को फिर उसकी ताक़त का एहसास करा दिया , यह अनशन अब लोकपाल भर का नहीं है यह आम आदमी को जगा जुका है । अन्ना अब आम आदमी का चेहरा है । इससे पहले इतिहास में पढ़ा गया की जनक्रांति कैसी होती है , आज देख लिया है की ऐसी होती है ।



सरकार काएदे कानूनों की बात भर करती है , देश में कानूनों की कैसे धज्जिया उड़ती है यह किसी से छिपा नहीं है । सरकार चाले चलती नज़र आती है , एक अरुणा रॉय नाम की कथित सामाजिक कार्यकर्ता अपना लोकपाल बिल लाकर आ गयी है । कोन है यह अरुणा रॉय ? अब तक कहा थी ? सरकार को अन्ना टीम से खुद बात कर जन लोकपाल पर खुली बहस करनी चाहिए , क्यों आम आदमी से बात करने में उसके अहम् सामने आ रहा है । अब वह अपने आपको सेवक नहीं मालिक समझ चुकी है , आम आदमी से ही संसद है न की संसद से आम आदमी । आम आदमी बनाम सरकार की यह लड़ाई है जिसमे आम आदमी की ही जीत में मेरी जीत है, आपकी जीत है, देश की जीत है । जय हिंद ।

Saturday, August 20, 2011

मेरा एक कवि मित्र कई दिनों से गायब है


मेरा एक कवि मित्र पिछले कई दिनों से गायब है ... वैसे वो पुलिस वाला है ...शायद उसने अपना कवि ह्रदय छोड़ दिया हो .... अब वो सिर्फ पुलिस हो लिया हो ... तब तो नहीं ही मिलेगा ... उस कवि को तो पुलिस ढूंड लेती ... पुलिस वाले को कहा ढूंढे ... हो सकता है उसने शादी कर ली हो ....हमें दावत न देनी पड़े इसलिए कही जा छुपा हो ...इस तरह के कई आते है मन में विचार .... मेरे मित्र तुम जहा भी हो यह सन्देश पड़ते ही आ जायो ...तुम्हारी विरह में आधा हो गया हू ।

चमकते चौराहों को अब चमकाती क्यों अँधेरा नही भगाती ये मोमबतिया





शहर के चमकते चौराहों , चमकती सडको पर शहर के लोगो को हाथ में आये दिन मोमबत्ती लिए देखकर यह एक सुपरहिट विचार आया की क्यों न मोमबत्ती का कारखाना ही लगा लू । शहर को भी इसकी आदत पड़ गयी अँधेरा भगाने के लिए नही .... उजियारे चौराहों को और चमकाने की , है न फाएदे का काम यह सोचकर में खुश हुआ पर मेरे एक शहरी मित्र को यह पसंद नही आया फिर उसने ही मुझे यह शहरी राज बताया की अबे इसे रोज रोज कोई नही लेगा ... इसका सीजन चलता है ... मौका रहता है । मैंने कहा यार गाँव के कई घरो में रात को रौशनी नही रहती ... हो सकता है मेरी मोमबत्तिया खरीदकर लोग इन्हें देने लगे ... मेरा मित्र जोर से हँसा और कहा ... यह विशेष मोमबत्तिया रहती है , यह अँधेरा नही भगाती ... यह बस चमकते चौराहों को ही चमकाती है ... फिर भी मेरा जोश इन मोमबत्तियो की संख्या देख कायम है ...आप मेरे पार्टनर बन जाए तो हम मिलकर मोमबत्ती का कारखाना लगाये ... कमाई आधी आधी ... डिमांड देखकर तरह तरह की मोमबत्तिया बनाये ... आयो कुछ कर दिखाए ।

Friday, August 19, 2011


पुरुष का काम सिर्फ पाना है , इसलिए कोई ऊँगली नहीं उठती , और स्त्री का काम सिर्फ दुसरो को देते रहना है और देने वाले जब कुछ पाने चाहते है तो वह पुरषों को अमर्यादित लगता है ... मांगने वाले से देने वाला बड़ा है ..और जो बड़ा है उसे ही दुसरो के लिए अपना कुछ छोड़ना पड़ता है

Thursday, August 18, 2011

अज्ञानता अंधकार की निशानी है - ज्ञान उजाले का

Tuesday, August 16, 2011

कांग्रेस सरकार ने आत्महत्या कर ली, लाश का जनाजा चुनावो में



देश के हालात को आँखों से देखने - कानो से सुनने , महसूस करने से यह साबित हो गया की केंद्र की कांग्रेस गठबंधन वाली सरकार ने आत्महत्या कर ली है । शीर्ष कांग्रेस नेतृत्व में बुधिहीन नेताओ की हठधर्मिता के कारण ही उसे यह कदम उठाना पड़ा है । पूर्व प्रधानमंत्री स्व राजीव गाँधी भी कहते थे की एक रुपया केंद्र से भेजने पर पंद्रह पैसे ही जनता तक पहुच पता है इसके बाद भी कांग्रेसियो ने जनता के हित की नहीं सोची । जनता में आक्रोश का घड़ा भरता रहा और कांग्रेस को लगता रहा की वह देश की ठेकेदार है इसी वजह से उसके नेताओ की बुधि मंद और कुंद पड़ गयी । अन्ना हजारे द्वारा इतने दिनों पहले दी गयी चेतावनी को गंभीरता से नही लिया गया अफ़सोस गांधीवादी अन्ना हजारे की सोच को कांग्रेस अपना नही सकी । जनता कितनी भ्रस्टाचार से तंग है उसे यह समझ में ही नही आ पाया । कांग्रेस ने अब आत्महत्या कर ली है आगामी लोकसभा चुनावो में उसकी लाश का जनाज़ा भी निकलेगा , तब इसके बुधिहीन नेताओ को इस आत्महत्या का सर्टिफिकेट भी मिल जायेगा ।


सर जो तेरा चकराए दिल डूबा जाये आजा प्यारे पास हमारे काहे घबराये

तुम्हारी रहमत से ही मेरा सोभाग्य



मेरे सतगुरु बाबाजी आपने अपने अंश को मुक्ति दे दी है .... में कैसे आपका शुक्रिया अदा करू ...करोडो जुबान भी हो करोडो आँखे हो ....तब भी में तिल भर तुम्हारा शुक्रिया वंदना नहीं कर सकता .....तुम्हारी रहमत से ही मेरा सोभाग्य बना है ....तुम जो मिल गए हो ।

Monday, August 15, 2011

मेरी स्वतंत्रता मना रहे हो ... मेरी भी तो सुनो



परतंत्र से स्वतंत्र हुए मुझे आज ६४ वर्ष हो गए ... मुझे यह कहने में कोई शर्म नहीं की में सिर्फ शरीर यानि सिर्फ भोगोलिक रूप से ही अपने आपको बस स्वतंत्र पता हू ..... मेरी आत्मा अभी तक कैद है उसे आज़ादी मिली नहीं ... इसलिए ही अभी तक अधूरा हू ... मेरा एक अंग दूसरे अंग को काटता है .... एक हिस्सा दूसरे हिस्से की बात नहीं मानता ....मेरा खून अब नाड़ियो से ज्यादा नालियो में बहता है ... फिर भी जिन्दा हू ... जब मेरी आत्मा कैद से निकल कर अपने असल रूप को देख लेगी ... में जीने लगूंगा... सही कह रहा हू .... मेरा विश्वास तो करो । अच्छा फिलहाल चलता हू । आपको मेरे स्वतंत्रता दिवस की बधाई ॥ मुझे अगले साल भी यूहि प्यार करना ।

Saturday, August 13, 2011

में ऐसा ही हू


बिजली के मीटर पर चुम्बक रखता हू ... रेल के आरक्षित डिब्बे में साधारण टिकट पर यात्रा करता हू ...आयकर तो क्या सेल टैक्स नहीं भरता हू ...सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का केस चल रहा है ...माँ को वृधाश्रम भेज दिया है ....भाई से पटती नहीं ... पड़ोसिओ से झगडा है ... शौपिंग माल से ब्रांडेड सामान ही खरीद करता हू .... तन्खा कम है लेकिन कैसे भी जुगाड़ बना लेता हू , "जुगाड़ "समझ गए न ..... वैसे में भी भ्रस्टाचार के खिलाफ हू , यकीन न हो तो मुझे देख लो .... में भी अन्ना के साथ हू । अच्छा नमस्ते चलता हू ।

में तो रोज रक्षा बंधन निभाता हु




आज रक्षा बंधन सभी मना रहे है अपनी अपनी बहनों से सभी राखी बंधवा कर उन्हें कुछ न कुछ जरूर देंगे में भी कुछ मुट्ठी भर पैसे कमा लू तो ही तो घर जाऊ...क्या करू रक्षा बंधन तो वैसे ही सारा साल मनाता हू.... अपने बीवी बच्चो का पेट भरने का बंधन है मुझ पर ....बेटियों की शादी भी करनी है...मेरी बहन अपने ससुराल में है ....राखी भेज दी है...जब आएगी ...कुछ उसे भी दूंगा ...आज बारिश भी बहुत है...आपसे बात ही करता रहूँगा तो ..परिवार का रक्षा बंधन कैसे पूरा करुगा ।

Friday, August 12, 2011

भारतीय अनाथ रेल मंत्रालय

रेल मंत्रालय इन दिनों अनाथ हो गया है जबसे रेल मंत्री ममता बेनर्जी बनी तो वह पश्चिम बंगाल के चुनावो में ही व्यस्त रही बाद में एक विजय त्रिवेदी नाम का कोई दूसरा रेल मंत्री देश पर थोप दिया गया है । जिसका काम सिर्फ ओपचारिक भर रह गया है । गाडी के समय की पुछ्ताशके लिए एक घटिया सेवा १३९ की है । जिसमे पुछ्ताश में बहुत समय ख़राब होता है । इसमें सिर्फ कंप्यूटर पर आधारित जानकारी ही दी जा रही है , अनुमानित आगमन समय बता दिया जाता है जबकि गाडी वास्तिविकता में लेट चल रही होती है । हर रेलवे स्टेशन से अब सामान्य पुछ्ताश सेवा समाप्त होती जा रही है और सिर्फ १३९ को ही रेलवे चलन में लाना चाह रहा है । इस समस्या से यात्री रोजाना सामना करते है लेकिन रेलवे अपनी मन मानी कर रहा है । यह तो सिर्फ एक उदहारण भर है यह बताने का की रेलवे मंत्रालय अनाथ हो गया है इसलिए अब यात्रिओ को समस्याओ का सामना करने की आदत डालनी चाहिए .

दो बोल मीठे

दो बोल मीठे बोल के सुख सबको दिया करे ..जीवन बड़ा अनमोल है इसे हर पल जिया करे ..बोली बने मधुर अगर मन में मिठास हो ..करनी व कथनी एक हो, वो जीवन जिया करे ..दो बोल मीठे बोल के सुख सबको दिया करे ।

Wednesday, July 06, 2011

समदडिया बिल्डर नियम काएदे से ऊपर है बीजेपी का साथ जो है



मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जिस तरह से नगर निगम और टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अधिकारिओ की जानबूझकर अनदेखी से मिनाल माल का अवेध निर्माण हो गया और अब उसके टूट जाने से सेंकडो लोग सड़क पर आ चुके है । कुछ इसी तरह से कटनी शहर के माधव नगर में जबलपुर के पूंजीपति अजीत समदडिया द्वारा बनाई जा रही कालोनी का भी हो सकता है । सबसे पहले तो उसने कटनी की गौशाला कमेटी के करता धर्ताओ से मिली भगत कर यहाँ की जमीन हथियाई है अब उनके द्वारा बनाई जा रही कालोनी सभी नियम कायदों को ताक पर रख कर बनाई जा रही है । पहली अनियमितता । टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग से स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण न करा प्लाट बेचे जा रहे है , नियम के अनुसार पांच साल तक निर्माण करना था , नियम के अनुसार ऐसा होने पर स्वीकृति रद्द मानी जाती है । दूसरी अनियमितता । कमजोर आय वर्ग के किये कोई भी फ्लैट नहीं रखा गया है । तीसरी अनियमितता । नक्शे में स्वीकृत बग़ीचे की जगह की प्लाटिंग की जा रही है । चौथी अनियमितता जिसमे नगर निगम और जिला पंजीयक भी अच्छी तरह से जानते है । १३७ फ्लेट्स बिल्डर ने नगर निगम में बंधक रखे है जिसे निर्माण पूरा होने पर उसे वापस मिलेंगे , नगर निगम ने इसकी आम सुचना सिर्फ कागजो में सिमित रखी जबकि यह फ्लेट्स बिल्डर द्वारा बेचे जा चुके है । जिला पंजीयक कहते है हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है की कोन से फ्लेट्स बंधक है ।यहजनता के साथ धोखा है । यह सब यहाँ इसलिए भी संभव हो रहा है क्योकि इस बिल्डर की बीजेपी की नेताओ मंत्रियो से अच्छी गहरी व्यापारिक दोस्ती है जिस कारण इस बिल्डर की कोई भी अनियमिता कोई भी विभाग जानबूझकर देखना ही नहीं चाहता है । इसलिए में यहाँ के नागरिको को लेकर चिंतित हूँ क्योकि आगे चलकर कोई भी बखेड़ा खड़ा होगा तो परेशान तो यही के लोग होंगे जैसे आज मीनल को लेकर लोग परेशान है ।

Wednesday, June 29, 2011

अस्पताल में लापरवाही से एक औरत और उसके पेट का बच्चा मर जाये किसी को फर्क नहीं पड़ता

जब किसी महिला को बलात्कार और जुल्म कर उसे मार दिया जाता है तो सब इसे लेकर बड़ा दुःख जताते है लेकिन जब कोई महिला और उसके पेट का बच्चा मात्र सरकारी अस्पताल के डाक्टरों की लापरवाही से मर जाए तो क्या किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता । एक और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान महिलाओ के सुरक्षित प्रसव हेतु जननी सुरक्षा के ढिंढोरा पीट रहे है वही स्वास्थ विभाग का लापरवाह अमला महिलाओ व् शिशुओ को अकाल मौत के मुह में धकेल रहा है । २७ जून को कटनी में इसी तरह की घटना हुई है । पास के ही गाँव झलवारा निवासी भारत राजसिंह गोंड की २२ साल की पत्नी कुसुम को जब सुबह प्रसव दर्द शुरु हुआ और तो उसे अस्पताल जाने की लिए जननी सुरक्षा वाहन ही नहीं मिला .इस कारण उसे ट्रेन से कटनी लाकर प्रसव हेतु सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया । १ घंटे के बाद महिला का इलाज शुरु हो सका । जांच पड़ताल में मालुम हुआ की बचा पेट में मर चूका है और फिर बाद में उसका प्रसव कराया गया । कुसुम अस्पताल में इलाज के लिए तड़पती रही लेकिन उसकी एक नहीं सुनी गयी उसके साथ डाक्टरों ने अभद्रता भी की । इलाज के अभाव में वह तड़पती रही और उसकी मौत हो गयी। परिजनों ने आरोप लगाया है की अस्पताल में समय पर महिला का प्रसव नहीं कराया गया और लापरवाही के कारण उसके बच्चे के सर में घातक चोट लगने के कारण उसकी अकाल मौत हो गयी । परिजनों के अनुसार नवजात के सर से खून बह रहा था उसके बाद महिला का भी इलाज नहीं किया गया इसी कारण उनकी अकाल मौत हो गई ।इसके आगे अब कुछ भी नहीं लिखा जाता है क्योकि में भी बाल बच्चे वाला हूँ ।